रविचंद्रन अश्विन एक बार फिर भारत के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं © Getty Images
रविचंद्रन अश्विन एक बार फिर भारत के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं © Getty Images

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच बुधवार से राजकोट में खेला जाएगा। पिछली टेस्ट सीरीज में न्यूजीलैंड को 3-0 से हराने के बाद भारत के इरादे सातवें आसमान पर हैं। लेकिन इतिहास पीछे छूट जाता है। भारत को इंग्लैंड के खिलाफ नए सिरे से आगाज करना होगा। चुंकि इंग्लैंड ने अपने पिछले भारत दौरे में भारत को टेस्ट सीरीज में मात दे चुकी है ऐसे में भारत के लिए ये चुनौती और मुश्किल हो सकती है। लेकिन इंग्लैंड से हार का बदला लेने के लिए भारतीय टीम पूरी तरह से तैयार है। वैसे तो भारतीय टीम का हर खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से अंग्रेजों को धूल चटाने को बेताब होगा लेकिन आज हम आपको बताएंगे भारतीय टीम के उन पांच खिलाड़ियों के बारे में जनके ऊपर टिका होगा टीम को जिताने का दारोमदार। तो आइए जानते हैं कौन हैं वो पांच खिलाड़ी।

5. रविंद्र जडेजा: न्यूजीलैंड सीरीज की ही तरह इंग्लैंड के खिलाफ भी रविंद्र जडेजा भारतीय टीम के तरकश के बहुमूल्य तीर साबित हो सकते हैं। रविंद्र जडेजा की बात करें तो जडेजा ने अब तक खेले गए 20 मैचों में 85 विकेट हासिल किए हैं। अश्विन का बेस्ट 138 रन देकर 6 विकेट रहा है। जडेजा ने मैच में ‘दो बार चार’ और ‘पांच बार पांच’ विकेट चटकाए हैं। वहीं घरेलू सरजमीं पर खेलते हुए जडेजा ने 12 मैचों में 64 विकेट हासिल किए हैं। इस दौरान जडेजा ने ‘चार बार पांच विकेट’ लिए हैं। वहीं कीवी टीम के खलिाफ पिछली सीरीज में जडेजा ने 14 विकेट लिए थे। इंग्लैंड के खिलाफ जडेजा के प्रदर्शन की बात करें तो इंग्लैंड के खिलाफ जडेजा ने पांच मैचों में 12 विकेट चटकाए हैं। हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ जडेजा उतने असरदार साबित नहीं हुए हैं लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखते हुए जडेजा टीम के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं। जडेजा से टीम को एक बार फिर से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद होगी। ये भी पढ़ें: चोटिल होने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए खेलने होंगे घरेलू मैच: अनिल कुंबले

4. गौतम गंभीर: गौतम गंभीर ने टीम में दो साल बाद वापसी की और अपने प्रदर्शन से साबित कर दिया कि टीम प्रबंधन ने उन्हें टीम से दूर रख भारतीय क्रिकेट का कितना नुकसान किया था। गौतम गंभीर को इंग्लैंड दौरे में फ्लॉप होने के बाद भारतीय टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। लेकिन गौतम गंभीर ने हार नहीं मानी और उसे एक सबक के तौर पर लेते हुए घरेलू मैचों और आईपीएल में अपने बल्ले से रन बनाने का सिलसिला जारी रखा। गंभीर ने कड़ी मेहनत करके एक बार फिर से भारतीय टीम में अपनी जगह बना ली है। लेकिन गंभीर को टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए बेहतरीन खेल दिखाना होगा।

गंभीर के टेस्ट करियर की बात करें तो गंभीर ने अब तक खेले गए 57 मैचों में 42 की औसत से 4,125 रन बनाए हैं। इस दौरान गंभीर ने 9 शतक और 22 अर्धशतक जड़े। गंभीर का सर्वोच्च स्कोर 206 रन रहा। पिछली सीरीज में कीवी टीम के खिलाफ गंभीर को एक टेस्ट खेलने का मौका मिला था, जिसमें उन्होंने एक पारी में अर्धशतक ठोक डाला था। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ गंभीर के प्रदर्शन की बात करें तो गंभीर इंग्लैंड के खिलाफ कुछ खास नहीं कर पाए हैं और इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए 11 मैचों में उन्होंने 36 की मामूली औसत से 739 रन बनाए हैं। इस दौरान गंभीर ने 1 शतक और 4 अर्धशतक लगाए हैं। और गंभीर का सर्वोच्च 179 रन रहा है। साफ है इंग्लैंड के खिलाफ गंभीर अपने बल्ले से करारा जवाब देने को तैयार हैं।

3. चेतेश्वर पुजारा: राहुल द्रविड़ के उत्तराधिकारी के रूप में टीम में खुद को साबित कर रहे चेतेश्वर पुजारा मैच दर मैच भारत की जरूरत बनते जा रहे हैं। चेतेश्वर पुजारा नंबर तीन पर खेलते हुए भारत के एक स्तंभ के रूप में उभरे हैं। पुजारा की प्रतिभा का लोहा हर कोई मानता है। पुजारा टीम के लिए खुद को बहुत उपयोगी साबित कर चुके हैं। ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ एक बार फिर पुजारा से टीम को ढेरों उम्मीदें होंगी।

पुजारा के टेस्ट करियर की बात करें तो पुजारा ने अब तक 38 टेस्ट मैचों में 49 की शानदार औसत से 2855 रन बनाए हैं। इस पुजारा ने 8 शतक और 10 अर्धशतक लगाए हैं, वहीं पुजारा का सर्वोच्च स्कोर 206 रनों पर नाबाद रहा है। पुजारा बेहतरीन फॉर्म में भी हैं। पिछली सीरीज में पुजारा पुजारा सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। इंग्लैंड के खिलाफ पुजारा के प्रदर्शन की बात करें तोइंग्लैंड के खिलाफ पुजारा ने 9 मैचों में 44 की औसत से 660 रन बनाए हैं और उनके करियर का सर्वोच्च (206) भी इंग्लैंड के खिलाफ ही आया है। पुजारा ने इंग्लैंड के खिलाफ 2 शतक और 1 अर्धशतक जड़ा है। साफ है पुजारा एक बार फिर अपना दम दिखाने को तैयार हैं।  ये भी पढ़ें: इंग्लैंड को हराने का ‘R-स्क्वॉयर’ प्लान

2. विराट कोहली: हाल ही में अपना 28 वसंत देख चुके विराट कोहली टीम के सेनापति हैं। और कहते हैं कि जितना अच्छा सेनापति होगा उतनी ही अच्छी उसकी टीम भी होगी। विराट कोहली टीम को आगे आकर उदाहरण पेश करते हैं जो उनकी सबसे बड़ी खासियत है। विराट कोहली ने टेस्ट में अपनी बेहतरीन कप्तानी से टीम को नंबर एक पर ला खड़ा किया है। अब जरूरत है तो नंबर एक पर बरकरार रहने की। विराट कोहली अभी तक अपनी कप्तानी में टेस्ट सीरीज हारे नहीं हैं और वह इस रिकॉर्ड को कायम रखना चाहेंगे।

विराट कोहली कप्तान तो अच्छे हैं ही साथ ही वह एक बेहतरीन खिलाड़ी भी हैं। विराट के टेस्ट करियर की बात करें तो विराट ने अब तक खेले गए 48 मैचों में 45 की औसत के साथ 3554 रन बनाए हैं। कोहली ने इस दौरान 13 शतक और 12 अर्धशतक लगाए हैं और उनका सर्वोच्च 211 रन रहा है। साफ है वनडे की तरह टेस्ट में भी कोहली अर्धशतकों को शतकों में तब्दील करते हैं। विराट कोहली ने अपना सर्वोच्च स्कोर पिछली सीरीज में कीवी टीम के खिलाफ बनाया था। इंग्लैंड के खिलाफ कोहली के प्रदर्शन की बात करें तो इंग्लैंड के खिलाफ कोहली ने अपने नाम के अनुरूप खेल नहीं दिखाया है, और अब तक खेले गए 9 मैचों में 20 की बेहद मामूली औसत के साथ मात्र 322 रन ही बनाए हैं। कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ एक ही शतक लगाया है और कोई अर्धशतक नहीं जड़ा। साफ है कोहली इंग्लैंड के खिलाफ अपने आंकड़ों को सुधारने के लिहाज से मैदान पर उतरेंगे और दिखा देंगे कि विराट कोहली होने के क्या मायने हैं।  ये भी पढ़ें: टेस्ट क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करने वाली 10 सबसे सफल टीमें

1. रविचंद्रन अश्विन: भारत के सबसे बेहतरीन फिरकी गेंदबाजों में से एक आर अश्विन टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज हैं। अश्विन टीम के लिए संकटमोचक हैं। जब भी टीम मुसीबत में होती है और टीम को विकेट की जरूरत होती है ऐसे में कप्तान को अश्विन ही याद आते हैं और अश्विन कप्तान को निराश भी नहीं करते। अश्विन के टेस्ट करियर की बात करें तो अश्विन ने अब तक खेले गए 39 टेस्ट मैचों में 24 की शानदार औसत से 220 विकेट चटकाए हैं। वहीं अश्विन का मैच में सर्वोच्च प्रदर्शन 59 रन देकर 7 विकेट रहा है। इस दौरान अश्विन ने मैच में 7 बार चार विकेट और 21 बार पांच विकेट प्राप्त किए हैं। आकड़ों से साफ है अश्विन किस कदर खतरनाक गेंदबाज हैं।

वहीं भारत में खेलते वक्त आर अश्विन और विकराल हो जाते हैं। भारत में खेले गए 22 मैचों में 153 विकेट झटके हैं। इस दौरान अश्विन ने 16 बार पांच विकेट प्राप्त किए हैं। अश्विन के करियर का सर्वोच्च भारत में ही बना है। वहीं पिछली सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ अश्विन ने कीवी बल्लेबाजों की कमर तोड़ कर रख दी। अश्विन ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 27 विकेट लिए थे। अश्विन ने पहले टेस्ट में 10, दूसरे टेस्ट में चार और तीसरे टेस्ट में 13 विकेट लिए थे। अश्विन भारत की तरफ से सबसे तेज 200 विकेट लेने वाले गेंदबाज बने थे। अगर इंग्लैंडे के खिलाफ आर अश्विन के प्रदर्शन की बात करें तो अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ 6 मैचों में कुल 17 विकेट हासिल किए हैं। इस दौरान अश्विन का सर्वोच्च प्रदर्शन 72 रन देकर 3 विकेट रहा है। तो अश्विन से भारतीय टीम को एकबार फिर से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद होगी।