गौतम गंभीर इंग्लैंड के खिलाफ अपनी बेहतरीन फॉर्म को जारी रखना चाहेंगे © Getty Images
गौतम गंभीर इंग्लैंड के खिलाफ अपनी बेहतरीन फॉर्म को जारी रखना चाहेंगे © Getty Images

साल था 2014 जगह थी ओवल, भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड के दौरे पर थी। इंग्लैंड टीम ने भारत से सीरीज जीत ली थी। सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम के कई खिलाड़ियों पर हार का ठीकरा फोड़ा गया और जिसके कारण कई खिलाड़ियों को टीम से बाहर भी कर दिया गया। उन्हीं खिलाड़ियों में से एक थे भारत के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर। गौतम गंभीर इंग्लैंड दौरे पर बुरी तरह विफल साबित हुए थे और मैनचेस्टर टेस्ट की दोनों पारियों में गंभीर ने 4, 18 और ओवर टेस्ट की दोनों पारियों में 0, 3 का स्कोर किया था। जिसके बाद चयनकर्ताओं ने गंभीर के घटिया प्रदर्शन को देखते हुए उनके लिए भारतीय टीम के दरवाजे बंद कर दिए थे।

लेकिन कहते हैं इतिहास खुद को दोहराता है और की हुई गलती को सुधारने का मौका भी देता है। अब साल है 2016 इंग्लैंड की टीम भारत दौरे पर है। और दौरे से ठीक पहले गौतम गंभीर भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे हैं। पहला टेस्ट राजकोट में खेला जाना है और जब गौतम गंभीर सफेद जर्सी में अंग्रेजों के खिलाफ बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे तो वह उस लम्हे को भूले नहीं होंगे कि किस तरह इंग्लैंड की वजह से उन्हें भारतीय टीम से हाथ धोना पड़ा था। उनके जेहन में ये बात बखूबी होगी कि इंग्लैंड ही वो टीम थी जिसकी वजह से गंभीर को चीम इंडिया से 2 साल का वनवास झेलना पड़ा। ऐसे में गंभीर के दिमाग में सिर्फ एक ही बात चल रही होगी और वो है ‘बदला लेना’।  ये भी पढ़ें: चोटिल होने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए खेलने होंगे घरेलू मैच: अनिल कुंबले

जी हां, गौतम गंभीर इंग्लैंड टीम से उस हर चीज बदला लेना चाहेंगे जिसकी वजह से गंभीर को दो साल तक टीम से बाहर रहना पड़ा, जिसकी वजह से एक समय लगा कि गंभीर का अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म हो गया है। गौतम गंभीर इंग्लैंड के खिलाफ अपने बल्ले से रन बरसाकर ये साबित करना चाहेंगे कि इंग्लैंड दौरे पर उनका फ्लॉप होना महज एक इत्तेफाक था। गंभीर को न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीजे के आखिरी टेस्ट में खेलने का मौका मिला था। जिसमें गंभीर ने दूसरी पारी में शानदार अर्धशतक जड़ा था, पहली पारी में भी वह अच्छी लय में दिख रहे थे। हाल ही में रणजी ट्रॉफी में भी गंभीर ने बेहतरीन पारियां खेलकर अपनी बेहतरीन फॉर्म के संकेत दिए हैं। साथ ही इंग्लैंड को इशारों-इशारों में एक संदेश भी दिया है कि वह इंग्लैंड को इस बार छोड़ने वाले नहीं हैं।   ये भी पढ़ें: इंग्लैंड को हराने का ‘R-स्क्वॉयर’ प्लान

गौतम गंभीर को इंग्लैंड दौरे में फ्लॉप होने के बाद भारतीय टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। लेकिन गौतम गंभीर ने हार नहीं मानी और उसे एक सबक के तौर पर लेते हुए घरेलू मैचों और आईपीएल में अपने बल्ले से रन बनाने का सिलसिला जारी रखा। गंभीर ने कड़ी मेहनत करके एक बार फिर से भारतीय टीम में अपनी जगह बना ली है। लेकिन गंभीर को टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए बेहतरीन खेल दिखाना होगा।

गंभीर के टेस्ट करियर की बात करें तो गंभीर ने अब तक खेले गए 57 मैचों में 42 की औसत से 4,125 रन बनाए हैं। इस दौरान गंभीर ने 9 शतक और 22 अर्धशतक जड़े। गंभीर का सर्वोच्च स्कोर 206 रन रहा। पिछली सीरीज में कीवी टीम के खिलाफ गंभीर को एक टेस्ट खेलने का मौका मिला था, जिसमें उन्होंने एक पारी में अर्धशतक ठोक डाला था। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ गंभीर के प्रदर्शन की बात करें तो गंभीर इंग्लैंड के खिलाफ कुछ खास नहीं कर पाए हैं और इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए 11 मैचों में उन्होंने 36 की मामूली औसत से 739 रन बनाए हैं। इस दौरान गंभीर ने 1 शतक और 4 अर्धशतक लगाए हैं। और गंभीर का सर्वोच्च 179 रन रहा है। साफ है इंग्लैंड के खिलाफ गंभीर अपने बल्ले से करारा जवाब देने को तैयार हैं।

गौतम गंभीर को चुनौती भरे दिन इंग्लैंड टीम की वजह से ही देखने को मिले थे। ऐसे में भारत दौरे पर आई इंग्लैंड टीम के खिलाफ गंभीर अपने बल्ले की धार तेज करने में लगे हैं। गंभीर ने रणजी ट्रॉफी में बेहतरीन पारियां खेली हैं और अब वह भारतीय टीम में भी इंग्लैंड के खिलाफ गरजने को पूरी तरह तैयार हैं। गंभीर इंग्लैंड के खिलाफ किसी भी गेंदबाज को रियायत नहीं देंगे और हर गेंदबाज की धुनाई करके अपने दिल में जल रही ज्वालामुखी को शांत करना चाहेंगे। ये भी पढ़ें: भारतीय टीम के ये पांच खिलाड़ी इंग्लैंड के खिलाफ दिलाएंगे टीम इंडिया को जीत

वैसे अगर गंभीर का बल्ला चलेगा तो ये भारतीय टीम के लिए भी अच्छा ही साबित होगा। क्योंकि गंभीर के साथ-साथ टीम इंडिया भी अपना बदला इंग्लैंड से लेना चाहेगी। दरअसल, इंग्लैंड ने अपने पिछले भारतीय दौरे में भारत को सीरीज 2-1 के अंतर से रहाकर गई थी। और अपने घरेलू मैदानों पर हार के कारण भारत को आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा था। ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज बदले के लिहाज से भी काफा अहम है।