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भारतीय टीम के इरादे पहले टेस्ट को जीतने के होंगे © Getty Images

भारत और इंग्लैंड के बीच बुधवार से पहला टेस्ट मैच खेला जाएगा। दोनों देशों के बीच पहला राजकोट में खेला जाना है। भारतीय टीम पहले टेस्ट में जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है। लेकिन भारत को इंग्लैंड टीम को हल्के में नहीं लेना होगा। ये वही इंग्लैंड टीम है जिसने अपने पिछले भारत दौरे में भारत को सीरीज 2-1 से हराकर धूल चटा दी थी। भारतीय टीम के कोच अनिल कुंबले ने भी अपने बयान में भारतीय टीम को चेतावनी जारी कर कहा है कि भारतीय टीम इंग्लैंड को हल्के में लेने की भूल कतई ना करे अन्यथा परिणाम उम्मीदों के मुताबिक भी हो सकता है। वहीं इंग्लैंड टीम के कोच ने भी अपनी टीम से कहा कि भारत से डरने की जरूरत नहीं है। साफ है दोनों तरफ से जुबानी तीर छोड़े जा रहे हैं, लेकिन आज हम आपको बताएंगे भारतीय टीम की उन कमजोरियों के बारे जिनकी वजह से टीम इंडिया को मिल सकती है हार। तो आइए नजर डालते हैं टीम इंडिया की उन कमजोरियों पर।

4. सलामी जोड़ी को लेकर चिंता:

भारतीय टीम की सबसे बड़ी चिंता है सलामी जोड़ी। न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में तीनों मैचों में भारत ने हर बार सलामी जोड़ी को बदला था। पहले मैच में जहां केएल राहुल और मुरली विजय ने पारी की शुरुआत की तो दूसरे टेस्ट में केएल राहुल के स्थान पर शिखर धवन और मुरली विजय ने पारी का आगाज किया, वहीं तीसरे और अंतिम टेस्ट में शिखर धवन की जगह गौतम गंभीर ने मुरली विजय के साथ पारी की शुरुआत की। सीफ है तीनों मैचों में मुरली विजय के जोड़दीर बदलते रहे। ये भी पढ़ें: पीएम नरेंद्र मोदी ने ब्रिटिश पीएम के सामने कप्तान एलेस्टर कुक की चुटकी ली

सलामी जोड़ी को लेकर चिंता यहीं खत्म नहीं होती, इसके बाद अगर हम भारत की शुरुआत पर नजर डालें तो पहले मैच की पहली पारी में भारत का विकेट सिर्फ 42 रनों पर गिर गया, तो दूसरी पारी में 52 रनों पर। दूसरे मैच की बात करें तो यहां पहली पारी में भारत का विकेट मात्र एक रन पर ही गिर गया और दूसरी पारी में सलामी जोड़ी ने सिर्फ 12 ही रन जोड़े। वहीं तीसरे मैच की पहली पारी में सलामी जोड़ी सिर्फ 26 रन ही जोड़ सकी तो दूसरी पारी में भारत का पहला विकेट सिर्फ 34 रनों पर गिया। आंकड़ों से साफ है कि भारत की सलामी जोड़ी भारत को अच्छी शुरुआत दिलाने में नाकाम रही है और तीनों मौकों पर मुरली विजय को एक अगल साझेदार मिला है।

लेकिन अगर हम मुरली विजय की बात करें जिन्होंने तीनों मैच खेले थे तो उनका प्रदर्शन भी काफी निराशाजनक रहा और उन्होंने छह पारियों में केवल 65, 76, 9, 7, 10 और 19 का स्कोर किया। पहले टेस्ट को छोड़ दें तो विजय का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। अब भारत को गौतम गंभीर और मुरली विजय से उम्मीद होगी कि दोनों मिलकर भारत को अच्छी शुरुआत दिलाएं।

3. मध्यक्रम के प्रदर्शन में अनिरंतरता:

मध्यक्रम किसी भी टीम के लिए रीढ़ की हड्डी के समान होता है। भारत के मध्यक्रम में भी दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ी हैं। चाहे वो चेतेश्वर पुजारा हों, अजिंक्य रहाणे हों या फिर विराट कोहली हों। अगर हम तीनों के प्रदर्शन पर अलग-अलग नजर डालें तो सिर्फ पुजारा ही एसे खिलाड़ी रहे जिनके प्रदर्शन में निरंतरता दिखाई दी। पुजारा ने पहले टेस्ट में ( 62, 78), दूसरे टेस्ट में ( 87, 4) और तीसरे टेस्ट में ( 41, 101) का स्कोर किया और साथ ही वह कीवी के खिलाफ खेली गई सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी थे। वहीं अगर हम रहाणे की बात करें तो रहाणे ने पहले टेस्ट में (18, 40), दूसरे टेस्ट में (77,1) और तीसरे टेस्ट में (188, 23 नाबाद) रन बनाए। हालांकि पहले टेस्ट के बाद रहाणे लय पकड़ते दिखे लेकिन इसके बाद वनडे सीरीज में एक बार फिर रहाणे का बल्ला खामोश हो गया। वहीं कोहली की बात करें तो कोहली ने पहले मैच में (9, 18), दूसरे मैच में (9, 45) और तीसरे टेस्ट में (211, 17) रन बनाए। अगर कोहली के एकमात्र दोहरे शतक को छोड़ दें तो उनका प्रदर्शन उनके नाम के अनुरूप नहीं रहा था। ऐसे में भारत को इंग्लैंड के खिलाफ अपने मध्यक्रम से ढेरों उम्मीदें होंगी।

2. पिच से स्पिनरों को जल्दी मदद नहीं मिलना:

पहला मैच राजकोट में खेला जाना है। उम्मीद की जा रही थी की राजकोट में भी पिच भारतीय स्पिन गेंदबाजों को मदद करेगी लेकिन सौराष्ट्र क्रिकेट ऐसोसिएशम के अध्यक्ष निरंजन शाह ने कहा कि भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले टेस्ट मैच की पिच पिछली बार की तरह नहीं होगी। हमने सभी मानकों के अनुरूप पिच को तैयार किया है और मुझे नहीं लगता कि मैच के पहले सत्र में स्पिन गेंदबाजों को पिच से उतनी मदद मिलेगी। हम मैच का नतीजा चाहते हैं और वो भी चौथे या पांचवें दिन। निरंजन शाह ने कहा कि हम नहीं चाहते कि मैच जल्दी खत्म हो जाए इसलिए हमने पिच को बल्ले और गेंद के बीच बराबरी के हिसाब से तैयार किया है। मैच के शुरुआती क्षणों से ही स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलनी शुरू नहीं होगी। ऐसे में भारतीय स्पिनर आर अश्विन और जडेजा अगर शुरुआत में विकेट निकालने में विफल रहे तो इंग्लैंड की टीम बड़ा स्कोर खड़ा कर सकती है और भारत को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।  ये भी पढ़ें: भारतीय टीम में वापसी के लिए कड़ी मेहनत कर रहा हूं: इरफान पठान

1. विराट कोहली की चिंता:

भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली के लिए चिंता सिर्फ भारत को जीत दिलाने या फिर बल्ले से अच्छा करने की ही नहीं बल्कि पहले मैच में सही टीम कॉम्बिनेशन के साथ उतरने की होगी। टीम में चार गेंदबाज खेलेंगे या फिर पांच। अगर चार गेंदबाज खेलेंग तो क्या तीन स्पिनरों के साथ भारत उतरेगा या फिर दो तेज गेंदबाज और दो स्पिन गेंदबाजों के साथ। वैसे पांच गेंदबाजों के साथ उतरने की संभावना ना के बराबर ही है। क्योंकि भारत के निचले क्रम में अश्विन तक रन बना सकते हैं और टेस्ट में उनके नाम भी शतक हैं। ऐसे में कोहली अगर चार गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरते हैं तो क्या वह अमित मिश्रा, आर अश्विन और जडेजा को टीम में खिलाएंगे या फिर पहले मैच में उमेश यादव-मोहम्मद शमी और स्पिन गेंदबाजी में अश्विन और जडेजा पर भरोसा करेंगे। ये कुछ सवाल होंगे जिनके जवाब विराट कोहली को ढूंढने होंगे।