India vs England: Kohli and men falter as final Test heads England’s way
Virat Kohli admitted that the Indian team needs to do some introspection. (Getty Images)

इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज के आखिरी मुकाबले में टीम इंडिया की आखिरी पारी लाजवाब रही। शतकीय साझेदारी हुई और बल्लेबाजों ने भी शतक बनाया जी हां, बल्लेबाजों ने शतक बनाया मतलब भारतीय पारी में एक से ज्यादा सैंकड़े जड़े गए। इन सबके बाद भी नतीजा वहीं रहा तो पूरी सीरीज में था।

अंत तो भला हुआ

जाते जाते सीरीज में इंग्लैंड के गेंदबाजों की पिटाई भी हुई और फ्लॉप ओपनर ने शतक भी बनाया। 37 रन का सर्वाधिक स्कोर रखने वाले लोकेश राहुल ने सीरीज की आखिरी पारी में 149 रन बना डाले।

लगातार आलोचना झेल रहे युवा रिषभ पंत ने भी दम दिखाते हुए एक शतक से कई रिकॉर्ड बना दिए।

सीरीज की 9 पारियों में साझेदारी को तरस रही भारतीय टीम को पहले शतकीय और उसके बाद दोहरे शतक की साझेदारी देखने को मिला।

लंबा स्कोर बनाने में संघर्ष कर रही टीम इंडिया ने सीरीज की आखिरी पारी में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया।

सबकुछ भला होता तो अच्छा होता

भारतीय टीम सीरीज में सम्मान तक नहीं बचा पाई। आखिरी टेस्ट में मैदान पर नजरें जमाने के बाद राहुल और पंत ने अपना विकेट गंवा दिया। दोनों बल्लेबाज वक्त गुजार लेते तो सीरीज का नतीजा 1-3 होता।

पूरी सीरीज में बेहतर गेंदबाजी करने वाली भारतीय इंग्लैंड के खिलाफ ओवल की तीसरी पारी में एलिस्टर कुक और जो रूट को नहीं रोक पाई।

पूरी सीरीज में शानदार बल्लेबाजी करने वाले कप्तान विराट कोहली ओवल टेस्ट की दूसरी टिक जाते तो भला हो जाता।

पहली पारी में नाबाद 86 रन की पारी खेलने वाले रविंद्र जडेजा काश दूसरी पारी में भी संयम दिखा पाते। पहली पारी की तरह दूसरी पारी में भी अगर टिक जाते तो अच्छा होता।