सुरेश रैना वायरल बुखार के कारण न्यूजीलैंड सीरीज में नहीं खेल पाए थे। © Getty Images (File Photo)
सुरेश रैना वायरल बुखार के कारण न्यूजीलैंड सीरीज में नहीं खेल पाए थे। © Getty Images (File Photo)

साल 2017 की शुरूआत भारत बनाम इंग्लैंड वनडे सीरीज के रोमांच से होगी। 15 जनवरी से शुरू हो रही इस सीरीज का हर भारतीय दर्शक को बेसब्री से इंतजार है। इंग्लैंड टीम जहां टेस्ट सीरीज में मिली हार का बदला लेना चाहेगी वहीं भारतीय टीम के लिए भी यह एक बढ़िया अवसर है टेस्ट के बाद वनडे में भी इंग्लैंड को मात देने का। आखिरी बार भारत ने दो साल पहले इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेली थी। साल 2014 में भारत के इंग्लैंड दौरे पर खेली गई वनडे सीरीज टीम इंडिया ने 3-1 से जीती थी। उस सीरीज पर एक ऐसा खिलाड़ी था जिसने हर मैच में बेहतरीन प्रदर्शन कर भारत को अपने दम पर सीरीज जिताई थी, वह खिलाड़ी हैं सुरेश रैना। ये भी पढ़ें: इतिहास के पन्नों से: जब भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर जीता था पहला टेस्ट

रैना फिलहाल भारतीय टीम से बाहर हैं और उम्मीद की जा रही है कि वह इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में वापसी कर सकते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में रैना की क्या अहमियत है इसका अंदाजा आप पिछली सीरीज में उनके उम्दा प्रदर्शन से लगा सकते हैं। 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ रैना मैन ऑफ द सीरीज रहे थे। इस सीरीज की शुरूआत 25 अगस्त तो ब्रिस्टल वनडे से हुई थी लेकिन यह मैच एक भी गेद खेले बिना रद्द हो गया था। खेल की असली शुरूआत दूसरे वनडे से हुई थी जहां इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने अर्धशतक बनाकर भारत तो मजबूत शुरूआत दिलाई लेकिन वह अपनी पारी को शतक में नहीं बदल सके। भारत एक के एक बाद एक विकेट खो रहा था और टीम पर दबाव बढ़ रहा था ऐसे में सुरेश रैना मैदान पर आए और धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 75 गेंदों में शतक जड़ दिया। रैना का साथ देते हुए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी अर्धशतक जमाया और टीम इंडिया ने 304 का स्कोर खड़ा कर दिया। वहीं बारिश के कारण यह इंग्लैंड टीम को जीतने के लिए 47 ओवरों में 295 रन बनाने का लक्ष्य दिया गया लेकिन भारत के गेंदबाजों के आगे इंग्लैंड टीम 161 रन पर ही ऑल आउट हो गई। भारत ने यह मैच 133 रनों से जीता और मैन ऑफ द मैच रैना रहे। ये भी पढ़ें:जब जश्न मनाने के चक्कर में विकेट लेना ही भूल गया विकेटकीपर

नॉटिंघम में खेले गए तीसरे वनडे में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का चुनाव किया और 227 के स्कोर पर मेजबान टीम को चलता किया। रैना ने इस मैच में भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 42 रनों की पारी खेली। हालांकि भारत की ओर से सर्वाधिक 64 रन अंबाती रायडू ने बनाए लेकिन रैना की पारी जीत की राह में काफी अहम थी। साथ ही रैना ने गेंदाबाजी करते हुए एक विकेट भी लिया। भारत ने इस मैच को जीतकर सीरीज में 2-0 से बढ़त बना ली थी। अब सीरीज में बराबरी करने के लिए इंग्लैंड को दोनों मैच जीतने थे लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रहे। ये भी पढ़ें: भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी को संवार रहे हैं राहुल द्रविड़

बर्मिंघम में खेला गया चौथा मैच भी भारत आसानी से जीत गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 206 रन बनाए। भारत की ओर से मोहम्मद शमी ने तीन विकेट लिए वहीं रैना ने एक विकेट लिया लेकिन दो और विकेटों में उनकी भागेदारी थी। अपनी बेहतरीन फील्डिंग की बदौलत उन्होंने क्रिस वोक्स को रन आउट किया। साथ ही कप्तान एलिस्टेयर कुक का शानदार कैच लेकर भारत को अहम विकेट दिलाया। पांचवे और आखिरी वनडे में भी रैना ने एक विकेट लिया हालांकि वह ज्यादा रन नहीं बना सके। लेकिन हर मैच में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए उन्हें मैन ऑफ द सीरीज के खिताब से नवाजा गया। ये भी पढ़ें: साल 2016 में भारतीय बल्लेबाजी के पांच सबसे यादगार पल

इस सीरीज पर रैना का प्रदर्शन सही मायनों में सौ प्रतिशत था। हर मैच में उन्होंने बढ़िया बल्लेबाजी की। वहीं अगर किसी मैच में वह बड़ा स्कोर नहीं कर पाए तो गेंदबाजी और फील्डिंग से उन्होंने इसकी भरपाई की। रैना न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे टीम में चुने गए थे लेकिन वायरल बुखार के कारण वह कोई मैच खेल नहीं सके। फैंस को उम्मीद है कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में वह नज़र आएगे। रणजी ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है और मध्य क्रम के बल्लेबाज के रूप में वह एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं। अगर देखा जाय तो इंग्लैंड के खिलाफ वनडे टीम में रैना की जगह पांच नंबर पर बनती है। रोहित शर्मा के चोटिल होने से अजिंक्य रहाणे को सलामी बल्लेबाजी के लिए चुना जा सकता है वहीं उनका साथ देने के लिए शिखर धवन या केएल राहुल मौजूद है। तीसरे स्थान पर तो विराट कोहली का कब्जा है। वहीं चौथे स्थान के लिए विकल्प कई है। टेस्ट में तिहरा शतक लगा चुके करुण नायर वनडे टीम में अपनी जगह बना सकते हैं। ऐसे में पांचवे स्थान पर सुरेश रैना को खिलाना गलत फैसला नहीं माना जाएगा। खासकार ऐसे में जब इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने इतना बढ़िया प्रदर्शन किया हो।