सुरेश रैना और महेंद्र सिंह धोनी © Getty Images
सुरेश रैना और महेंद्र सिंह धोनी © Getty Images

कभी भारतीय टीम की बल्लेबाजी क्रम की धार माने जाने वाले विस्फोटक बल्लेबाज सुरेश रैना के लिए हालात ऐसे हो चुके हैं कि अब उन्हें वनडे टीम में जगह बनाने तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में रैना को भारतीय टीम में जगह दी गई थी लेकिन वायरल बुखार के कारण वह एक भी मैच नहीं खेल सके और सीरीज से बाहर हो गए। इसके बाद रैना को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में टीम का हिस्सा नहीं बनाया गया और उनकी जगह केदार जाधव जैसे बल्लेबाजों ने ले ली और धमाकेदार प्रदर्शन से रैना के लिए वापसी की राह मुश्किल कर दी। लेकिन ऐसा नहीं है कि रैना के पास अब वापसी का कोई जरिया नहीं बचा है। रैना को चयनकर्ताओं ने टी20 टीम में चुना है और यही एक रास्ता है उनकी वापसी का।

यही एकमात्र सीरीज होगी जो रैना के भविष्य के लिए काफी अहम साबित हो सकती है। अगर सुरेश रैना इस टी20 सीरीज में अच्छा खेल जाते हैं तो वह उन्हें इस सीरीज के ठीक बाद चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम में चुना जा सकता है। क्योंकि भारत को चैंपियंस ट्रॉफी से पहले यही एकमात्र सीमित ओवरों की सीरीज खेलनी है। ऐसे में कह सकते हैं कि रैना के सामने खुद को साबित करने का ये आखिरी मौका साबित हो सकता है। रैना विस्फोटक बल्लेबाज माने जाते हैं और ऐसे में ये प्रारूप उन्हें बहुत भाता है। साफ है रैना के लिए वापसी का इससे अच्छा मौका कोई और नहीं हो सकता।  ये भी पढ़ें: भारत बनाम इंग्लैंड, पहला टी20I, कानपुर(प्रिव्यू): जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगी टीम इंडिया

क्यों रैना के लिए निर्णायक साबित हो सकती है टी20 सीरीज?: रैना लगभग डेढ़ साल से वनडे टीम से बाहर चल रहे हैं उन्होंने अपना आखिरी वनडे मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 25 अक्टूबर साल 2015 में खेला था। जिसके बाद रैना के खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें वनडे टीम से बाहर कर दिया गया था। जिसके बाद उन्हें लगभग एक साल के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुना गया लेकिन दुर्भाग्यवश वह बुखार से पीड़ित हो गए और सीरीज से बिना कोई मैच खेले बाहर हो गए। लेकिन इसके बाद उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में नहीं चुना गया। रैना के स्थान पर केदार जाधव ने अपनी चमक बिखेरी और शानदार प्रदर्शन कर अपनी जगह पक्की कर ली। जाधव का शानदार खेलने का मतलब था रैना के लिए वनडे में वापसी के दरवाजे बंद होना। जाधव ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए रैना को बाहर करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। ऐसे में रैना के पास अब सिर्फ एक मौका बचा और वो है टी20 सीरीज। रैना ये बखूबी जानते हैं कि अगर उन्हें वनडे में वापसी करनी है तो इस सीरीज में हर हाल में उन्हें अपने बल्ले से जलवा दिखाना पड़ेगा।

रैना के लिए वनडे टीम में वापसी क्यों है मुश्किल?: भारतीय टीम के बल्लेबाजी क्रम की बात करें तो नंबर 3 पर सबसे होनहार खिलाड़ी और कप्तान विराट कोहली खेलते हैं, तो नंबर 4 पर युवराज सिंह ने इंग्लैंड के खिलाफ बेहतरीन वापसी की है। वहीं नंबर 5 पर महेंद्र सिंह धोनी ने अपना कब्जा जमा रखा है। ऐसे में जगह बचती है नंबर 6 की। लेकिन इस नंबर पर केदार जाधव ने इंग्लैंड के खिलाफ कुछ इस कदर हल्ला बोला कि वह सबकी जुबान पर चढ़ गए। जाधव ने खुद को बेहतरीन फिनिशर के रूप में पेश किया और हर मैच में शानदार खेल दिखाते हुए रैना के लिए मुश्किलें पैदा कर दीं। साफ है भारतीय बल्लेबाजी क्रम सधा हुआ और संतुलित नजर आ रहा है और रैना के लिए वनडे में वापसी करना काफी मुश्किल दिख रहा है।

रैना क्यों बना सकते हैं वनडे टीम में जगह?: इसमें कोई दो राय नहीं है कि रैना एक शानदार खिलाड़ी हैं, उन्होंने भारत के लिए कई उपयोगी पारियां खेली हैं। साथ ही रैना काफी अनुभवी भी है। रैना ने पिछले 10 सालों में भारत को कई मैच जिताए हैं। जब रैना अपने करियर के चरम पर थे टो वह टीम के स्थायी सदस्य थे और टीम से रैना को बाहर करना लगभग असंभव सा होता था। अब जब भारत को इस सीरीज के बाद सीधा चैंपियंस ट्रॉफी में उतरना है तो बड़े मंच पर रैना का अनुभव टीम के काम आ सकता है। क्योंकि रैना को बड़े मंच पर खेलने का अनुभव है और उन्होंने अपने बल्ले से कई बार टीम को जीत दिलवाई है। ये भी पढ़ें: मध्यक्रम में अहम साबित हो सकते हैं ऋषभ पंत: सौरव गांगुली

रैना टीम में हरफनमौला खिलाड़ी का रोल निभाते हैं और धोनी के लिए वह एक तुरुप का इक्का हैं। भारत के निचले क्रम में रैना भारत के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में से एक हैं। रैना उस समय बल्लेबाजी के लिए आते हैं जब भारत को तेज गति से रनों की जरूरत होती है। रैना ने अब तक 35 की औसत से 5568 रन बनाए हैं और इस दौरान रैना का स्ट्राइक रेट 93 से भी ज्यादा का रहा है। रैना नंबर 4, 5 और 6 पर खेलते हुए भारत के लिए काफी उपयोगी साबित हुए हैं।