भारतीय टीम को दूसरे टेस्ट से पहले कुछ कमियों पर ध्यान देना होगा © AFP
भारतीय टीम को दूसरे टेस्ट से पहले कुछ कमियों पर ध्यान देना होगा © AFP

भारत और इंग्लैंड के बीच राजकोट में खेला जा रहा पहला टेस्ट मैच ड्रॉ हो गया है, लेकिन इस टेस्ट मैच में भारतीय टीम की कई कमियां उजागर हुई। न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-0 से जीतने के बाद सभी कमियों को दरकिनार कर हवा में उड़ रही भारत को इंग्लैंड ने पहले ही टेस्ट में धरातल पर ला दिया। भारतीय टीम ने मैच के पांचवें दिन 6 विकेट गंवा कर हार की तरफ बढ़ चुकी थी, अगर इंग्लैंड के पास 1 सत्र और होता तो शायद इस मैच में भारत को हार का भी सामना करना पड़ सकता था। 17 नवंबर को शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट मैच से पहले भारतीय टीम को पहले टेस्ट में उजागर हुई इन कमियों को दूर करना होगा। आइए जानते हैं पहले टेस्ट के दौरान भारतीय टीम में क्या कमियां दिखी।

1. लचर फील्डिंग:

पिछले कुछ समय में अपनी फील्डिंग के लिए तारीफें बटोरने वाले भारतीय खिलाड़ियों ने इंग्लैंड के साथ पहले टेस्ट मैच में खूब कैच टपकाए। भारतीय टीम के सबसे शानदार फील्डरों में गिने जानें वाले अजिंक्य रहाणे, मुरली विजय और कप्तान विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों ने भी स्लिप में कैच टपकाए। इसके अलावा शार्ट लेग पर भी कई मौके भारतीय फील्डरों ने गंवाए। पहली पारी में शतक बनाने वाले जोए रूट, मोइन अली और बेन स्टोक्स के कैच भारतीय फील्डरों ने नहीं टपकाए होते तो भारत इस मैच को जीत सकता था। स्टोक्स को तो भारतीय खिलाड़ियों ने कई मौके दिये। उनको शतक से पहले भारतीय फील्डरों ने उनके 4 कैच टपकाए। [Also Read: एलिस्टेयर कुक ने डॉन ब्रैडमैन को पीछे छोड़ा]

2. सलामी जोड़ी:

भारतीय टीम के लिए बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन दोनों पारियों में सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का बल्ला नहीं चला। पहली पारी में उनके बल्ले से जहां 29 रन निकले तो दूसरी पारी में उनके बल्ले से कोई रन नहीं निकला। पिछली दो सीरीज में एक के बाद एक कर सभी सलामी बल्लेबाजों को आजमाया गया है लेकिन कोई भी एक जोड़ी कामयाब नहीं रही है। इसके लिए खिलाड़ियों की फिटनेस भी जिम्मेदार रही है। [Also Read: एक और रिकॉर्ड बनाने से कुछ कदम दूर रह गए चेतेश्वर पुजारा और मुरली विजय]

3. अश्विन फ्लॉप मतलब गेंदबाजी फ्लॉप:

भारतीय टीम को अगले टेस्ट में रविचन्द्रन अश्विन पर बहुत ज्यादा निर्भरता कम करनी पड़ेगी। पहले टेस्ट में अश्विन के नहीं चलने से भारतीय आक्रमण की कमी उजागर हो गई। उमेश यादव को छोड़ दें तो कोई भी गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान करने में कामयाब नहीं हो सका। इंग्लैंड के बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों को खेलने की रणनीति के साथ उतरे थे। उन्होंने अश्विन के खिलाफ अपनी रणनीति को अपनाते हुए उनको खेला और यही कारण रहा की पहले टेस्ट में अश्विन बहुत ज्यादा प्रभाव डालने में नाकाम रहे। उनके अलावा अन्य दो स्पिनरों अमित मिश्रा और रवीन्द्र जडेजा भी कोई खास प्रभाव छोड़ने में नाकाम साबित हुए। ऐसे में भारत को इस समस्या को हर हाल में दूर करना होगा वरना इंग्लैंड के बल्लेबाज भारतीय टीम के खिलाफ रनों का अंबार लगाते रहेंगे। [Also Read: भारत बनाम इंग्लैंड, पहला टेस्ट, फुल स्कोरकार्ड हिंदी में]

4. रणनीति की कमी:

पहले टेस्ट में भारतीय टीम के प्रदर्शन में होमवर्क की कमी साफ दिखी। इंग्लैंड के खिलाड़ी जहां रणनीति के साथ खेल रहे थे। पुजारा के खिलाफ इंग्लैंड गेंदबाजों ने बाउंसर की झड़ी लगा कर उनकी कमजोरी का पूरा फायदा उठाने का प्रयास किया लेकिन भारतीय टीम के गेंदबाज रणनीति के बिना गेंदबाजी करने नजर आए। 3 स्पिनर के साथ खेलने का दांव भी कोहली के पक्ष में नहीं गया। कुक, रूट और स्टोक्स जैसे बल्लेबाजों ने भारतीय टीम की इस कमी का पूरा फायदा उठाया और शतक जमाए।

भारतीय टीम ने अपने बल्लेबाजों चेतेश्वर पुजारा, मुरली विजय, विराट कोहली के शानदार प्रदर्शन की बदौलत यह मैच ड्रॉ जरूर करा दिया, लेकिन सीरीज के बाकी के मैचों में भारतीय टीम को अपनी इन कमियों से पार पाना होगा वरना इंग्लैंड की टीम भारत को चौंकाते हुए सीरीज में जीत हासिल कर सकती है। सीरीज का दूसरा मैच 17 नवंबर को विशाखापत्तनम में खेला जाएगा।