भारतीय टीम ने आईसीसी रैंकिंग में अपना स्थान और मजबूत कर लिया © AFP
भारतीय टीम ने आईसीसी रैंकिंग में अपना स्थान और मजबूत कर लिया © AFP

न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम ने इतिहास रचते हुए तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में न्यूजीलैंड का सूपड़ा साफ कर दिया। भारत की जीत का सिलसिला कानपुर से शुरू हुआ जो वाया कोलकाता इंदौर में खत्म हुआ। भारत के सामने न्यूजीलैंड की एक नहीं चली और खेल के मोर्चे पर भारतीय चीम ने न्यूजीलैंड को नाको चने चबवा दिए। सीरीज में जहां एक तरफ भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार खेल का नमूना पेश किया तो वहीं न्यूजीलैंड को एक मैच जीतने को तरसा दिया। टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए ये सिर्फ चौथा मौका है जब भारत की टीम ने विरोधी टीम का सूपड़ा साफ किया हो। सीरीज में क्लीन स्वीप के साथ ही भारत ने आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक की कुर्सी भी अपने नाम कर ली।

बल्लेबाजों में चेतेश्वर पुजारा ने जहां सबसे ज्यादा रन बनाए तो गेंदबाजों में आर अश्विन ने अपनी फिरकी का दम दिखाते हुए सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लिए। आज हम आपको सीरीज में भारत के खिलाड़ियों के प्रदर्शन के बारे में बताएंगे और साथ ही ये जानेंगे कि सीरीज में किस खिलाड़ी को कितने अंक मिले।

11. शिखर धवन: 1.5/10

भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने सीरीज में सिर्फ एक ही मैच खेला। शिखर धवन का हाल के समय में अच्छी फॉर्म में नहीं हैं। शिखर धवन को पहले टेस्ट में खेलने का मौका नहीं मिला था, दूसरे टेस्ट में धवन की वापसी हुई, लेकिन कोलकाता में दुए दूसरे टेस्ट में वह अपनी छाप छोड़ने में विफल रहे। कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में धवन ने 1 और दूसरी पारी में सिर्फ 17 रन बनाए। धवन के प्रदर्शन को देखते हुए टीम में उनकी जगह में पक्की नहीं दिखती। गंभीर, विजय और राहुल के प्रदर्शन को देखते हुए धवन के लिए टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल हो सकता है। दूसरे टेस्ट में धवन चोटिल हो गए थे जिसके कारण वो तीसरे टेस्ट में नहीं खेल सके थे।

10. केएल राहुल: 2/10

सीरीज में बढ़े हुए आत्मविश्वास से उतरने वाले टीम के एक और सलामी बल्लेबाज केएल राहुल से काफी उम्मीदें थीं। वेस्ट इंडीज में राहुल ने अपने प्रदर्शन से काफी वाहवाही लूटी थी। कानपुर टेस्ट में राहुल को धवन के मुकाबले प्राथमिकता दी गई और उन्हें टीम में शामिल कर लिया गया। राहुल ने पहली पारी में 32 और दूसरी पारी में 38 रन बनाए। साफ है दोनों पारियों में अच्छी शुरुआत मिलने के बाद राहुल ने अपना विकेट गंवा दिया। राहुल को अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलना सीखना होगा या कहें की राहुल को अपनी बल्लेबाजी में परिपक्वता लानी होगी। हालांकि पहले टेस्ट के बाद राहुल चोटिल हो गए थे।

9. मुरली विजय: 4/10

मुरली विजय भारतीय टीम के एकमात्र सलामी बल्लेबाज रहे जो तीनों टेस्ट में खेले। मुरली विजय ने 3 मैचों की सीरीज में 31 की साधारण औसत से 186 रन बनाए। मुरली विजय ने श्रंखला की शुरुआत तो बेहद शानदार स्कोर के साथ की, कानपुर की पहली पारी में विजय ने 65 और दूसरी पारी में उन्होंने 76 रन बनाए। लेकिन इसके बाद के दोनों मैचों में मुरली विजय का बल्ला खामोश रहा। कोलकाता में वह दोनों पारियों में दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके तो इंदौर में भी वह अपने नाम के अनुरूप खेल नहीं सके। अगर विजय को टीम में जगह पक्की करनी है तो उन्हें अपने प्रदर्शन में और सुधार लाना होगा।

8. रोहित शर्मा: 6/10

वेस्ट इंडीज में खराब प्रदर्शन के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ रोहित शर्मा के चयन पर जमकर सवाल खड़े हुए। लेकिन अपने आलोचकों को इसका करारा जवाब देते हुए रोहित ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। रोहित शर्मा ने कानपुर में पहली पारी में 35 और दूसरी पारी में उससे आगे बढ़ते हुए नाबाद 65 रन बनाए। कोलकाता में जहां भारतीय बल्लेबाज फ्लॉफ हो रहे थे तो ऐसे में टीम के लिए पालनहार साबित हुए रोहित ने 82 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। आखिरी टेस्ट में भी 63 गेंदों में शानदार 51 रन बनाने वाले रोहित ने भारत के मजबूत स्कोर में अहम भूमिका निभाई। साफ है रोहित शर्मा ने सीरीज में अपने प्रदर्शन से उन सभी के मुंह में ताला जड़ दिया है जो टीम में उनके चयन पर सवाल उठा रहे थे।

7. गौतम गंभीर: 6/10

लगातार सुर्खियों में रहे गौतम गंभीर ने मिले हुए मौके को भुनाते हुए इंदैर की पहली पारी में तेज तर्रार 29 और दूसरी पारी में 54 गेंदों में 50 रन बनाए। दो साल बाद टीम में वापसी कर रहे गौतम गंभीर के खेलने पर लगातार कयास लगाए जा रहे थे। केएल राहुल के चोटिल होने के बाद सबने सोचा कि दूसरे टेस्ट मे गंभीर को मौका मिलेगा लेकिन उनकी जगह शिखर धवन को खेलने का मौका मिला और उन्हें एक बार फिर बाहर बैठना पड़ा। लेकिन तीसरे टेस्ट में गंभीर को मौका मिला और उन्होंने अपने प्रदर्शन से ये दिखा दिया उनके बल्ले में अभी धार बाकी है। इंदौर टेस्ट की दूसरी पारी में अर्धशतक गंभीर को 2012 के बाद दूसरा अर्धशतक है, भारत को घरेलू सरजमीं पर अभी बहुत टेस्ट खेलने हैं ऐसे में गंभीर भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

6. अजिंक्य रहाणे: 7/10

भारतीय टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने सीरीज के अंत तक अपनी लय हासिल कर ली थी। रहाणे ने 6 पारियों में 69 की जबर्दस्त औसत के साथ 349 रन बनाए। रहाणे सीरीज में रन बनाने में पुजारा के बाद दूसरे नंबर पर रहे। हालांकि सीरीज में रहाणे की शुरुआत अच्छी नहीं रही और कानपुर में पहली पारी में उन्होंने 18 और दूसरी पारी में 40 रन ही बनाए, लेकिन जैसे-जैसे सीरीज आगे बढ़ी रहाणे अपनी खोई लय पाने में कामयाब रहे। कोलकाता में रहाणे ने शानदार 77 रन बनाए, वहीं अभी भी उनका सर्वोच्च आना बाकी था, जो इंदौर में आकर खत्म हुआ। इंदौर टेस्ट की पहली पारी में गजब का प्रदर्शन करते हुए रहाणे ने 188 रन बनाए औक दोहरे शतक से सिर्फ 12 रनों से चूक गए। दूसरी पारी में रहाणे ने 20 गेंदों में नाबाद 23 रन बनाए।

5. रिद्धिमान साहा: 7/10

जब टीम को उनसे रनों की जरूरत हुई उन्होंने टीम के लिए रन बनाए, एमएस धोनी की जगह टीम में शामिल किए गए साहा ने अब तक विकेटकीपर बल्लेबाज की भूमिका को बखूबी निभाया है। कोलकाता टेस्ट साहा के लिए भुलाए न भूलने वाला टेस्ट साबित हुआ। साहा ने कोलकाता की मुश्किल पिच पर दोनों पारियों में पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ मिलकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। साहा ने दोनों पारियों में नाबाद अर्धशतक लगाया जो टीम की जीत में अहम साबित हुआ। कोलकाता में साहा ने 54 ओऔर 58 नाबाद रन बनाए थे। साहा ने न सिर्फ बल्ले से बल्कि दस्तानों से भी अच्छा कमाल दिखाया है। टीम को भविष्य में भी उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद होगी

4. विराट कोहली: 8/10

कहते हैं सीरीज में टीम की जीत में कप्तान का अहन रोल होता है चाहे वह बल्ले से हो या रणनीति बनाने में। विराट कोहली पहले दो टोस्ट में रन बनाने में विफल रहे। उन्हें शुरुआत तो मिल रही थी लेकिन वह उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पा रहे थे। सेकिन आखिरी टेस्ट में उन्होंने जिस तरह की बल्लेबाजी की उससे हर कोई उनका मुरीद हो गया। इंदौर टेस्ट में रहाणे के साथ मिलकर उन्होंने 365 रनों की साझेदारी की और शानदार दोहरा शतक लगाया। कोहली द्वारा बनाए गए 211 रन उनका दूसरा दोहरा शतक है एसी के साथ ही वह ऐसे पहले भारतीट कप्तान बन गए जिनके नाम टेस्ट में दो दोहरे शतक हैं। विराट ने बल्ले के साथ कप्तानी में जौहर दिखाया और टीम को न्यूजीलैंड पर 3-0 से जीत दर्ज करवाई। वहीं उनकी कप्तानी में भारत ने आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक का स्थान भी हासिल कर लिया।

3. रविंद्र जडेजा: 8/10

रविंद्र जडेजा ने एक बार फिर टीम में अपनी पहचान ऑलराउंडर के रूप में स्थापित कर ली है। ऑलराउंड खेल की बदौलत पहले टेस्ट में जडेजा को मैन ऑफ द मैच का खिताब जीता था। कानपुर में जब भारत संघर्ष कर रहा था तब जडेजा ने 42 रनों की नाबाद पारी खेलकर भारत को संभाला था। वहीं गेंदबाजी में कमाल दिखाते हुए जडेजा ने 5 विकेट हासिल किए थे और कीवी बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी थी। उसके बाद दूसरी पारी में भी 58 गेंदों में नाबाद 50 रन बनाकर जडेजा ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। कोलकाता में दूसरी पारी में जडेजा ने 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाकर कीवियों को बैकफुट पर धकेल दिया था। वहीं इंदौर टेस्ट की दोनों पारियों में जडेजा ने 2-2 विकेट हासिल किए थे। सीरीज में जडेजा ने 14 विकेट हासिल किए।

2. चेतेश्वर पुजारा: 9/10

भारत के लिए मिस्ट भरोसेमंद बनते जा रहे पुजारा सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। वेस्ट इंडीज के खिलाफ लचर प्रदर्शन के कारण पुजारा पर खुद को साबित करने का भारी दबाव थे। कहते हैं दबाव में या तो खेल निखरता है या तो और बिगड़ता है। पुजारा ने दबाव में उम्दा बल्लेबाजी करते हुए 74 की बेहद शानदार औसत से 373 रन ठोक डाले। पहले टेस्ट की दोनों पारियों में पुजारा ने अर्धशतक लगाया और 62, 78 का स्कोर बनाया। कोलकाता में भी पुजारा ने 87 रन बनाए और शतक से केवल 13 रन से चूक गए। लेकिन इंदौर टेस्ट की पहली पारी में 41 रन बनाने के बाद पुजारा ने आखिरकार दूसरी पारी में शतक लगा ही दिया। पुजारा ने दूसरी पारी में नाबाद 101 रन की पारी खेली। साफ है पुजारा के खेल से उनसे भारत को और भी उम्मीदें होंगी।

1. आर अश्विन: 9.5/10

अगर यह सीरीज पूरी तरह से किसी के नाम रही तो वह थे आर अश्विन, अश्विन ने पूरी सीरीज में मैच दर मैच नए कीर्तिमान बनाते चले गए। हर मैच के बाद अश्विन एक नया रिकॉर्ड बना रहे थे। अश्विन ने भारत की तरफ से सबसे तेज 200 विकेट पूरे किए तो अश्विन ने मैन ऑफ द सीरीज पाने के मामले में सचिन, सहवाग जैसे दिग्गजों को भफी पछाड़ दिया। अश्विन पूरी सीरीज में कीवियों के लिए अबूझ पहेली बने रहे। अश्विन ने 3 मैचों में 27 विकेट हासिल किए। जिसमें उन्होंने 3 बार पांच विकेट भी लिए। अश्विन ने पहले टेस्ट की पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में 6 विकेट लेकर मैच में 10 विकेट रहासिल किए। वहीं तीसरे टेस्ट में अश्विन ने पहली पारी में 6 और दूसरी पारी में करियर का बेस्ट 7 विकेट हासिल किए। अश्विन ने कप्तान केन विलियम्सन को 4 बार आउट किया।