सीरीज 1-1 की बराबरी पर है ऐसे में तीसरा मैच काफी रोमांचक होने की उम्मीद है © AFP
सीरीज 1-1 की बराबरी पर है ऐसे में तीसरा मैच काफी रोमांचक होने की उम्मीद है © AFP

भारत-न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे मुकाबले में दर्शकों को एक बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। सांस रोक देने वाले उस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को छह रनों से हरा दिया और सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली। अब दर्शकों को उम्मीद है कि भारतीय टीम अगले वनडे में भी पूरे जोश के साथ खेलेगी और सीरीज में बढ़त बनाने में कामयाब होगी। पहले दोनों मुकाबलों की बात करें तो दोनों एक दूसरे से बिल्कुल अलग रहे। कीवी टीम जहां दूसरे टेस्ट में बोल्ट, हेनरी को लेकर आई तो स्पिन गेंदबाजी में भी सोढ़ी की जगह डेवचिच को शामिल किया। तो आइए नजर डालते हैं दोनों टीमों के ऐसे खिलाड़ियों पर जिनके बीच जबर्दस्त टक्कर देखने को मिलेगी।

5. मार्टिन गप्टिल बनाम हार्दिक पंड्या:

पहले दोनों वनडे में गप्टिल एक बार फिर लंबी पारी खेलने में असफल रहे। पहले वनडे में जहां वह केवल 12 रन पर हार्दिक की गेंद पर रोहित शर्मा को कैच थमा बैठे तो दूसरे मैच में उमेश यादव ने उन्हें शुरू में ही पवेलिय भेज दिया। अगले वनडे में भी धोनी हार्दिक को ही शुरुआती ओवरों की जिम्मेदारी देंगे। वहीं कीवी सलामी बल्लेबाज गप्टिल फॉर्म में लौटने की कोशिश कर रहें हैं अब ये देखना मजेदार होगा कि गप्टिल हार्दिक की गेंदों का सामना कर पाते हैं या एक बार फिर पंड्या का शिकार होकर पवेलियन लौटते हैं।

4. महेन्द्र सिंह धोनी बनाम मिचेल सैंटेनर:

काफी समय से धोनी के बल्लेबाजी क्रम में ऊपर आने की चर्चाएं हो रही हैं। पहले वनडें में धोनी ने पांचवें नंबर पर आकर अच्छी शुरुआत की थी लेकिन अफसोस वह इसे बड़ी पारी में बदल नहीं सके। 28वें ओवर की चौथी गेंद पर रन लेते समय तालमेल में गड़बड़ के चक्कर में धोनी रन आउट हो गए। कोटला में भी धोनी बेहद धीमे खेलते हुए 65 गेंदों में सिर्फ 39 रन ही बना सके। धोनी की धीमी बल्लेबाजी का एक कारण यह भी रहा कि सैंटनर धोनी की बल्लेबाजी के दौरान लगातार ओवर कर रहे थे और धोनी को रन बनाने का मौका नहीं दे रहे थे। सैंटनर ने धोनी को पूरी तरह से बांध दिया था और हाथ खोलने का मौका नहीं दे रहे थे। लेफ्ट ऑर्म स्पिनर्स के खिलाफ धोनी की परेशानी किसी से भी छुपी नहीं है, धोनी का स्ट्राइक रेट इनके खिलाफ काफी कम हो जाता है। वहीं सेंटेनर टेस्ट सीरीज से ही अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं।

3. कोरी एंडरसन बनाम अक्षर पटेल:

वनडे सीरीज के लिए टीम का हिस्सा बने कोरी एंडरसन पहले मैच में कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए वहीं दूसरे वनडे में भी वह सस्ते में ही आउट हो गए। वहीं दूसरी ओर अक्षर पटेल का भी कुछ यही हाल है, उन्हें भी इस सीरीज के हर मैच में अच्छा प्रदर्शन कर खुद को टेस्ट टीम में ऑल राउंडर के रूप में स्थापित करना है। ऐसे में तीसरे मैच मैच में ये दोनों खिलाड़ी न केवल टीम के लिए बल्कि अपने लिए भी खेलेंगे। दोनों के बीच खुद को साबित करने के लिए कड़ा मुकाबला होगा।

2. केन विलियमसन बनाम अमित मिश्रा:

पहले दोनों वनडे में मिश्रा ने शानदार गेंदबाजी की, कीवी टीम के तीन-तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर मिश्रा ने साबित किया कि अश्विन और जडेजा के टीम से बाहर रहने पर भी भारत का स्पिन अटैक कमजोर नहीं पड़ता। वहीं कीवी कप्तान विलियमसन मुश्किल समय में अपनी टीम के लिए रन बनाने में सफल रहे और दूसरे मैच में शतक लगाया। लेकिन इसके बाद कप्तान के आउट होने पर जैसे पूरी न्यूजीलैंड पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। तीसरे वनडे में अगर विलियमसन जीतना चाहते हैं तो उन्हें एक बार कप्तानी पारी खेलनी होगी। टेस्ट में अश्विन ने विलियम्सन को काफी परेशान किया थी अब यही उम्मीद अमित मिश्रा से की जा सकती है। दूसरे मैच में मिश्रा को खेलना उनके लिए मुश्किल हो रहा था और अंत में मिश्रा ने विलियम्सन को आउट करने में सफलता पाई थी। तीसरे मैच में फिर दोनों आमने सामने होंगे, देखना वाकई दिलचस्प होगा कि किसकी जीत होगी।

1. विराट कोहली बनाम टिम साउदी:

पहले वनडे के नायक रहे विराट कोहली को यूं तो किसी भी कीवी गेंदबाज को खेलने में खास परेशानी नहीं हुई थी। लेकिन दूसरे वनडे में वह अपनी गलती से आउट हो गए थे। साऊदी जिस तरह की फॉर्म में उससे कोहली को उनसे बचकर रहने की जरूरत होगी। साऊदी ने दूसरे वनडे में कीवियों को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। साऊदी ने अपनी गेंदों से भारतीय बल्लेबाजों को काफी परेशान किया था। तो ऐसे में विलियम्सन टीम के सबसे अच्छे गेंदबाज को विपक्षी टीम के सबसे अच्छे बल्लेबाज के खिलाफ उतारेंगे। साऊदी ऐसे में विराट के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकतें हैं।