इंदौर में दर्शकों को विराट कोहली से शतक की उम्मीद है © AFP
इंदौर में दर्शकों को विराट कोहली से शतक की उम्मीद है © AFP

भारत और न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही सीरीज में भारत ने पहले दो मुकाबले जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है और साथ ही सीरीज पर भी कब्जा जमा लिया है। भारतीय पिच जो आमतौर पर बल्लेबाजों के अनुकूल होती हैं इस सीरीज में थोड़ा अलग बर्ताव करते हुए गेंदबाजों के लिए स्वर्ग साबित हुई। कानपुर में जहां पिच ने स्पिन गेंदबाजों का साथ दिया तो कोलकाता में पिच ने तेज गेंदबाजों को विकेट दिलाने में मदद की। वैसे तो इस सीरीज में अब-तक काफी रिकॉर्ड बन चुके हैं। चाहे वो रविचंद्रन अश्विन के 250 विकेट लेने का हो या फिर साहा का 55 साल के रिकॉर्ड को बराबर करने का। लेकिन इस सीरीज में एक ऐसी चीज अब तक नहीं हुई जो हर बल्लेबाज का सपना होता है। जिसके लिए हर दर्शक खड़े होकर ताली बजाना चाहता है। जीं हां, आप सही समझ रहे हैं, इस सीरीज में अब तक कोई भी बल्लेबाज एक भी शतक नहीं लगा सका।

है ना हैरानी वाली बात। दोनों ही टीमों में स्टार खिलाड़ियों की भरमार है। दोनों ही टीम के कप्तान ऐसे दो खिलाड़ी हैं जिन्हें क्रिकेट विशेषज्ञ भविष्य के बड़े खिलाड़ी के रूप में देखते हैं। दोनों खिलाड़ियों की तकनीक और कलात्मक्ता को मौजूदा समय में सबसे अच्छा मानते हैं, फिर भी दो टेस्ट होने के बावजूद अब तक एक शतक भी नहीं लग सका। भारत की टीम में जहां विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा, मुरली विजय, अजिंक्य रहाणे जैसे बल्लेबाज हैं तो न्यूजीलैंड के पास रॉस टेलर, विलियम्सन, गप्टिल सरीखे बल्लेबाज। लेकिन फिर भी दोनों ही टीम के एक भी बल्लेबाज ने शतक नहीं लगाया। दोनों टेस्ट को मिलाकर देखा जाए तो दोनों ही टीम की तरफ से 16 अर्धशतक लगे लेकिन कोई भी बल्लेबाज इन्हें शतक में तब्दील नहीं कर सका। इस दौरान कोई भी खिलाड़ी 90 के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच पाया। दोनों टेस्ट में 80 के आंकड़े को तीन बार छुआ गया। जिसमें चेतेश्वर पुजारा ने 87, रोहित शर्मा ने 82 और ल्यूक रॉन्की ने 80 रन बनाए, ये तीनों ही खिलाड़ी इसे तिहरे अंक में नहीं बदल पाए। वहीं 70 के आंकड़े की बात करें तो दोनों टेस्ट में कुल 6 बार 70 के आंकडे को छुआ गया लेकिन कोई भी खिलाड़ी इसके आगे नहीं बढ़ सका।

अगर हम विराट कोहली के अब तक के टेस्ट करियर की बात करें तो विराट कोहली ने अब तक 47 टेस्ट में 43 की औसत से 3326 रन बनाए हैं जिनमें 12 शतक और 12 ही अर्धशतक शामिल हैं। मौजूदा टेस्ट सीरीज में विराट कोहली का सर्वोच्च स्कोर 45 रन रहा है, साफ है वो इस सीरीज में एक अर्धशतक भी नहीं लगा सके। कह सकते हैं कि विराट कोहली के बल्ले को कीवी गेंदबाजों ने खामोश रखने में कामयाबी पाई है। वहीं केन विलियम्सन की बात करें तो विलिम्सन ने 53 टेस्ट में 51 की बेहद शानदार औसत से 4493 रन बनाए हैं, जिनमें 14 शतक और 23 अर्धशतकत शामिल हैं। आंकड़ों से साफ है कि विलियम्सन लाजवाब खिलाड़ी हैं। पहले टेस्ट में विलियम्सन ने जहां 75 और 25 रन बनाए तो दूसरे टेस्ट में खेल नहीं सके। वहीं चेतेश्वर पुजारा की बात करें तो पुजारा ने 37 टेस्ट में 47 की औसत से 2713 रन बनाए हैं जिनमें 7 शतक शामिल हैं। पुजारा के इस सीरीज में प्रदर्शन पर निगाह डालें तो पहले टेस्ट में पुजारा ने 62 और 78 रन बनाए तो दूसरे टेस्ट में उन्होंने 87 और 4 रन बनाए। साफ है सीरीज में 3 अर्धशतक बनाने वाले पुजारा एक बार भी शतक नहीं बना सके इस दौरान उनका सर्वोच्च स्कोर 87 रन रहा। वहीं रोहित शर्मा ने भी दोनों मैच की दूसरी पारी में अर्धशतक लगाने में तो जरूर कामयाब रहे लेकिन वो भी इसे शतक में नहीं बदल सके।

साफ है भारत-न्यूजीलैंड सीरीज में अब तक ढेरों रिकॉर्ड बन चुके हैं, लेकिन अगर तीसरे टेस्ट में भी कोई भी बल्लेबाज शतक बनाने में कामयाब नहीं हो पाता तो ये भी अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा। कानपुर टेस्ट को भारत ने 197 रन से जीता था तो वहीं कोलकाता टेस्ट को भारत ने 178 रनों से जीता था। जो बिना किसी शतक के भारत ने जीते हैं। ऐसे में भारतीय दर्शक इस बात की उम्मीद कर रहे होंगे की इंदौर में भारत के बल्लेबाज शतक लगाने में जरूर कामयाब हों। भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीसरा टेस्ट शुक्रवार से खेला जाना है। दोनों ही टीम के बल्लेबाजों की यही कोशिश होगी की सीरीज में शतकों के सूखे को खत्म किया जाए और बल्ले की चमक से सीरीज में शतकों का खाता खोला जाए। दोनों ही टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो इस काम को अंजाम तक पहुमचा सकते हैं। दोनों ही टीमों में ऐसे कई खिलाड़ी हैं जिनके पास मजबूत तकनीक और लाजवाब बल्लेबाजी के गुण मौजूद हैं। सीरीज में अब तक गेंदबाजों ने कई रिकॉर्ड बनाए ऐसे में अब बारी बल्लेबाजों की है। ऐसे में उम्मीद कर सकते हैं कि इंदौर में बल्लेबाज गेंदबाजों पर कोई रहम न करते हुए खूब रन बरसाएंगे।