भारत न्यूजीलैंड सीरीज वनडे टीम में सुरेश रैना शामिल।© Getty Images
भारत न्यूजीलैंड सीरीज वनडे टीम में सुरेश रैना शामिल।© Getty Images

भारत न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के टीम सिलेक्शन की सबसे बड़ी खबर है सुरेश रैना को वनडे में जगह दिए जाने की। रैना को टीम में शामिल किए जाने पर कई आलोचनात्मक प्रतिक्रियाएं आ रहीं हैं। क्रिकेट फैन्स इसे चयन समिति का सबसे गलत फैसला बता रहे हैं। उनका मानना है कि गंभीर और युवराज को नजरअंदाज कर सुरेश रैना को टीम में शामिल करना चयनकर्ताओं के कम अनुभव का सबूत है। आपको बता दें कि बीसीसीआई ने अभी पिछले दिनों ही नई चयन समिती का गठन किया था, जिसे लेकर पहले ही काफी विवाद हुए थे और अब समिति की चुनी टीम को भी अविश्वास की नजर से देखा जा रहा था। वहीं दूसरी ओर रैना के पास भी खुद को वनडे टीम में स्थापित करने का ये आखिरी मौका है।

भारतीय टीम में रैना अधिकतर 5वें या 6ठें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं। रैना ने कुल 223 वनडे खेलें हैं जिनमें 93.76 की स्ट्राइक रेट से 5568 रन बनाए हैं। शानदार रिकॉर्ड के होने के बावजूद भी रैना टीम में अपनी जगह अभी तक पक्की नहीं कर पाएं है। रैना अक्सर टीम से अंदर बाहर होते रहते हैं। पिछले साल साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुंबई में खेले अपने आखिरी वनडे में रैना ने सिर्फ 12 रन बनाए थे। उस सीरीज के चौथे मैच में एक अर्धशतक बनाने के अलावा पूरी सीरीज में सुरेश रैना का प्रदर्शन फ्लॉप रहा था। नतीजतन भारत ये सीरीज 3-2 से हार गई थी। वहीं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 विश्वकप सेमीफाइनल में रैना को बल्लेबाजी ही नहीं मिल पाई थी। हालांकि टी20 विश्वकप में रैना का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। यही कारण है कि इस सीरीज को रैना के लिए खुद को वनडे बल्लेबाज के रूप में साबित करने का आखिरी मौका माना जा रहा है।

दिलीप ट्रॉफी में इंडिया ग्रीन के कप्तान रहे रैना के अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्हें एक बार फिर वनडे टीम का हिस्सा बनाया गया है। वनडे कप्तान एमएस धोनी सुरेश रैना को हमेशा ही समर्थन करते रहे हैं। शायद यही वजह है कि रैना को कई मौके दिए जा चुकें हैं पर अगर रैना इस सीरीज में कुछ कमाल नहीं दिखा पाते तो धोनी के लिए भी उन्हें आगे मौका देना मुश्किल होगा। इस समय टीम में ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो रैना की जगह ले सकते है। वनडे टीम में शामिल किए गए मनदीप सिंह और केदार जाधव को नंबर 5 या 6 पर मौका देने में कप्तान को कोई परेशानी नहीं होगी। दोनो बल्लेबाज निचलेक्रम में खेलने में सक्षम हैं। ऐसे में रैना को न्यूजीलैंड सीरीज में स्कोरबोर्ड पर अपने नाम के आगे कुछ बड़े नंबर लगाने होगें।

रैना का कमबैक इसलिए भी अहम है क्योंकि आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी अगले साल जून में शूरू हो रही है। रैना भले ही टेस्ट में फेल हो पर वनडे और टी20 में वो भारत के एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं। ऐसे में चयनकर्ताओं के रैना को टीम में शामिल करने का एक कारण ये भी है कि वे चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए एक संतुलित टीम तैयार करना चाहते हैं। वनडे सीरीज के प्रदर्शन के आधार पर ही चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए टीम का सिलेक्शन होगा। रैना को चैम्पियंस ट्रॉफी में अपनी जगह बनाने के लिए इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करना ही होगा। दिलीप ट्रॉफी में रैना ने अच्छा प्रदर्शन जरूर किया था पर इस बार परिस्थितियां एकदम अलग होंगी। कीवी गेंदबाजों का कमाल तो दोनों टेस्ट मैचों में दिख चुका है। जिस तरह उन्होंने भारत के मैदानों पर गेंदबाजी की वो वाकई तारीफ के काबिल है। वहीं दूसरी ओर रैना अब भी अपनी पुरानी परेशानी यानि की शॉर्ट गेंदों से जूझ रहे हैं। शॉर्ट गेंदों पर रैना अपना विकेट बड़ी आसानी से गेंदबाज को दे देते हैं। जिसका इस्तेंमाल कीवीज रैना के खिलाफ जरूर करेंगे। ऐसे में रैना को अपनी इस परेशानी का कोई हल ढूंढना पड़ेगा वर्ना टीम में उनकी वापसी के रास्ते हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे।

आईपीएल भी अगले साल शुरू हो रहा है, जिसमें रैना गुजरात लायन्स के कप्तान के तौर पर खेलते हैं। पिछले सीजन में रैना की कप्तानी में गुजरात की टीम सेमीफाइनल तक पहुंची थी। कप्तान के रूप में सफल सुरेश रैना यहां भी बल्लेबाजी में पिछड़ गए थे। अगर देखा जाए तो रैना ने पिछले एक साल नें अंतर्राष्ट्रीय क्रिक्रेट में कोई बड़ी पारी नहीं खेली है ऐसे में वनडे सीरीज को लेकर उनपर काफी दबाव होगा। अगर रैना इन हालात में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं तो आने वाले समय में होने वाली वनडे और टी20 सीरीज में टीम में अपनी जगह पक्की कर पाएंगे।