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Ind vs Pak: Sardar Of Spin, जो इतना साहसी था कि बेइमानी पर पूरे पाकिस्तान को आंख दिखाकर टीम ले आया था बाहर

IND vs PAK: मैच हार रहे पाकिस्तान के अंपायरों ने जब बेइमानी करनी शुरू की, तो उसके खिलाफ पूरी टीम इंडिया वॉकआउट कर गई थी.

user-circle cricketcountry.com Written by Kuldeep Singh Panwar
Last Updated on - September 25, 2025 7:14 PM IST

क्रिकेट में यूं तो स्टार चेहरे बहुत सारे रहे हैं, लेकिन 25 सितंबर, 1946 के दिन भारतीय क्रिकेट का वो स्टार पैदा हुआ था, जिसे ‘स्पिन का शहंशाह’, ‘सरदार ऑफ स्पिन’ समेत ना जाने कितने तमगे मिले. हम बात कर रहे हैं पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान बिशन सिंह बेदी (Bishan Singh Bedi), जो भारतीय क्रिकेट इतिहास की नामी ‘स्पिन चौकड़ी’ का हिस्सा थे. बेदी ने ना केवल अपनी गेंदबाजी से दुनिया को हैरान किए रखा था, वहीं उन्होंने एक कप्तान के तौर पर भी ऐसे फैसले लेने की हिम्मत दिखाई थी, जिनके चलते वे भारतीय क्रिकेट के सबसे ‘साहसी’ व्यक्ति भी कहे जा सकते हैं. चाहे उस इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जॉन लीवर (John Lever) को गेंद पर वैसलीन लगाकर स्विंग कराने के लिए पकड़ना हो या मैदान पर अपने गेंदबाजों को घायल होने से बचाने के लिए वेस्टइंडीज की खतरनाक पेस चौकड़ी के सामने पारी घोषित कर देने का फैसला हो. बेदी ने हर बार अपने साहसिक फैसलों से लोगों को अचंभित किया था. ऐसा ही एक फैसला पाकिस्तान के खिलाफ मैच में अंपायरों के बेइमानी करने के खिलाफ पूरी टीम के साथ वॉकआउट करने का भी था. इस फैसले के चलते टीम इंडिया (Team India) तकरीबन जीता हुआ मैच हार गई थी, लेकिन बेदी ने दिखा दिया था कि क्रिकेट महज कहने के लिए ‘जेंटलमैन गेम’ नहीं होना चाहिए बल्कि मैदान के अंदर उसे जेंटलमैन बनाए रखने वाला व्यवहार भी होना चाहिए.

1978 के पाकिस्तान दौरे की है घटना

भारतीय क्रिकेट टीम 1978 में पाकिस्तान के दौरे पर गई थी, जिसकी कप्तानी बिशन सिंह बेदी कर रहे थे. तीन वनडे मैच की सीरीज में दोनों टीम 1-1 की बराबरी पर थी. तीसरा और निर्णायक मैच 3 नवंबर, 1978 को साहीवाल में खेला जाना था. इस मैच में जीतने वाली टीम सीरीज विजेता बन जाती. याद रहे कि भारत-पाकिस्तान के बीच मैचों में जो ‘दुश्मनी’ आपको आज देखने को मिलती है, उससे भी ज्यादा कट्टर टक्कर उस दौर में होती थी. पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 40 ओवर के मैच में 7 विकेट पर 205 रन बनाए, जिसमें भारत के हैदराबाद में जन्मे आसिफ इकबाल ने 72 गेंद में 62 रन की पारी खेली. कपिल देव, एस. वेंकटराघवन और मोहिंदर अमरनाथ ने 2-2 विकेट लिए.

भारतीय टीम ने दिखाया जोरदार खेल

भारतीय क्रिकेट टीम ने जवाब में जोरदार खेल दिखाया और 37 ओवर में 2 विकेट पर 183 रन बन लिए. अंशुमन गायकवाड़ (Anshuman Gaekwad) 78 रन बनाकर पिच पर खेल रहे थे, जबकि सुरिंदर अमरनाथ (Surinder Amarnath) 62 रन बनाकर आउट हो गए थे. सुरिंदर मोहिंदर अमरनाथ के भाई थे. पाकिस्तान के लिए इमरान खान (Imran Khan) का एक ओवर और सरफराज नवाज (Sarfaraz Nawaz) के दो ओवर बचे हुए थे. टीम इंडिया को जीत के लिए 18 गेंद में 23 रन की जरूरत थी, जो बेहद आसान टारगेट था यानी भारत का मैच और सीरीज जीतना लगभग तय हो गया था.

पाकिस्तान ने शुरू कर दी बेइमानी

अपनी टीम को सीरीज में हारते हुए देखकर पाकिस्तानी अंपायरों ने बेइमानी शुरू कर दी. पाकिस्तानी टीम ने बल्लेबाजों पर बाउंसर फेंकने की रणनीति बनाई. सरफराज नवाज ने जो बाउंसर फेंका, वो सामने बल्लेबाजी कर रहे गायकवाड़ के सिर के ऊपर से इतनी ऊंचाई से गुजरा कि उस पर शॉट खेलना नामुमकिन था. अंपायर ने इसके बावजूद उस गेंद को वाइड घोषित नहीं किया. इसके बाद अगली गेंद पर भी यही हुआ. ओवर की तीसरी और चौथी गेंद तो गायकवाड़ के सिर से भी करीब 6 फुट ऊंचाई से गुजर गई.

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बेदी भड़ककर पवेलियन छोड़कर आए मैदान में

अंपायरों को बेइमानी करते हुए देखकर बिशन सिंह बेदी भड़क गए. वे पवेलियन से उठे और सीधे मैदान में पिच पर पहुंच गए. उन्होंने तत्काल एक ऐसा फैसला कर दिया, जिसे सुनते ही पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड (Pakistan Cricket Board) के होश उड़ गए. बेदी ने अपने बल्लेबाजों को पिच छोड़कर पवेलियन चलने का निर्देश दिया. यह पहला मौका था, जब वनडे इंटरनेशनल मैच में किसी कप्तान ने टीम को वॉकआउट करने के लिए कहा था. अंपायरों ने पाकिस्तान को विजेता घोषित कर दिया और वह 2-1 से सीरीज जीत गया. लेकिन बेदी के इस फैसले ने इसे इंटरनेशनल चर्चा का मुद्दा बना दिया. हर तरफ पाकिस्तान की थू-थू हो रही थी. इसके बाद ही वनडे इंटरनेशनल मैचों में न्यूट्रल अंपायर रखे जाने की मांग ने जोर पकड़ा. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने साहीवाल को हमेशा के लिए इंटरनेशनल मैच करने से बैन कर दिया. बेदी का यह साहसिक फैसला आज तक याद किया जाता है.

जबरदस्त रहा है बिशन सिंह बेदी का करियर

  • बिशन सिंह बेदी ने 67 टेस्ट मैच और 10 वनडे मैच खेले थे.
  • बेदी ने इन मैचों में कुल 273 विकेट अपने नाम पर दर्ज किए थे.
  • बेदी ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी 370 मैच में 1560 विकेट लिए थे.
  • 42 साल तक फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट का रिकॉर्ड उनके नाम रहा था.
  • 60 ओवर के वनडे मैचों में अपने कोटे के सभी 12 ओवर फेंकने पर सबसे कंजूस गेंदबाजी का भी रिकॉर्ड उनका था.
  • बेदी ने 1975 के वर्ल्ड कप में पूर्वी अफ्रीका के खिलाफ 12-8-6-1 की गेंदबाजी की थी, जो सबसे इकोनॉमिक गेंदबाजी रिकॉर्ड था.
  • टेस्ट मैचों में भी बेदी 16.35 मेडन ओवर प्रति टेस्ट के औसत के साथ दुनिया के दूसरे सबसे कंजूस गेंदबाज थे.