© Getty Images
© Getty Images

साल 2004 से 2007 तक इरफान पठान ने गजब की गेंदबाजी की और दुनिया भर को अपनी गेंदबाजी से लुभा दिया। इस दौरान उन्होंने बल्लेबाजी में भी काफी मेहनत की और कई मौकों पर बल्ले से अच्छी पारियां खेलीं। कप्तान राहुल द्रविड़ ने ऐसे समय में पठान को तीसरे नंबर पर आजमाना शुरू किया। साल 2006 में पेशावर में भारत और पाकिस्तान के बीच पहला वनडे खेला गया और इस वनडे में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत खराब रही और वीरेंद्र सहवाग के रूप में पहला विकेट 5 रनों के योग पर ही गिर गया।

ऐसी विपरीत परिस्थिति में राहुल द्रविड़ ने तीसरे नंबर पर इरफान पठान को भेज दिया। पठान ने सचिन का अच्छा साथ निभाया और दोनों ने 12वें ओवर तक टीम के स्कोर को 58/1 तक पहुंचा दिया। ऐसे समय में उमर गुल ओवर लेकर आए। गुल ने पहली गेंद पठान को बाउंसर फेकी जिस पर पठान ने स्ट्रोक जड़ने की कोशिश की लेकिन वह बीट हो गए और उनके कैच आउट होने को लेकर भी तेज अपील हुई। अखिरकार वह बच गए, क्योंकि अंपायर ने उन्हें नॉटआउट करार दे दिया। [ये भी पढ़ें:जब रॉबिन उथप्पा ने टीम इंडिया जो जिताया एक हारा हुआ मैच]

अगली गेंद पर इरफान पठान फिर से बीट हुए और इस बार कीपर कामरान अकमल भी बीट हो गए और खामियाजन चौका मिल गया। इरफान पठान पर दबाव बढ़ रहा था औ वह इसे किसी भी भी कीमत पर कम करना चाह रहे थे। अगली गेंद गुल ने फेकी जो ऑफ स्टंप पर थोड़ी सी शॉट थी। पठान ने जगह बनाई और कवर्स का झन्नाटेदार चौका जड़ दिया। पठान का जोश अभी ठंडा नहीं हुआ था और अगली गेंद को उन्होंने कवर्स के ऊपर से उठाकर खेला और चार रन फिर से बटोर लिए। उमर गुल पठान की इस बल्लेबाजी से खासा परेशान दिख रहे थे और सोच नहीं पा रहे थे कि कैसे पठान को रोक जाए। अगली गेंद उन्होंने लैग स्टंप पर फेकी जिसे पठान ने खूबसूरती से फ्लिक करते हुए चार रनों के लिए पहुंचा दिया।

दुर्भाग्य से उमर गुल की यह गेंद नो बॉल हो गई। इस तरह अब उनके माथे पर भी खूब बल पड़ने लगे थे। पांचवीं गेंद पर पठान ने फिर से ऑफ स्टंप्स पर फील्डरों के सिर के ऊपर से उठाकर स्ट्रोक खेला। इस तरह वह एक ओवर में 5 चौके जड़ चुके थे। लेकिन अभी भी एक गेंद फेकी जानी थी। अंतिम गेंद पर पठान ने फिर से चौका जड़ने की कोशिश की लेकिन यह बार वह कामयाब नहीं हुए। इस तरह इस ओवर में 21 रन बने। पठान ने अगले ओवर में अपना अर्धशतक पूरा किया और 65 गेंदों में 65 रन बनाकर राना नवेद उल हसन का शिकार बने। सचिन तेंदुलकर ने इस मैच में 100 रन बनाए। धोनी ने 68 और युवराज ने 39 रनों की पारी खेली। लेकिन अंतिम ओवरों में टीम इंडिया ने जल्दी- जल्दी विकेट गंवा दिए और पूरी टीम 49.4 ओवरों में 328 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।

जवाब में बल्लेबाजी करने पाकिस्तान टीम क ओर से सलमान बट्ट ने शतक जमाया। चूंकि, मैच में बारिश हो गई थी। इसलिए पाकिस्तान को 47 ओवरों में 311 रन बनाने थे। पाकिस्तान ने इस स्कोर को 7 विकेट खोकर हासिल कर लिया। लेकिन पठान के 5 चौकों का यह मैच गवाह बन गया।