विराट कोहली © Getty Images (File Photo)
विराट कोहली © Getty Images (File Photo)

विराट कोहली के शानदार अर्धशतक और युवराज सिंह के जुझारू 24 रनों की बदौलत भारतीय टीम ने पाकिस्तान को विश्व कप टी20 के अपने दूसरे मैच में 6 विकेट से हराकर एक बार फिर से अपने विनिंग ट्रेक में वापसी कर ली है और टी20 विश्व कप जीतने के अपने सपने को फिर से जीवित कर दिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ग्रुप ए की अंक तालिका में चौथे नंबर से ऊपर तीसरे पर आ गई है। यह भारत की पाकिस्तान पर विश्व कप टी20 में लगातार पांचवीं जीत है तो वहीं विश्व कप के सभी प्रारूपों में 11वीं जीत है। टी20 विश्व कप के इस बड़े मुकाबले में किन बातों ने भारतीय टीम को पाकिस्तान पर विजयी बनाया। आइए जानते हैं टीम इंडिया की जीत के पांच कारण। भारत बनाम पाकिस्तान, आईसीसी टी20 विश्व कप: फुल स्कोरकार्ड देखने के लिए क्लिक करें…

पहले क्षेत्ररक्षण करने का निर्णय: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का निर्णय लिया और विकेट पर नमी और उछाल का भारत के दोनों तेज और स्पिन गेंदबाजों ने अच्छा फायदा उठाया। पाकिस्तान के दोनों सलामी बल्लेबाजों ने भले ही पहले विकेट के लिए 38 रन जोड़े लेकिन वे रन तेजी स नहीं बना पाए और भारतीय गेंदबाजों के सामने लगातार जूझते रहे। वहीं 38 रनों पर पहला विकेट गिरने के बाद पाकिस्तान ने 60 रनों तक आते -आते अपने तीन विकेट गंवा दिए और पाकिस्तान का इन ओवरों में हिंटिंग करने का सपना धरा का धरा रह गया। ये भी पढ़ें: भारतीय टीम की जीत पर साक्षी धोनी हुई नाराज!

नेहरा और अश्विन की बेहतरीन गेंदबाजी: कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने पिच के स्वभाव को देखते हुए दूसरे ओवर से ही अश्विन को गेंदबाजी आक्रमण पर लगा दिया। अश्विन की गेंदों में जिस तरह उछाल और विविधता देखने को मिल रही थी उसने पाकिस्तानी बल्लेबाजों को लगातार बंधे रखा। यही नहीं नेहरा ने इस दौरान लगातार पाकिस्तानी बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए तरसाया। यहां तक की डेथ ओवर में भी नेहरा ने मात्र दो रन दिए और पाकिस्तानी बल्लेबाजों को रन बनाने के बहुत कम अवसर दिए। नेहरा ने अपने चार ओवर के कोटे में 20 रन देकर एक विकेट लिया। तो अश्विन ने अपने 3 ओवरों में 12 रन दिए।

विराट कोहली और युवराज सिंह की साझेदारी: पाकिस्तान के द्वारा दिए गए 119 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने एक समय महज 23 रनों पर अपने तीन विकेट गंवा दिए थे। ऐसे में टीम इंडिया गहरे संकट में नजर आ रही थी। लेकिन इस बीच बल्लेबाजी करने आए युवराज सिंह ने कोहली के साथ संभलकर बल्लेबाजी की और मैदान के चारों कोनों में सिंगल्स बटोरे। यही नहीं कोहली ने भी शुरुआत में संभलते हुए बाद में आतिशी बल्लेबाजी की। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 44 गेंदों में 63 रन जोड़े और टीम इंडिया को जीत की ओर प्रशस्त किया।

विराट कोहली का अर्धशतक: एक ओर से लगातार विकटों के गिरने के बावजूद विराट कोहली ने अपना धीरज नहीं छोड़ा और लगातार पाकिस्तान के गेंदबाजों पर प्रहार किया। यहां तक कि उन्होंने बेहद खतरनाक लग रहे मोहम्मद आमिर की गेंद पर चौका भी मारा। कोहली ने अपनी बल्लेबाजी के दौरान रन रेट को गिरने नहीं दिया और हर दूसरे ओवर में चौका लगाते रहे। कोहली ने 37 गेंदों में 55 रन बनाए जिसमें 7 चौके और 1 छक्का शामिल है। कोहली के अर्धशतक की बदौलत ही भारतीय टीम ने मैच 13 गेंदों पहले ही जीत लिया। कोहली को मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया।

कप्तान धोनी की सूझबूझ: कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इस मैच में अपनी अच्छी सूझबूझ दिखाई और मैदान पर हर समय चौंकन्न नजर आए। धोनी ने परिस्थितियों के मुताबिक समय पर गेंदबाजी में परिवर्तन किए और एस समय जब भारतीय पारी 23 रनों पर अपने 3 विकेट गंवा चुकी थी। ऐसे में धोनी ने जल्दबाजी नहीं दिखाई और अपने आपको बतौर फिनिशर पीछे ही रखा और युवराज को बल्लेबाजी के लिए भेजा। युवराज ने अपने कप्तान के भरोसे पर खरा उतरते हुए शानदार 24 रन बनाए और भारतीय टीम को जीत की ओर प्रशस्त किया।