India vs South Africa, 1st Test: Rohit Sharma, Mayank Agarwal, Ravindra Jadeja, Ravichandran Ashwin,  Mohammed Shami

वेस्टइंडीज दौरे पर आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत के बाद से भारतीय टीम ने अपना अजेय रथ जारी रखा है। विंडीज टीम को उनके घर पर हराने के बाद भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहला घरेलू टेस्ट मैच जीत लिया है।

वाइजैग में खेले गए इस टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने सभी विभागों में शानदार प्रदर्शन किया। 203 रन से मिली इस जीत में टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ियों का अहम योगदान रहा, जिनके बारे में हम यहां बात करेंगे।

रोहित शर्मा: इस बात में कोई दोराय नहीं है कि भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच वाइजैग में खेला गया ये मैच बतौर सलामी बल्लेबाज टेस्ट क्रिकेट में रोहित शर्मा के करियर के आगाज के तौर पर याद किया जाएगा। रोहित, जिन्होंने कभी प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी सलामी बल्लेबाजी नहीं की, जब उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ओपनिंग का मौका मिला तो उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।

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बतौर सलामी बल्लेबाज पहली पारी में रोहित ने 176 रन जड़े। और दूसरी पारी 127 रन बनाकर रोहित ओपनर के तौर पर डेब्यू मैच में दो शतक जड़ने वाले दुनिया के पहले क्रिकेटर बने। वाइजैग टेस्ट के दौरान रोहित ने अपने चिरपरिचित अंदाज में ही बल्लेबाजी की। धीमी शुरुआत करने के बाद सेट होते ही रोहित ने बड़े शॉट्स लगाना शुरू कर दिया। उन्होंने इस मैच में कुल 13 छक्के लगाए जो कि टेस्ट क्रिकेट में किसी एक मैच में लगाए सर्वाधिक छक्के हैं। सलामी बल्लेबाज की भूमिका में रोहित ने पहला टेस्ट तो पास कर लिया है अब केवल विदेशी धरती पर प्रदर्शन करना बाकी है।

मयंक अग्रवाल: घरेलू क्रिकेट के पोस्टर बॉय मयंक अग्रवाल का ये पहला घरेलू टेस्ट था। ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज में अर्धशतकीय पारियां खेलने के बाद मयंक ने तिहाई का आंकड़ा घर पर पार किया। मयंक ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहली पारी में शानदार दोहरा शतक जड़ा। ऐसे में जबकि अभिमन्यू ईश्वरन, शुभमन गिल और पृथ्वी शॉ जैसे खिलाड़ी सलामी बल्लेबाज की भूमिका के लिए लाइन में लगे हैं, अग्रवाल का ये दोहरा शतक उन्हें टेस्ट टीम में स्थाई जगह दिलाने में मदद करेगा।

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रविचंद्रन अश्विन: लगभग एक साल बाद टेस्ट टीम में वापसी कर रहे रविचंद्रन अश्विन के सामने इस मैच में खुद को टीम का प्रमुख स्पिनर करने की चुनौती थी। वेस्टइंडीज दौरे पर अनदेखी किए जाने के बाद अश्विन ने वाइजैग टेस्ट की पहली पारी में सात विकेट लेकर अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया। अश्विन ने मैच की दूसरी पारी में एक और विकेट लेकर 350 टेस्ट विकेट का आंकड़ा पूरा किया। इसी के साथ अश्विन टेस्ट में सबसे तेज 350 विकेट लेने वाले गेंदबाज बने और श्रीलंकाई दिग्गज मुथैया मुरलीधरन की बराबरी की।

रविंद्र जडेजा: टीम इंडिया के दूसरे स्पिन गेंदबाज रविंद्र जडेजा ने विशाखापत्तनम टेस्ट में भारत के लिए एक बार फिर मैचविनिंग ऑलराउंडर की भूमिका निभाई। जडेजा ने पहली पारी में नाबाद 30 रन बनाए, और दूसरी पारी में 32 गेंदो पर 40 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। साथ ही जडेजा ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कुल 6 विकेट भी लिए। वहीं मेहमान टीम की दूसरी पारी के दौरान अपने ही ओवर में एडेन मारक्रम का शानदार कैच पकड़कर अपनी वर्ल्ड फेमस फील्डिंग का नजारा भी दिखाया। जडेजा ने एक बार फिर साबित कि फॉर्मेट चाहे जो भी हो वो एक पूर्ण ऑलराउंडर खिलाड़ी हैं।

मोहम्मद शमी: वाइजैग टेस्ट की पहली पारी में जहां अश्विन चमके, वहीं दूसरी पारी में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने सारी लाइमलाइट अपनी तरफ खींची। शमी ने एक बार फिर दूसरी पारी में रिवर्स स्विंग का इस्तेमाल कर बल्लेबाजों को चकमा दिया। पांचवें दिन के पहले सेशन से ही शमी ने आक्रामक गेंदबाजी की। शमी ने टेम्बा बावुमा और फिर फाफ डु प्लेसिस और क्विंटन डी कॉक जैसे अनुभवी बल्लेबाजो चारों खाने चित्त किया।

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विपक्षी कप्तान डु प्लेसिस को बोल्ड करने वाली शमी की गेंद कमाल थी। डु प्लेसिस ने ऑफ स्टंप से बाहर की तरफ जा रही इस गेंद को छोड़ने का फैसला किया लेकिन गेंद स्विंग होकर ऑफ स्टंप का विकेट उड़ा गई। जिससे डु प्लेसिस भी हैरान रह गए। शमी ने मात्र 10.5 ओवर में 35 रन देकर पांच विकेट झटके, जो कि टेस्ट क्रिकेट में उनका पांचवां 5-विकेट हॉल है। दिसंबर 2018 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले पर्थ टेस्ट के बाद शमी का ये पहला 5-विकेट हॉल है। शमी के स्पेल ने साफ किया है के भारतीय टीम घर पर टेस्ट मैच जीतने के लिए पूरी तरह से स्पिनर्स पर निर्भर नहीं है।