टी20 सीरीज में मिली शानदार जीत के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज का पहला मैच खेलने चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम पहुंची भारतीय टीम को 8 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा।

टॉस जीतने के बाद जब विंडीज कप्तान कीरोन पोलार्ड (Kieron Pollard) ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया तो भारतीय खेमे में खुशी का माहौल था क्योंकि चेपॉक की पिच पर अक्सर टीमें पहले बल्लेबाजी कर टारगेट सेट करना पसंद करती हैं। हालांकि मेजबानों की खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी क्योंकि टीम इंडिया के तीनों बड़े बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma), कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) और केएल राहुल (KL Rahul) सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौट गए।

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जिसके बाद युवा बल्लेबाजों श्रेयस अय्यर और रिषभ पंत ने भारत को 287 के लक्ष्य तक पहुंचाया। जो कि एक समय पर बचाए जाने के काबिल लग रहा था लेकिन भारतीय गेंदबाज विंडीज टीम के बल्लेबाजों शिमरोन हेटमायर और शाई होप के सामने बिल्कुल बेबस नजर आए। तो आखिर इस चैंपियन टीम की योजना में कहां कमी रह गई, आइए जानते हैं।

महेंद्र सिंह धोनी की चाल भूल गए कोहली:

चेपॉक स्टेडियम पर किसी कप्तान ने अपना कब्जा जमाया हुआ है तो वो हैं महेंद्र सिंह धोनी। आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी करने वाले धोनी का ये घरेलू मैदान है। केवल पिछले सीजन की बात करें तो धोनी ने यहां खेले कुल सात में से पांच मैच जीते हैं। और उनकी जीत का सबसे बड़ा कारण रहे हैं उनके स्पिन गेंदबाज। धोनी ने चेपॉक में खेलें सातों मैचों में तीन स्पिनर्स ही खिलाएं हैं। हरभजन सिंह, रवींद्र जडेजा और इमरान ताहिर उनके सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए हैं। लेकिन भारतीय टीम चेन्नई वनडे में मात्र दो स्पिनर (कुलदीप यादव और जडेजा) को लेकर उतरी।

चहल के बिना कुलदीप का रिकॉर्ड:

कुलदीप के वनडे रिकॉर्ड पर नजर डालें तो चहल के साथ खेले 34 मैचों में उन्होंने 65 विकेट लिए हैं, जबकि बिना चहल के खेले 20 मैचों में कुलदीप के नाम मात्र 31 विकेट हैं। चहल की गैरमौजूदगी में कुलदीप की औसत 22.73 से बढ़कर 27.67 हो जाती है।

जाहिर तौर पर भारत ने युजवेंद्र चहल की कमी खली, खासकर कि बीच के ओवरों में। चहल और कुलदीप मिलकर भारत को 10-30 ओवरों में विकेट दिलाते हैं लेकिन चेन्नई वनडे में ऐसा नहीं हो पाया। चहल की गैरमौजूदगी में कुलदीप भी फीके नजर आए, हालांकि उन्होंने दूसरे स्पेल में बेहतर गेंदबाजी की और 10 ओवर में मात्र 45 रन ही दिए लेकिन वो भारत को विकेट दिलाने में असफल रहे।

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चेन्नई में भारत को साफ तौर पर तीसरे स्पिनर (पांचवें गेंदबाज) की कमी खली क्योंकि शिवम दुबे और केदार जाधव दोनों ही 10 ओवर करने वाले गेंदबाज नहीं हैं और ये इस मैच में साबित हो गया। बल्लेबाजी क्रम को अतिरिक्त मजबूती देने की कोशिश में भारतीय मैनेजमेंट तीन स्पिन गेंदबाजों को खिलाने की रणनीति से चूक गया जो कि भारत की हार का बड़ा कारण बनी।