चौथे टेस्ट में भी भारतीय टीम जीत हासिल कर सीरीज में 3-0 की बढ़त बनाने का प्रयास करेगी  © AFP
चौथे टेस्ट में भी भारतीय टीम जीत हासिल कर सीरीज में 3-0 की बढ़त बनाने का प्रयास करेगी © AFP

पोर्ट ऑफ स्पेन में खेले जाने वाले चौथे टेस्ट मैच में भारतीय टीम जीत हासिल कर सीरीज में जीत की अपनी लय को बरकरार रखना चाहेगी। भारतीय टीम पहले ही 3 टेस्ट मैचों में 2 में जीत हासिल कर सीरीज अपने नाम कर चुकी है। ऐसे में वेस्टइंडीज के सामने सबसे बड़ी होगी कि वो अंतिम टेस्ट में भारत को मात देकर अपनी लाज बचा सके। इसके लिए सबसे जरूरी होगा कि उसके सभी खिलाड़ी एकजुट होकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें। पिछले तीन टेस्ट मैचों में भारतीय टीम वेस्टइंडीज पर पूरी तरह से हावी रही है और वो इसको चौथे टेस्ट में भी बरकरार रखना चाहेगी।

अगर बात करें टीम कंबीनेशन की तो विराट कोहली को एक बार फिर से मुरली विजय और लोकेश राहुल के बीच एक को चुनना मुश्किल फैसला होगा। राहुल ने पिछले टेस्ट मैच में भी अच्छी पारी खेली थी, ऐसे में उनके चुने जाने के आसार ज्यादा नजर आते हैं। इसी तरह रोहित शर्मा और चेतेश्वर पुजारा में किसी एक को चुनना भी विराट कोहली के लिए मुश्किल फैसला होगा। रोहित शर्मा तीसरे टेस्ट में कुछ खास नहीं कर पाए, ऐसे में पुजारा को बाहर बैठाने का फैसला कटघरे में है। वैसे विराट ने जिस तरह रोहित में भरोसा दिखाया है, उसे देखकर पुजारा को मौका मिलने की उम्मीद काफी कम लग रही है।

विराट खुद भी नंबर 3 की बजाय 4 पर खेलना चाहेंगे। पिछले टेस्ट की दोनों पारियों में वो नंबर 3 पर खेलने उतरे और नाकाम रहे। अजिंक्य रहाणे ने पिछले टेस्ट में एक बार फिर से जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम को अच्छा स्कोर दिया। नंबर 6 पर अश्विन शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, तो ऋृद्धिमान साहा भी विकेटकीपर बल्लेबाज की भूमिका में शानदार काम कर रहे हैं। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजी मजबूत नजर आ रही है।

गेंदबाजी की बात करें तो भारतीय टीम के गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। भुवनेश्वर कुमार ने तीसरे टेस्ट में जिस तरह की गेंदबाजी कर वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा वो काबिलेतारीफ है। मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा ने भी भुवनेश्वर का अच्छा साथ दिया है। तीनों तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट पिच गेंदों का बखूबी इस्तेमाल किया है। स्पिन विभाग ने रविचन्द्रन अश्विन का प्रदर्शन शानदार रहा है तो रविन्द्र जडेजा ने अपने प्रदर्शन से निराश किया है। ऐसे में भारतीय टीम को दूसरे स्पिनर के रूप मे किसी भरोसेमंद खिलाड़ी को टीम में जोड़ना ज्यादा सही फैसला होगा।

दो टेस्ट मैच हार चुकी वेस्टइंडीज के लिए अपनी लाज बचाने का अंतिम मौका होगा। ऐसे में टीम के बल्लेबाजों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। अगर दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी को छोड़ दें तो विंडीज टीम एक बार भी 300 के आंकड़े को नहीं छू पाई है। बल्लेबाजी में रोस्टन चेस को छोड़कर कोई भी वेस्टइंडीज खिलाड़ी प्रभावित करने में नाकाम रहे हैं। तीसरे टेस्ट की दूसरी पारी में जिस तरह का खेल डैरेन ब्रावो ने दिखाया है, उससे उम्मीद है कि वो चौथे में बड़ी पारी खेलेंगे।

गेंदबाजी वेस्टइंडीज के लिए सबसे ज्यादा चिंता का विषय है। विंडीज गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर कुछ खास प्रभाव डालने में नाकाम रहे हैं। टॉप ऑर्डर तो दूर उनको अमित मिश्रा, ऋृद्धिमान साहा जैसे खिलाड़ियों को आउट करने के लिए भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी है। ऐसे में उनके गेंदबाजों को ये मैच जीतने के लिए पूरा जोर लगाना पड़ेगा।

दोनों टीमें इस प्रकार है:
भारत:
शिखर धवन, लोकेश राहुल, विराट कोहली(कप्तान), अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, रविचन्द्रन अश्विन, ऋृद्धिमान साहा(विकेटकीपर), रविन्द्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा, चेतेश्वर पुजारा, मुरली विजय, उमेश यादव, स्टूअर्ट बिन्नी, अमित मिश्रा, शार्दुल ठाकुर।

वेस्टइंडीज:
क्रेग ब्रेथवेट, लियॉन जॉनसन, डैरेन ब्रावो, मार्लोन सैमुअल्स, जेरेमी ब्लैकवुड, रोस्टन चेस, शेन डोरिच(विकेटकीपर), जेसन होल्डर(कप्तान), अलजारी जोसेफ, मिगुएल कमिंस, शैनन गैब्रियल, देवेन्द्र बिशु, शाई होप, कार्लोस ब्रेथवेट।