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- Indian Cricket Team Has tried 15 Opening Pairs in Test Cricket In The last 5 Years
टेस्ट में 15 सलामी जोड़ियों को आजमाने के बावजूद टीम इंडिया का इंतजार अब भी जारी
रोहित टेस्ट मैचों में फिर से पारी का आगाज करने के लिए बेताब होंगे
Published On May 22, 2020, 07:10 PM IST
Last UpdatedMay 22, 2020, 07:10 PM IST
Mayank Agarwal @ians
भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम में एक अदद सलामी जोड़ी का इंतजार अब भी जारी है। रोहित शर्मा को पिछले साल अक्टूबर में टेस्ट मैचों में भी सलामी बल्लेबाज की भूमिका में उतारा गया था और वह इसमें सफल भी रहे लेकिन उनकी असली परीक्षा विदेशी पिचों पर होनी थी और न्यूजीलैंड दौरे से पहले उनके चोटिल होने के कारण भारत को 2020 में खेले गए 2 टेस्ट मैचों में नई सलामी जोड़ी के साथ उतरना पड़ा था।
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रोहित शर्मा के सीमित ओवरों में सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभाने से पिछले 7 वर्षों में भारत को दोनों छोटे प्रारूपों में ओपनिंग को लेकर ज्यादा माथापच्ची नहीं करनी पड़ी।
भारत अगर इस साल के आखिर में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाता है तो फिर पूरी संभावना है कि मयंक अग्रवाल के साथ रोहित ही पारी का आगाज करेंगे लेकिन अन्य बल्लेबाजों विशेषकर युवा पृथ्वी शॉ की दावेदारी को भी कम करके नहीं आंका जा सकता है जबकि केएल राहुल एकदिवसीय प्रारूप में अच्छे प्रदर्शन के कारण लंबे प्रारूप में खेलने का दावा मजबूत करते जा रहे हैं। इनके अलावा मुरली विजय और शिखर धवन की दावेदारी को भी नहीं नकारा जा सकता है।
धवन से लेकर पुजारा तक को ओपनिंग में आजमाया
पिछले 5 वर्षों में भारत ने शिखर धवन, राहुल, मुरली विजय, मयंक अग्रवाल, रोहित, पार्थिव पटेल, शॉ, गौतम गंभीर, हनुमा विहारी, अभिनव मकुंद और यहां तक कि तीसरे नंबर पर खेलने वाले चेतेश्वर पुजारा को भी पारी का आगाज करने के लिए भेजा। इस बीच भारत ने इन खिलाड़ियों को मिलाकर 15 जोड़ियां आजमाई। राहुल ने सर्वाधिक 32 टेस्ट मैचों में ओपनिंग की जबकि विजय ने 29, धवन ने 21 और अग्रवाल ने 11 मैचों में यह जिम्मेदारी संभाली।
अग्रवाल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2018 में मेलबर्न में ‘बाक्सिंग डे’ टेस्ट मैच में डेब्यू किया और शीर्ष क्रम के पहले दो स्थानों में से एक स्थान को स्थायित्व प्रदान किया। उन्होंने अब तक 11 मैचों की 17 पारियों में 974 रन बनाये हैं लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ चार पारियों में वह 102 रन ही बना पाये थे जबकि शॉ ने 98 रन बनाए थे। लेकिन इस पूरी श्रृंखला में सभी भारतीय बल्लेबाज नाकाम रहे थे।
रोहित पारी की आगाज को बेताब होंगे
रोहित टेस्ट मैचों में फिर से पारी का आगाज करने के लिए बेताब होंगे। उन्होंने पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विशाखापट्टनम में पहली बार यह भूमिका निभाई और दोनों पारियों में शतक (174 और 127) ठोककर नया रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद उन्होंने रांची में 212 रन की लाजवाब पारी खेली लेकिन बांग्लादेश के खिलाफ दोनों टेस्ट मैचों में उनका बल्ला कुंद पड़ा रहा। शॉ ने अब तक जो चार टेस्ट मैच खेले हैं उनमें एक शतक की मदद से 335 रन बनाए हैं।
अगर पिछले पांच वर्षों में अन्य देशों की सलामी जोड़ियों की बात करें तो इंग्लैंड और श्रीलंका के बाद भारत ने सर्वाधिक बल्लेबाजों से पारी की शुरुआत करवायी। इंग्लैंड ने इस बीच 17, श्रीलंका ने 12, भारत ने 11, दक्षिण अफ्रीका ने 10, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान ने नौ-नौ खिलाड़ियों को सलामी बल्लेबाज के रूप में आजमाया।
न्यूजीलैंड ने टॉम लैथम की वजह से इस बीच स्थायित्व दिखाया और पिछले पांच वर्षों में उसने केवल चार खिलाड़ियों को ओपनिंग का दायित्व सौंपा। लैथम ने पिछले पांच वर्षों में अपनी टीम की तरफ से सभी 42 मैचों में पारी का आगाज किया।