क्रिकेट खिलाड़ी किसी बॉलीवुड स्टार से कम नहीं होते लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हे बहुत ही मुश्किल परिस्थितियों से गुजरे होते हैं। क्रिकेट में ऐसे हजारों उदाहरण हैं जिनका का परिवार बहुत समृद्ध नहीं था लेकिन क्रिकेट के लिए अपने प्यार और देश के लिए खेलने की उनकी इच्छा ने उनको इन मुश्किल परिस्थितियों से लड़ने की हिम्मत दी और इन खिलाड़ियों ने गरीबी को दरकिनार करते हुए अपनी मेहनत के बल पर भारतीय टीम में जगह बनाई। तो आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ गरीब खिलाड़ियों के बारे में जो भारत के लिए खेले।
क्रिकेट में आने से पहले विनोद कांबली का परिवार बहुत ही गरीब था और मुंबई के एक चॉल में रहता था। सात लोगों के परिवार में कांबली के पिता ही एक कमाने वाले व्यक्ति थे। लेकिन कांबली ने अपनी मेहनत से भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी जगह बनाई। टीम से बाहर होने के बाद भी कांबली मुंबई के लिए रणजी मैच खेलते रहे।
अपनी सटीक लाइन लेंथ मशहूर रहे भारतीय तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल भी अपने परिवार की आर्थिक स्थिति से लड़कर भारतीय टीम में पहुंचे थे। मुनाफ के पिता किसी और के फॉर्म में काम करते थे। मुनाफ को कई बार ऐसा बोला गया कि वो क्रिकेट छोड़ कर परिवार का हाथ बटाएं लेकिन मुनाफ ने 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चर्चा बटोरी और भारतीय टीम में जगह बनाई। [Also Read: जब डॉन ब्रैडमैन ने सिर्फ 3 ओवरों में जड़ दिया था शतक]
गरीब परिवार से आने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में एक और नाम उमेश यादव का है। उमेश के पिता कोयले की खान में काम करते थे और बड़ी ही मुश्किल से अपने परिवार को दो वक्त का भोजन दे पाते थे, लेकिन कहते हैं ना कि प्रतिभा नहीं छिपती और ये साबित कर उमेश ने अपनी कड़ी मेहनत के बल पर भारतीय टीम में शामिल हुए। आज उमेश भारत के सबसे तेज गेंदबाजों में एक हैं। [Also Read: विराट कोहली के लिए कुछ खास है 21 जुलाई]
3. इरफान पठान और युसुफ पठान:
पठान बंधुओं ने भी क्रिकेट से पहले गरीबी को जिया है Picture courtesy: Sudatta Mukherjee
मात्र 19 साल की उम्र में भारतीय टीम में जगह बनाने वाले इरफान पठान और उनके बड़े भाई युसुफ पठान क्रिकेट में आने से पहले गरीबी की मार झेल चुके हैं। पठान एक बेहद ही गरीब परिवार में पैदा हुए। उनके पिता सूरत के एक मस्जिद की देखरेख करते थे। इरफान और उनके बड़े भाई युसुफ मस्जिद के गलियारे में क्रिकेट खेला करते थे। दोनों ने अपने खेल पर कड़ी मेहनत की और भारत के लिए खेले।
मौजूदा समय में भारत के सबसे बेहतरीन स्विंग गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार मेरठ के एक बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे। भुवनेश्वर के मुश्किल दिनों में उनके पिता और बहन ने बहुत साथ दिया और हमेशा उनको क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया। भुवनेश्वर की मेहनत रंग लाई और वो भारतीय टीम का हिस्सा बने। आज वो अपनी स्विंग से बड़े से बड़े बल्लेबाज को परेशान करने की क्षमता रखते हैं।
भारतीय क्रिकेट में ‘सर जडेजा’ के नाम से मशहूर रवींद्र जडेजा भी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में आने से पहले गरीबी की मार झेल चुके हैं। जडेजा के पिता एक प्राइवेट कंपनी में वॉचमैन का काम करते थे। जडेजा के पिता परिवार में अकेले कमाने वाले व्यक्ति थे जिसकी वजह से उनके परिवार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन जडेजा ने अपनी मेहनत के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई और आज वो भारत के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स में एक हैं।
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