एक साथ डेब्यू करने वाले खिलाड़ी एक को मिली कामयाबी दूसरे को मिली गुमनामी

क्रिकेट का खेल जितना मजेदार है उतना ही क्रूर भी है। बहुत से खिलाड़ी इसके गवाह भी हैं। क्रिकेट में ऐसे बहुत से जोड़े मिल जाएंगे जिन्होने क्रिकेट करियर की शुरूआत एक साथ की लेकिन दोनों को एक जैसी सफलता नहीं मिली। एक ने सफलता के नए आयाम खड़े किये तो दूसरे को टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। कई बार तो दूसरे खिलाड़ी को फिर से राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने का मौका तक नहीं मिला। तो आइए जानते हैं भारतीय क्रिकेट की ऐसी जोड़ियों के बारे में जिन्होने अपने करियर की शुरूआत तो एक साथ की लेकिन दोनों को एक जैसा मुकाम नहीं मिला।

1.सचिन तेंदुलकर- सलिल अंकोला:

Indian debutant duos with contrasting careersक्रिकेट की दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में गिने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने करियर की शुरूआत टैलेंटेट तेज गेंदबाज सलिल अंकोला के साथ की थी, लेकिन अंकोला को क्रिकेट में वो पहचान नहीं मिली जिसके वो हकदार थे जबकि सचिन कहां पहुंचे ये किसी को बताने की जरूरत नहीं। अंकोला ने अपने पहले टेस्ट में 2 विकेट चटकाए थे तो मास्टर ब्लास्ट के बल्ले से सिर्फ 15 रन निकले थे।

2.महेन्द्र सिंह धोनी- जोगिंदर शर्मा:

Indian debutant duos with contrasting careersबहुत कम लोगों को पता होगा कि मिस्बाह उल हक को आउट कर भारत को पहला टी20 विश्व कप जीताने वाले जोगिंदर शर्मा ने अपने करियर की शुरूआत भारतीय टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के साथ की थी। दोनों ने अपना पहला मैच बांग्लादेश के खिलाफ 23 दिसंबर 2004 को खेला था। धोनी इस मैच में शून्य पर आउट हुए थे तो जोगिंदर ने 5 रन बनाने के अलावा 1 विकेट लिया था, लेकिन गौर करें तो धोनी ने सफलता की नई ऊचाईयों को छूआ तो जोगिंदर गुमनामी के अंधेरे में खो गए।

3.सुरेश रैना- वेणुगोपाल राव:

Indian debutant duos with contrasting careersभारत के टी20 स्पेशलिस्ट सुरेश रैना ने अपने करियर की शुरूआत वेणुगोपाल राव के साथ की थी। वेणुगोपाल को ज्यादा प्रतिभाशाली खिलाड़ी माना गया था लेकिन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में रैना को ज्यादा सफलता मिली जबकि वेणुगोपाल कुछ मैचों के बाद भारतीय टीम से बाहर कर दिये गए। फिर उनको वापसी का मौका नहीं मिल पाया। अपने पहले मैच में रैना शून्य पर आउट हुए थे तो वेणुगोपाल के बल्ले से 38 रन निकले थे।

4.गौतम गंभीर- आविष्कार साल्वी:

Indian debutant duos with contrasting careersआईपीएल में कोलकाता को दो बार चैंपियन बनाने वाले कप्तान गौतम गंभीर ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर की शुरूआत तेज गेंदबाज आविष्कार साल्वी के साथ की थी। अपने पहले मैच में साल्वी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट चटकाए थे लेकिन फिर वो गुमनामी के अंधेरे में खो गए जबकि गंभीर ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई और करीब 9 हजार से ज्यादा रन बनाए।

5.रविचन्द्रन अश्विन- पंकज सिंह- नमन ओझा:

Indian debutant duos with contrasting careersभारतीय टीम के स्टार स्पिनर रविचन्द्रन अश्विन के साथ तेज गेंदबाज पंकज सिंह और स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने अपने करियर की शुरूआत की थी लेकिन वो गुमनामी के अंधेरे में खो गए। अपने पहले मैच में अश्विन ने दो विकेट चटकाए थे, इसी मैच में नमन ओझा ने 1 विकेट चटकाए जबकि पंकज को कोई सफलता नहीं मिली। ओझा को फिर भी भारत के लिए कुछ मैच खेलने को मिला लेकिन पंकज उस मैच के बाद भारतीय वनडे टीम में वापसी नहीं कर पाए।