Indian team need to work on weakness before Asia Cup Final
MS Dhoni and KL Rahul @IANS

भारतीय टीम इस एशिया कप में अब तक नहीं हारी है। शुक्रवार को फाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबला जीतना है तो उसे अपनी कमजोरियों पर काम करना होगा। पाकिस्तान को मात देने वाली बांग्लादेश की टीम दोगुने जोश से मैदान पर उतरेगी, ऐसे में छोटी सी चूक भी भारी पड़ सकती है।

केएल राहुल की पारी ने बढ़ाई मुश्किल

रोहित शर्मा और शिखर धवन की ओपनिंग जोड़ी ने टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी की है। अफगानिस्तान के खिलाफ रोहित और धवन को आराम दिया गया था। राहुल ने ओपनिंग में बेहतरीन पारी खेलकर कप्तान की मुश्किल बढ़ा दी है। परेशानी यह है कि उनको प्लेइंग इलेवन में जगह दी जाए या फिर बाहर बिठाया जाए।

मिडिल ऑर्डर पर होगी जिम्मेदारी

भारतीय टीम के ओपनर्स की शानदार बल्लेबाजी की वजह से मिडिल ऑर्डर को ज्यादा मौका नहीं मिला है। अफगानिस्तान के खिलाफ महेंद्र सिंह धोनी, केदार जाधव और रविंद्र जडेजा टिकने में नाकाम रहे। भारत ने मुश्किल से मैच बचाया जिसने टीम की चिंता और बढ़ा दी है।

टीम को साझेदारियों की जरूरत

भारतीय टीम को पहले हांगकांग और फिर अफगानिस्तान के खिलाफ मिडिल ऑर्डर को परखने का मौका मिला। दोनों ही मौकों पर टीम नाकाम साबित हुई। हांगकांग के खिलाफ चौथे, पांचवें और छठे विकेट के लिए 29 रन की सबसे बड़ी साझेदारी हुई। अफगानिस्तान के खिलाफ यह 38 रन रही थी। फाइनल में इस कमजोरी को दूर करने के बाद भी भारतीय टीम को उतरना होगा।

महेंद्र सिंह धोनी ने बढ़ाई मुश्किल

इंडियन प्रीमियर लीग में धमाल मचाने वाले महेंद्र सिंह धोनी पहले इंग्लैंड और अब एशिया कप में बल्ले से कुछ खास नहीं कर पाए हैं। इंग्लैंड दौरे पर तीन टी-20 में 32 जबकि 3 वनडे में धोनी ने 79 रन बनाए थे। एशिया कप में पांच मैच की तीन पारी में अब तक सिर्फ 41 रन बनाए हैं। धोनी का फॉर्म भी टीम इंडिया के लिए मुश्किल है।