India’s hands as chasing 200-plus a difficult task against England
Virat Kohli at Lords Cricket Ground

भारतीय क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड में सम्मान के साथ विदाई का मौका होगा अगर सीरीज के आखिरी टेस्ट में वह जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। चौथी पारी में भारतीय टीम को 200 से ज्यादा का लक्ष्य हासिल करना होगा जो इस सीरीज में उसके प्रदर्शन के लिहाज से तो मुश्किल है।

भारतीय टीम ने पहली पारी में रविंद्र जडेजा के नाबाद 86 और हनुमा विहारी के 56 रन की बदौलत 292 बनाए। इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में 332 रन बनाए थे और उसे पहली पारी के आधार पर भारत के उपर 40 रन की बढ़त हासिल हुई।

कम से कम स्कोर पर इंग्लैंड को रोकना होगा

तीसरे दिन दूसरी पारी में बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने दो विकेट के नुकसान पर 114 रन बनाते हुए बढ़त को 154 रन तक पहुंचा दिया। भारतीय टीम  को लिए चौथे दिन इंग्लैंड के आठ विकेट निकालने हैं और साथ ही बढ़त तो 200 या ज्यादा से ज्यादा 220 तक रोकना होगा।

अब चौथी पारी में भारतीय बल्लेबाज नाकाम

बर्मिंघम टेस्ट की चौथी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के सामने 194 रन का लक्ष्य था। पूरी टीम महज 162 रन बनाकर ऑलआउट हो गई और मैच 31 रन से गंवा दिया। लॉर्ड्स टेस्ट में भारतीय टीम दूसरी पारी में महज 130 रन ही बना पाई थी। इस मैच में भारत को पारी और 159 रन से हार मिली थी। चौथे टेस्ट में भारत को इंग्लैंड से 245 रन का लक्ष्य मिला था जिसके सामने टीम इंडिया 184 पर सिमट गई। भारत यह मैच 60 रन से हार गया।

चौथी पारी में टीम इंडिया की बल्लेबाजी

इंग्लैंड सीरीज के दौरान चौथी पारी में सिर्फ एक विराट कोहली हैं जिनके बल्ले से रन निकले हैं। कोहली ने बर्मिंघम में 51 रन बनाए थे जबकि नॉटिंघम में 103 रन की पारी खेली थी। चौथे टेस्ट में कप्तान ने 58 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेली थी।

कोहली के अलावा चेतेश्वर पुजारा ने तीसरे टेस्ट में अर्धशतक बनाया था जबकि अजिंक्य रहाणे ने चौथे मुकाबले की दूसरी पारी में 51 रन बनाए थे।