क्रिकेट मैदान में खिलाड़ियों के बीच हुए झगड़ों के रोचक किस्से
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क्रिकेट मैदान पर लड़ाई- झगड़े(स्लेजिंग) कोई नई बात नहीं है बल्कि झगड़े हमेशा से ही क्रिकेट का अंग रहे हैं। जिसके कारण क्रिकेटर एक अच्छा खेल खेलने को लेकर उद्यत हो जाते हैं और मैदान पर गहमा-गहमी भरी क्रिकेट देखने को मिलती है। मैदान में झगड़े होते तो हैं, टीवी में क्रिकेटरों के होंठ भी हिलते दिखाई देते हैं लेकिन वे कहते क्या हैं इसके बारे में पता नहीं चल पाता। ऐसे ही स्लेजिंग के कुछ किस्से लेकर हम आए हैं जो अभी तक सिर्फ कमेंटेटर व ब्रॉडकास्टरों को पता थे। इन स्लेजिंग के किस्सों को सुनकर आप क्रिकेटरों के सेंस ऑफ ह्युमर को जानकर भौंचक्के रह जाएंगे। तो आइए जानते हैं स्लेजिंग के कुछ चर्चित किस्से।

जब ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने रवि शास्त्री को सिर फोड़ने की धमकी दी: भारतीय टीम के पूर्व निदेशक रवि शास्त्री को आज के क्रिकेट फैन उनकी बेहतरीन कॉमेंट्री को लेकर ज्यादा जानते हैं। अपने समय के बेहतरीन ऑलराउंडरों में से एक रवि शास्त्री ने कई मौकों पर अपने बेहतरीन खेल के दम पर भारतीय टीम को जीत दिलाई। मैदान पर रवि शास्त्री धीरज से ज्यादा काम लेते थे और लड़ाई- झगड़े से तो वे अपने आपको दूर ही रखते थे, लेकिन एक बार उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के एक क्रिकेटर की स्लेजिंग का ऐसा जवाब दिया कि वह अपना सा मुंह लेकर ही रह गया। यह बात एक टेस्ट मैच की है जो टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जा रहा था और रवि शास्त्री बल्लेबाजी कर रहे थे। इसी दौरान शास्त्री ने गेंद को माइक व्हिटनी(मैच में 12 वां खिलाड़ी) की ओर मारा और सिंगल दौड़ने के लिए आगे बढ़े। इसी बीच व्हिटनी ने शास्त्री से कहा कि अगर तुम क्रीज छोड़ कर बाहर आए तो मैं तुम्हारा सिर फोड़ दूंगा। इसके बाद शास्त्री ने व्हिटनी को जो जवाब दिया उसे शायद ही व्हिटनी कभी भूल पाए होंगे।

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शास्त्री ने कहा कि जैसी तुम बातें करते हो अगर ऐसी गेंदबाजी भी करते तो तुम नामुराद 12वें खिलाड़ी नहीं होते। शायद व्हिटनी को उनका जवाब मिल चुका था। माइक व्हिटनी पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज हैं। 1981 में क्रिकेट में पर्दापण करने वाले व्हिटनी ने 1992 में क्रिकेट से संन्यास ले लिया। व्हिटनी को अपने पूरे क्रिकेट जीवन में मात्र 12 टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला।

जब सचिन ने मारे तीन छक्के: यह तो सब जानते हैं कि भारत के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने मात्र 16 साल की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ अपने क्रिकेट करियर का आगाज किया था। लेकिन इसी साल सचिन और अब्दुल कादिर की अनोखी भिड़ंत को अभी तक दोनों देशों के क्रिकेट प्रेमी याद करते हैं। साल 1989 की ही बात है जब भारतीय टीम पाकिस्तान के साथ पेशावर में टेस्ट मैच खेल रही थी और सचिन तेंदुलकर बल्लेबाजी कर रहे थे।

चित्र साभार: huffingtonpost.co.uk
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चूंकि सचिन की उम्र काफी छोटी थी इसलिए दर्शक भी उनका मजाक बना रहे थे, कई दर्शकों ने तो अपने प्लेकार्ड में यह लिखकर सचिन का मजाक उड़ाया, ‘दूध पीता बच्चा…घर जाकर दूध पी’ लेकिन इसके बाद जो हुआ शायद ही किसी ने सोचा था। सचिन के सामने स्पिनर मुश्ताक अहमद गेंदबाजी कर रहे थे। सचिन ने मुश्ताक के एक ओवर में दो छक्के लगाए। सचिन के इन छक्कों से बौखलाए वरिष्ठ खिलाड़ी अब्दुल कादिर ने आकर सचिन से कहा, ‘बच्चों को क्यों मार रहे हो, हमें भी मार कर दिखाओ।’

सचिन ने कादिर के इस बड़बोलेपन का कोई जवाब नहीं दिया और अपने बैट से जवाब देने का मन बनाया। सचिन ने अब्दुल कादिर के एक ओवर में तीन छक्के जड़ दिए और उनकी गेंदों को बचकाना साबित कर दिया। सचिन की बेहतरीन बल्लेबाजी को देखकर कादिर हैरान रह गए। उन्होंने ताली बजाई और हाथ जोड़कर सचिन को प्रणाम किया। ये अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक महान खिलाड़ी की पहली दस्तक थी। कुछ सालों के बाद बीबीसी को साक्षात्कार देते हुए अब्दुल कादिर ने कहा था, ‘मुझे एक ही ओवर में इससे पहले किसी ने तीन छक्के नहीं मारे थे। यकीन मानिए मैंने अपने पूरे तजुर्बे के साथ गेंद डाली। लेकिन इस लड़के ने मेरी ही धुनाई कर दी।’

जावेद मियांदाद और मर्व ह्यूज: पाकिस्तान के जावेद मियांदाद हमेशा से मैदान पर विपक्षी क्रिकेटरों की टांग खींचते रहते थे। एक बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पाकिस्तान मैच खेल रहा था। मियांदाद ने अपने चिरपरिचित अंदाज में ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज मर्व ह्यूज को कहा, ‘और मोटे बस कंडक्टर’ , इसकी कुछ देर बाद ह्यूज ने मियांदाद को आउट कर दिया और जब मियांदाद पवेलियन लौट रहे थे तो वे उनके पीछे भागे और बोले, ‘टिकिट प्लीज’।

स्टीव वॉ और पार्थिव पटेल: पार्थिव पटेल ने टीम इंडिया में 17 साल की उम्र में पर्दापण कर लिया था। पार्थिव को इंडिया टीम की टेस्ट टीम में बतौर विकेटकीपर जगह मिली थी। बात 2004 की है जब भारत ऑस्ट्रेलिया के साथ सिडनी में टेस्ट मैच खेल रहा था। चूंकि यह टेस्ट मैच स्टीव वॉ का अंतिम टेस्ट मैच था इसीलिए ऑस्ट्रेलिया टीम इसमें जी-जान लगा देना चाहती थी।

Photo courtesy: topyaps.com
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लेकिन ऑस्ट्रेलिया के शुरुआती विकेट जल्दी-जल्दी गिर गए और अब स्टीव वॉ अपनी टीम को हार से बचाने के लिए भरपूर प्रयास करने में लगे थे। इसी बीच विकटों के पीछे से पार्थिव बोले, ‘कम ऑन स्टीव संन्यास लेने से पहले एक और स्लॉग स्वीप लगा कर बताओ।’ पार्थिव का यह ताना स्टीव को कुछ अच्छा नहीं लगा और वे बोले, ‘देखो मित्र, बड़ों के प्रति सम्मान व्यक्त करो, क्योंकि जब तुम पालने में थे तब मैंने 18 साल पहले क्रिकेटर में पर्दापण कर लिया था।’ इसके बाद पार्थिव पटेल एक दम शांत हो गए और कुछ नहीं बोल पाए। स्टीव वॉ ने मैच की दूसरी पारी में 80 रन बनाए और आखिरकार सिडनी टेस्ट ड्रॉ हो गया।

मोहम्मद कैफ और मैकमिलन: 2003 विश्व कप में मोहम्मद कैफ और मैकमिलन के बीच हुए इस अनोखे किस्से से बहुत कम लोग रूबरू हैं। 2003 विश्व कप में भारत और न्यूजीलैंड सुपर-6 राउंड में एक दूसरे के आमने सामने थे। न्यूजीलैंड पहली बल्लेबाजी करते हुए 146 रनों पर ढेर हो गई, जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने जल्दी ही 21 रनों पर अपने तीन प्रमुख विकेट गंवा दिए। ऐसे में मोहम्मद कैफ ने राहुल द्रविड़ का साथ निभाना शुरू किया और भारतीय पारी को आगे बढ़ाने लगे।

Photo courtesy: AFP(news18.com)
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इसी बीच मैकमिलन को गेंदबाजी आक्रमण पर लगाया गया और वे कैफ को लगातार शॉर्टपिच गेंदें फेंक रहे थे साथ ही कैफ को उत्तेजित करने के लिए उन पर कुछ न कुछ कमेंट कर रहे थे। लेकिन कैफ पर इस बात का कोई असर नहीं पड़ रहा था और वे अपना स्वभाविक खेल, खेल रहे थे। लेकिन जब मैकमिलन ने कमेंट करने की हद को पार कर दिया तो अंपायरिंग कर रहे रुडी कोएर्टजन मैकमिलन के इस व्यवहार से नाराज हो गए और जब मैकमिलन अपनें गेंदबाजी छोर पर जा रहे थे तब वे उनके पास गए उनके मुंह पर टेप लगा दिया। इसके बाद मैकमिलन ने मैच में कोई कमेंट नहीं किया।