IPL 2018 could be last season for these players
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रविवार को किंग्स इलेवन पंजाब और चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ मैच के साथ इंडियन प्रीमियर लीग के 11वें सीजन के लीग स्टेज का अंत हुआ। अंकतालिका की टॉप 4 टीमों सनराइजर्स हैदराबाद, चेन्नई सुपरकिंग्स, कोलकाता नाइटराइडर्स और राजस्थान रॉयल्स ने प्लेऑफ में जगह बना ली है। इसी के साथ दिल्ली, पंजाब, बैंगलोर और मुंबई का सफर भी खत्म हो गया है। टूर्नामेंट के सारे लीग मैचों को देखने के बाद अगर ये कहा जाय कि 11वें सीजन के बाद कुछ खिलाड़ियों का आईपीएल करियर भी खत्म हो गया है, तो गलत नहीं होगा। आईपीएल के 11वें सीजन में ऐसे कई बड़े खिलाड़ी थे जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। वहीं कुछ ऐसे भी खिलाड़ी हैं जो अब टी20 फॉर्मेट में फिट नहीं बैठते हैं। आइए इस सीजन उन खिलाड़ियों के सफर पर नजर डालते हैं, जिन्हें हम शायद अगले सीजन में खेलते नहीं देख पाएंगे।

युवराज सिंह: टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज और विश्व कप 2011 के नायक रहे युवराज सिंह ने इस आईपीएल सीजन फैंस को निराश किया। पिछले सीजन सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलने वाले युवराज को 11वें सीजन में किंग्स इलेवन पंजाब ने 2 करोड़ में खरीदा लेकिन उनका प्रदर्शन इस कीमत के साथ न्याय नहीं कर सका। युवराज ने 8 मैचों में 10.83 की औसत से केवल 65 रन बनाए। ये केवल इस सीजन की बात नहीं है, इससे पहले के तीन आईपीएल सीजनों में भी युवराज 10 से ज्यादा मैच खेलने के बाद भी 300 का आंकड़ा पार नहीं कर पाए थे। इन आंकड़ों को देखने के बाद 2019 की आईपीएल नीलामी में शायद ही कोई युवराज के नाम पर बोली लगाएगा।

गौतम गंभीर: कोलकाता नाइटराइडर्स को दो आईपीएल खिताब जिताने वाले गौतम गंभीर की घर वापसी वैसी नहीं रही जिसकी सभी को उम्मीद थी। 11वें सीजन में दिल्ली डेयरडेविल्स टीम में लौटे गंभीर ने इस सीजन केवल 6 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 17 की औसत से 85 रन जोड़े। शुरुआती 6 मैचों में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद गंभीर ने कप्तानी से इस्तीफा दे दिया और इसके बाद उन्हें प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बनाया गया। गंभीर को दिल्ली टीम ने इस सीजन के लिए 2.8 की बड़ी रकम देकर खरीदा था लेकिन उन्हें निराशा मिली। 37 साल के गंभीर को 12वां आईपीएल सीजन खेलते देखने की संभावना बेहद कम है।

अजिंक्य रहाणे: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर स्टीवन स्मिथ पर लगे बैन के बाद राजस्थान रॉयल्स के कप्तान बने अजिंक्य रहाणे की अगुवाई में टीम ने प्लेऑफ में जगह जरूर बनाई है लेकिन इसमें रहाणे का योगदान काफी कम है। 11वें आईपीएल सीजन में रहाणे ने राजस्थान के लिए 14 मैचों में 27 की औसत से 324 रन बनाए हैं। राजस्थान के लिए इसस सीजन सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में रहाणे जोस बटलर (548) और संजू सैमसन (391) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। वहीं स्ट्राइक रेट के मामले में रहाणे दसवें नंबर पर हैं। शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करते हुए रहाणे टीम को वो शुरुआत नहीं दिला पा रहे हैं। रहाणे पर लगा टेस्ट क्रिकेटर का टैग अभी तक नहीं हटा है। हालांकि केन विलियमससन भी उन्हीं की तरह पारंपरिक शैली के बल्लेबाज होते हुए भी टी20 फॉर्मेट में विस्फोटक बल्लेबाजी कर रहे हैं लेकिन रहाणे ऐसा करने में नाकाम रहे हैं।

मिचेल जॉनसन: ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन के लिए पिछले चार आईपीएल सीजन बेहद खराब रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें हर सीजन खेलने का मौका मिला है लेकिन 2019 के आईपीएल सीजन में उन्हें खरीदार मिलना मुश्किल है। जॉनसन ने 2015 के आईपीएल में 9 मैचों में 9 विकेट, 2016 के 3 मैचों में 2 विकेट, 2017 के 5 मैचों में 7 विकेट और 2018 के सीजन में 6 मैचों में उन्हें केवल 2 विकेट मिले। 30 की उम्र पार कर चुके जॉनसन का अगले आईपीएल में खेलना फिलहाल मुश्किल लग रहा है।

विनय कुमार: मिचेल जॉनसन के अलावा कोलकाता नाइटराइडर्स के एक और गेंदबाज इस सीजन फ्लॉप रहे हैं। कर्नाटक के विनय कुमार ने 11वें आईपीएल सीजन में खेले 2 मैचों में केवल 2 विकेट लिए हैं। चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ दूसरे मैच में 1.5 ओवर में 35 रन लुटाने के बाद विनय को दोबरा प्लेइंग इलेवन में आने का मौका नहीं मिला। उन्हें एलिमिनेटर मैच में मौका मिलने की संभावना भी ना के बराबर है। इन आंकड़ों को अगर सामने रखा जाय तो अगले सीजन आईपीएल में विनय कुमार को कोई भी टीम नहीं खरीदना चाहेगी।