महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स ने इंडियन प्रीमियर लीग में एक और सफल सीजन पूरा किया। 12वें सीजन में सीएसके एक बार फिर फाइनल तक पहुंची लेकिन मात्र एक रन से अंतर से अपना चौथा खिताब जीतने से चूक गई। 10 सीजन में आठ बार प्लेऑफ में पहुंचने वाली चेन्नई टीम की सफलता का मंत्र एकदम आसान है- कोर ग्रुप बरकरार रखना और खिलाड़ियों पर लगातार विश्वास दिखाना।
12वें सीजन में भी चेन्नई टीम ने ऐसा ही किया जिसका सकारात्मक नतीजा भी मिला लेकिन कई अहम खिलाड़ियों को फॉर्म में आते आते काफी देर हो गई। खिलाड़ियों की लापरवाही और गलत फैसलों की वजह से चेन्नई फाइनल मुकाबले में मुंबई के खिलाफ हार गई लेकिन 12वें सीजन में टीम का सफर अच्छा रहा।
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चेन्नई के टॉप तीन बल्लेबाज:
आईपीएल के 12वें सीजन में चेन्नई के सबसे सफल बल्लेबाज रहे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी। पिछले सीजन की अपनी फॉर्म को बरकरार रखते हुए धोनी ने इस सीजन कई मैच विनिंग पारियां खेली। धोनी ने 15 मैचों की 12 पारियों में83.20 की शानदार औसत से 416 रन बनाए। जिसमें तीन अर्धशतक भी शामिल थे। फाइनल मैच में कैप्टन कूल का रन आउट होने चेन्नई की हार का सबसे बड़ा कारण बना।
साल 2018 में दो साल बाद वापसी कर रही चेन्नई टीम को तीसरा खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले शेन वाटसन के लिए 12वें सीजन की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी लेकिन समय के साथ साथ वाटसन लय में लौट आए। फाइनल मैच में पैर चोटिल होने के बावजूद वाटसन बल्लेबाजी करते रहे और 80 रनों की पारी खेली, जिसे सभी ने सराहा। वाटसन ने सीएसके के लिए 17 मैचों में तीन अर्धशतकों की मदद से 398 रन बनाए।
चेन्नई के तीसरे सबसे सफल बल्लेबाज रहे दक्षिण अफ्रीकी कप्तान फाफ डु प्लेसिस। धोनी ने शुरुआती मैचों में वाटसन और अंबाती रायडू की सलामी जोड़ी को बरकरार रखा लेकिन सकारात्मक नतीजे ना मिलने के बाद डु प्लेसिस को मौका दिया। प्रोटियाज क्रिकेटर ने 12 मैचों में 12 मैचों में 396 रन बनाए, जिसमें तीन अर्धशतक शामिल हैं।
चेन्नई के टॉप तीन गेंदबाज:
चेपॉक की धीमी पिच को देखते हुए चेन्नई इस सीजन भी अपने स्पिन गेंदबाजों पर निर्भर रही। स्पिनर्स ने भी कैप्टन कूल को निराश नहीं किया। 12वें सीजन में चेन्नई के सबसे सफल गेंदबाज पर्पल कैप विजेता इमरान ताहिर रहे। ताहिर ने दिल्ली के तेज गेंदबाज कगीसो रबाडा को पछाड़ 17 मैचों में 26 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम की।
चेन्नई के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज स्पिनर नहीं बल्कि तेज गेंदबाज दीपक चाहर हैं। चाहर ने नई गेंद के साथ पावरप्ले में विकेट निकालने की जिम्मेदारी पूरी तरह से निभाई। दीपक ने 17 मैचों में 22 विकेट लिए। सीनियर स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने चेन्नई के लिए 11 मैचों में 16 विकेट लिए और टीम के तीसरे सबसे सफल गेंदबाज बने।
कहां रह गई कमी:
सुरेश रैना, अंबाती रायडू का निरंतर अच्छा प्रदर्शन ना कर पाना चेन्नई टीम को काफी खला। रायडू पिछले साल चेन्नई के सबसे ज्यादा रन बनाने बल्लेबाज थे लेकिन इस बार वो उम्मीदों पर खरे उतरे। साथ ही केदार जाधव और ड्वेन ब्रावो की इंजरी भी टीम के लिए मुश्किल बनी। जाधव चोट के चलते टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे हालांकि ब्रावो ने दो हफ्ते के ब्रेक के वापसी जरूर की थी लेकिन उम्मीद मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके।
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