मुंबई इंडियंस © IANS
मुंबई इंडियंस © IANS

आईपीएल-10 की शुरुआत हो चुकी है और दर्शक इसके रोमांच में डूब चुके हैं। आज 13 अप्रैल 2017 को कोलकाता नाइट राइडर्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मैच खेला जाना है। लेकिन आज हम आपको बताएंगे आज से 7 साल पहले आज ही के दिन यानी 13 अप्रैल 2010 को मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले ने कैसे धमाल मचाया था। इस मैच में यूसुफ पठान ने आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक जड़ दिया था। यूसुफ ने मात्र 37 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया था। हालांकि इसके बाद भी टीम को जीत नसीब नहीं हुई थी और टीम मुंबई से 4 रनों से हार गई थी। तो आखिर क्या हुआ था उस मैच में आइए जानते हैं।

मुंबई इंडियंस की तेज शुरुआत: टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई इंडियंस को उनके सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या और सचिन तेंदुलकर ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों ही बल्लेबाजों ने आते ही राजस्थान के गेंदबाजों पर हल्ला बोल दिया और शुरुआती 4 ओवरों में ही 38 रन ठोक दिए। हालांकि इस दौरान टीम ने जयसूर्या (14 गेंदों में 23 रन) को खो दिया। लेकिन इसके बाद भी सचिन और आदित्य तरे ने रन रेट को नीचे नहीं आने दिया और तेजी से रन बनाते रहे। देखते ही देखते टीम का स्कोर 6.1 ओवर में ही 69 हो गया। तभी मुंबई को दूसरा झटका लग गया और सचिन (11 गेंदों में 17) रन बनाकर आउट हो गए। अभी टीम के स्कोर में एक रन और जुड़ा था कि टीम का तीसरा विकेट भी गिर गया और तरे (13 गेंदों में 23) रन बनाकर आउट हो गए। ये भी पढ़ें: प्रिव्यू: जीत की राह में लौटने को बेताब केकेआर

सौरभ तिवारी और अंबाती रायडू का धूम-धड़ाका: तीन विकेट गिर जाने के बाद दो नये बल्लेबाज क्रीज पर आ चुके थे। सौरभ तिवारी और रायडू ने आते ही आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और देखते ही देखते स्कोर को 100 के पार पहुंचा दिया। दोनों ही बल्लेबाजों में आक्रामक बल्लेबाजी करने की होड़ लगी हुई थी। इसी बीच मुंबई का स्कोर 150 के पार पहुंच गया और टीम काफी मजबूत नजर आने लगी। राजस्थान के गेंदबाज दबाव डालने में नाकाम साबित हो रहे थे। इसी बीच दोनों ने अपने अर्धशतक भी पूरे कर लिए।

आखिरी 3 ओवरों में राजस्थान के गेंदबाजों ने की वापसी: 7 ओवरों में 180 रन बना चुकी मुंबई की टीम कम से कम 230-240 के स्कोर के पास जाती दिख रही थी। लेकिन आखिरी 3 ओवरों में राजस्थान ने वापसी की और पहले रायडू (33 गेंदों में 53) और फिर सौरभ तिवारी (33 गेंदों में 55) को आउट कर मुंबई के बड़े स्कोर पर पानी फेर दिया। राजस्थान ने अंत में मुंबई को 212 रनों पर रोक दिया। राजस्थान को जीत के लिए 213 रनों की जरूरत थी।

राजस्थान की बेहद घटिया शुरुआत: बड़े लक्ष्य का दबाव राजस्थान के बल्लेबाजों पर साफ दिखा और टीम ने अपना पहला विकेट 0 पर ही खो दिया। इसके बाद नमन ओझा और ग्रीम स्मिथ ने कुछ अच्छे हाथ दिखाए, लेकिन जब टीम का स्कोर 38 हुआ तो ओझा के रूप में टीम को दूसरा झटका लग गया। टीम के स्कोर में अभी 2 रन और जुड़े थे कि स्मिथ भी 22 रन बनाकर चलते बने। शुरुआती झटकों से राजस्थान उबर पाता कि झुनझुनवाला भी (14) रन बनाकर आउट हो गए और टीम के 4 विकेट सिर्फ 66 रनों पर ही गिर गए।

यूसुफ पठान और पारस डोगरा का पलटवार: मुंबई के गेंदबाज अब जीत के लिए आश्वस्त नजर आने लगे थे और उन्हें लग रहा था कि मैच में अब औपचारिकता ही बची है। लेकिन जैसा कि कहते हैं कि क्रिकेट अनिश्चितताओं से भरपूर खेल है और इस खेल में कब क्या हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। उस दिन भी ऐसा ही हुआ। यूसुफ पठान और पारस के पास खोने को कुछ भी नहीं बचा था। ऐसे में दोनों ही बल्लेबाजों ने आक्रामकण करने की सोची। आते ही दोनों ने ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी शुरू कर दी। ये भी पढ़ें: विराट कोहली हुए फिट, बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने की पुष्टि

पठान तो जैसे उग्र रूप धारण करके आए थे। पठान ने आते ही चौके-छक्कों की बरसात कर दी और मैच का पासा पलट दिया। दूसरे छोर से पारस डोगरा भी गेंदबाजों पर कहर बनकर टूटने लगे। पहले जो मैच राजस्थान हारता हुआ दिख रहा था, उसमें अब वो जीत की पहली पसंद बन गए थे। दोनों बल्लेबाजों ने मुंबई के गेंदबाजों की लाइन लेंथ बिगाड़ कर रख दी। दोनों ने पहले टीम का स्कोर 100 पहुंचाया, फिर 150 के पार पहुंचा दिया। इस बीच पठान ने मात्र 21 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। अर्धशतक लगाने के बाद पठान अब और तेजी से रन बनाने लगे। उन्होंने जयसूर्या के 17वें ओवर में 2 छक्के और 1 चौके की मदद से कुल 19 रन ठोक डाले। साथ ही उन्होंने आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक भी ठोक दिया था। पठान ने 37 गेंदों में तेज-तर्रार शतक जड़ दिया था।

पठान ने आउट होने से पहले (37 गेंदों में 100) रन बनाए थे। हालांकि अगले ओवर की पहली ही गेंद पर पठान आउट हो गए और मैच का पासा फिर से पलट गया। मुंबई के गेंदबाजों की जान में जान आ गई। लेकिन दूसरे छोर पर टिके पारस ने उसी ओवर में 2 छक्के और 2 चौके जड़ दिए और ओवर में कुल 21 रन बनाए।

आखिरी 2 ओवरों का रोमांच: राजस्थान को अब आखिरी 2 ओवरों में जीत के लिए सिर्फ 19 रन चाहिए थे। राजस्थान अब जीत की प्रबल दावेदारन नजर आ रही थी। लेकिन 19वां ओवर फेंकने आए अनुभवी तेज गेंदबाज जहीर ने काफी कसा हुआ ओवर फेंका और पारस को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया। जहीर ने 19वें ओवर में सिर्फ 7 रन दिए। अब आखिरी ओवर में मैच आ चुका था। आखिरी ओवर फेंकने का दारोमदार यॉर्कर मैन के नाम से मशहूर मलिंगा के कंधों पर था।

मुंबई की जीत के बीच सिर्फ पारस डोगरा ही दीवार बनकर खड़े थे। लेकिन मलिंगा ने पहली ही गेंद पर पारस को आउट कर अपनी टीम को जश्न मनाने का मौका दे दिया। पारस ने आउट होने से पहले 29 गेंदों में 41 रनों की पारी खेली थी। इसके बाद की पांच गेंदों में एक भी चौका-छक्का नहीं लगा और राजस्थान मैच को 4 रनों से हार गई। हालांकि पठान को उनकी आतिशी बल्लेबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब मिला। राजस्थान ने 212 रनों के जवाब में 208 रन बनाए थे।