इरफान  पठान  © Getty Image
इरफान पठान © Getty Image

इरफान पठान भले ही आजकल टीम इंडिया से बाहर चल रहे हों लेकिन वह आज भी स्टार हैं। हाल ही में उन्होंने बोला है कि वह टीम इंडिया में वापसी को लेकर तत्पर हैं। जाहिर है कि अगर वह घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करें तो उन्हें टीम इंडिया में वापस बुला लिया जाए। पठान वैसे तो लाइमलाइट में नहीं आए। लेकिन पिछले सालों में उनका एक इंटरव्यू टीवी और इंटरनेट पर आया। इस इंटरव्यू में बात करते हुए पठान ने बताया था कि बचपन में जिस घर में वे लोग रहते थे वहां वॉशरूम नहीं था इसलिए उन्हें बाहर जाना पड़ता था। कुछ सालों के बाद वह पास ही के घर में शिफ्ट हो गए। जहां ये सारी व्यवस्थाएं उन्हें मिल गईं। पठान ने इस इंटरव्यू में बताया कि वे बचपन में जमकर साइकल चलाते थे और वो भी अपने बड़े भाई युसुफ को पीछे बिठाकर। वो इसलिए ताकि उन्हें तेज गेंदबाज बनने में मदद मिले। [ये भी पढ़ें: जब सचिन तेंदुलकर ने 100 रनों की पारी में जमा दिए 7 छक्के]

पठान के पिता मस्जिद में झाड़ू लगाने का काम करते थे और उनकी वेतन उस जमाने में 200 से 250 रुपए होती थी। उस समय अच्छे स्पोर्ट्स शूज की कीमत 5 से 10 हजार होती थी जसे खरीदना पठान के पिता की बस की बात नहीं थी। इसलिए पठान ने अपने पिता से 50 रुपए लिए और सेकंड हैंड जूते अपने पास की बाजार से खरीद लिए और घर आकर खुद ही सी करके पहनते थे। पठान का पसंदीदा स्पोर्ट पतंगबाजी है जो वह बड़े शौक से करते हैं।

दिसंबर 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडीलेड टेस्ट में जब इरफान पठान ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की तो उनकी उम्र महज 19 साल थी। एडीलेड टेस्ट में इरफान से कप्तान गांगुली ने दोनों पारियों जमकर गेंदबाजी करवाई और कुल मिलाकर 34 ओवर फिकवाए। पठान ने इस मैच में एकमात्र विकेट लिया और वह था मैथ्यू हेडेन का। भले ही पठान कोई अन्य विकेट नहीं ले पाए लेकिन उन्होंने जिस जोश के साथ गेंदबाजी की उसने कप्तान गांगुली का भरोसा उनपर बढ़ा दिया। यही कारण था कि सिडनी में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में एक बार फिर से पठान का नाम अंतिम एकादश में था। इस टेस्ट मैच में वैसे तो बल्लेबाजों की चली। सचिन तेंदुलकर के 248 रनों की मदद से टीम इंडिया ने 705 रन बनाए। पठान ने इस मैच में कुल तीन विकेट निकाले और जता दिया कि अब वह टीम इंडिया में अपने स्ट्राइक गेंदबाज के रोल के लिए तैयार हैं। अगला दौरा पाकिस्तान का था। पाकिस्तान दौरे के पहले मैच में पठान ने मुल्तान में ही 6 विकेट ले डाले।

इसके बाद पठान की तो चल निकली। जब टीम इंडिया बांग्लादेश दौरे पर गई तब तो पठान और भी घातक साबित हुए और मैच में 11 विकेट लेकर बांग्लादेशी बल्लेबाजों की कमर ही तोड़ दी। इसके बाद अगले मैच में ही चिटगांव में उन्होंने 7 विकेट लिए। इसी साल 2004 में पठान को आईसीसी इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर अवॉर्ड से नवाजा गया। ये पठान के पीक का दौर था। पठान ने जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में और भी अच्छा प्रदर्शन किया और मैच में 12 विकेट ले डाले। हर गुजरते मैच के साथ पठान के सितारे बुलंदियों पर थे। पठान भारत के स्ट्राइक गेंदबाज बन चुके थे। टेस्ट मैच में तो ऐसी तूती थी कि कोई अन्य गेंदबाज आंख मिलाने से टकराए। वनडे में भी उन्होंने विकटों का पतझड़ लगा दिया। पठान ने इस दौरान 59 मैचों में 100 विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया। आज तक पठान ही भारत की ओर से सबसे तेज 100 विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं।

इसी बीच भारत की ओर टेस्ट क्रिकेट में दूसरी हैट्रिक लगाने का श्रेय भारत के इरफान पठान को प्राप्त हुआ। पठान ने यह कारनामा पाकिस्तान के खिलाफ 2006 में कराची में खेले गए टेस्ट मैच में किया था। साथ ही यह भी दिलचस्प बात रही कि यह कारनामा मैच के पहले ओवर की चौथी, पांचवी और छठी गेंद पर हुआ। इरफान ने अपना पहला शिकार सलमान बट को स्लिप में द्रविड़ के हाथों झिलवाकर, दूसरा शिकार यूनिस खान को पगबाधा आउट करके व तीसरा शिकार मोहम्मद युसुफ को क्लीन बोल्ड करके  पनी हैट-ट्रिक पूरी की। हालांकि इरफान की यह हैट्रिक भारतीय टीम के काम नहीं आई और अंततः भारतीय टीम को मैच में 341 रनों की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।

लेकिन 2010 के उत्तारार्ध में पठान फॉर्म से जूझने लगे। इस दौरान उन्हें टीम से बाहर निकाल दिया गया। अगले सालों में उन्होंने जरूर टीम में वापसी की। लेकिन वह ज्यादा प्रभावी नहीं रहे। पठान ने भारत की ओर से अगस्त 2012 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे खेला था जिसमें उन्होंने 5 विकेट लिए थे। इसके बाद वह भारत की ओर से इसी साल टी20 खेलते नजर ऐए जहां उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोलंबों में खेले गए टी20 मैच के बाद से वह टीम इंडिया से बाहर हो गए। तबसे ही वह टीम इंडिया में वापसी को लेकर अपनी बांट जोह रहे हैं। हाल ही में वह बड़ौदा की ओर से रणजी ट्रॉफी में खलेते नजर आए थे। जहां वह पहले दोनों मैचों में कोई विकेट नहीं ले पाए और तीरे मैच में 3 विकेट लिए। क्या पठानका करियर खथ्म हो चुका है। पठान का इस संबंध में कहना है कि वह वापसी को लेकर अश्वस्त हैं।