Devbrat Bajpai
देवब्रत वाजपेयी क्रिकेटकंट्री हिंदी के साथ senior correspondent के पद पर कार्यरत हैं
Written by Devbrat Bajpai
Last Updated on - March 12, 2016 2:36 PM IST


कभी क्रिकेट के छोटे प्रारूप टी20 के सचिन तेंदुलकर कहे जाने वाले सुरेश रैना पिछले कुछ सालों से अपनी चमक खोते नजर आ रहे हैं। टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में सम्मिलित किए गए सुरेश रैना ने ऑस्ट्रेलिया दौरे में वापसी के बाद से अब तक कोई बड़ी पारी नहीं खेली है। इस वजह से उनकी फॉर्म को लेकर एक बार फिर से गाहे बगाहे सवाल खड़े हो गए हैं। पन्नों पर भारत के दूसरे सबसे ज्यादा अनुभवी टी20 क्रिकेटर सुरेश रैना 57 टी20 मैचों में 1,162 रन बना चुके हैं। लेकिन पिछले तीन सालों के उनके औसत पर निगाह दौड़ाएं तो पता चलता है कि उनका औसत बेहद तेजी से नीचे गया है। बहरहाल, उनका कुल रिकॉर्ड अभी भी अच्छा दिखाई देता है क्योंकि उन्होंने अपने करियर में पीक पर रहते हुए खूब रन बनाए थे। साल 2012 में टी20 के शीर्ष 3 बल्लेबाजों में जगह बनाने वाले रैना को अब अंडर-10 में भी जगह नहीं मिल रही है और अब वह 16वें नंबर पर बरकरार हैं। रैना जिन्होंने सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में वापसी की थी। ये भी पढ़ें: विराट कोहली को शादी का प्रस्ताव दे चुकी यह महिला क्रिकेटर अब…
उनकी गिरती फॉर्म को लेकर एक बेहद संजीदगी भरी बात सामने आई है। एक स्टेट्स सर्वेक्षण के मुताबिक रैना जिस पोजीशन पर अभी बल्लेबाजी करने के लिए आते हैं उसमें वह सहजता से बल्लेबाजी करने में समस्याओं का सामना कर रहे हैं। रैना वर्तमान में ज्यादातर चौथे नंबर बल्लेबाजी करने आते हैं और वह इस क्रम में बल्लेबाजी करते हुए अधिकतर मौकों पर फेल हुए हैं। स्टेट्स के मुताबिक जब रैना तीसरे या 6ठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए हैं तब उन्होंने अपने करियर के मौजूदा औसत से ज्यादा रन बनाए हैं। वहीं जब वह चौथे और पांचवें नंबर बल्लेबाजी करने आते हैं तो यह औसत गिर जाता है। यही नहीं बल्कि चौथे और पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते समय रैना का स्ट्राइक रेट भी प्रभावित होता है और वह कम तेजी से रन बना पाते हैं। ये भी पढ़ें: वीडियो: जब सुरेश रैना ने भारत की ओर से पहला T20I शतक बनाया
आंकड़ों के मुताबिक जब रैना तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए जाते हैं तब वे शुरू में थोड़ी देर में क्रीज पर टिकने के बाद जबरदस्त हिंटिंग करते हैं। वहीं जब वह 6वें नंबर पर बल्लेबाजी करने जाते हैं तब वह कुछ देर में ही धमाकेदार बल्लेबाजी करने लगते हैं। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए रैना का स्ट्राइक रेट 138.12 का है। वहीं 6वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए उनका स्ट्राइक रेट और बेहतरीन 146.93 का है। वहीं जब वे चौथे और पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने आते हैं तो यह स्ट्राइक रेट 128.8 और 121.31 का है।
बैटिंग पोजीशन बदलने के मामले में रैना अब तक सबसे ज्यादा दुर्भाग्यशाली रहे हैं और उन्होंने अब तक कई पोजीशनों पर बदल- बदलकर बल्लेबाजी की है। इस मामले में टीम के अन्य खिलाड़ी काफी सौभाग्यशाली रहे हैं। अगर कोहली की बात करें तो उन्होंने पिछले 38 मैचों में 30 बार नंबर 3 पर बल्लेबाजी की है। वहीं अन्य खिलाड़ी भी रैना से इस मामले में कहीं आगे हैं। लेकिन रैना को लगातार विभिन्न पोजीशन पर खिलाया गया है। रैना ने नंबर तीन पर 26 प्रतिशत मैच खेले हैं। नंबर चार पर 24 प्रतिशत मैच तो नंबर पांच और छः पर क्रमशः 30 और 19 प्रतिशत मैच खेले हैं। रैना में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है ये तो साफ है, लेकिन उन्हें लगातार सभी बल्लेबाजी पोजीशन के चक्कर लगवाना भी तो सही नहीं है। खैर सवाल फिर से धोनी के पाले में हैं। क्या वे रैना को 6ठे नंबर पर बतौर फिनिशर सैटल करना चाहेंगे या अपने प्रयोग इसी तरह जारी रखेंगे।
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