पाकिस्तान क्रिकेट टीम  © Getty Images
पाकिस्तान क्रिकेट टीम © Getty Images

एशिया कप में खराब प्रदर्शन के बाद गाहे बगाहे पाकिस्तान क्रिकेटरों के बेसिक्स पर सवाल उठने लगे हैं। सवाल उठना लाजिमी भी है। पाकिस्तान ने टूर्नामेंट में खेले गए चार  मैचों में से दो में ही जीत दर्ज की वहीं दो मैचों में उन्हें बड़ी हार का सामना करना पड़ा। खामियाजन, उन्हें टूर्नामेंट से बांग्लादेश के हाथों हारकर बाहर का रास्ता देखना पड़ा। इस दौरान सबसे बड़ी बात रही पाकिस्तान के शीर्ष क्रम व मध्यक्रम का एकाएक ढह जाना। लेकिन क्यों पाकिस्तान क्रिकेट एकाएक अपनी चमक खो रहा है? इस संबंध में खुद पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों ने चिंताएं व्यक्त की हैं। सोमवार को सलाम क्रिकेट में दिल्ली आए पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों इंजमाम उल हक और वसीम अकरम ने पाकिस्तान क्रिकेट की ढलती साख की कुछ वजहें गिनवाईं। ये भी पढ़ें: भारत की जीत की ज्यादा संभावना: सहवाग

वसीम अकरम ने इस दौरान कहा कि पाकिस्तान में क्रिकेट चलाने वाले प्रोफेशनल क्रिकेटर नहीं है इसलिए टीम के चुनाव में गहराई देखने को  नहीं मिलती। उन्होंने हाल ही में एशिया कप में पाकिस्तान टीम में शामिल किए गए खुर्रम मंजूर का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें पाकिस्तान टीम में सिर्फ इसलिए सम्मिलित किया गया था, क्योंकि इसके पहले इंग्लैंड ‘ए’ के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था। लेकिन इंग्लैंड ए के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन के चलते उसे एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में मौका देना कतई वाजिब मालूम नहीं पड़ता। साथ ही अकरम ने कहा कि अहमद शहजाद जो आजकल बढ़िया क्रिकेट खेल रहे थे उन्हें एशिया कप  से ड्रॉप किया गया जो बात गले से उतरने वाली नहीं थी। यही कारण रहा कि पाकिस्तान टीम टूर्नामेंट में कुछ खास नहीं कर पाई। बहरहाल विश्व कप टी20 के लिए अहमद शहजाद की पाकिस्तान टीम में वापसी हो गई है।

वहीं इंजमाम उल हक ने कहा कि पिछले कई सालों से पाकिस्तान में क्रिकेट नहीं खेला जा रहा है वहीं क्रिकेटर घरेलू मैच खेलने के  लिए शारजाह पर निर्भर हैं। ऐसे में नए नए खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को देख नहीं पाते और इस वजह से उन्हें वह प्रेरणा नहीं मिल पाती जिसकी उन्हें जरूरत है। साथ ही इंजमाम ने कहा कि भारत व अन्य क्रिकेट खेलने वाले देशों में क्रिकेट का स्तर बहुत बढ़ चुका है और टी20 क्रिकेट जो शुरुआत में बिना किसी योजना के साथ खेला जाया करता था आज पूरी तरह से योजनाबद्ध तरीके से खेला जाता है। पाकिस्तान टीम इस मामले में मात खाने लगी है। क्योंकि उनके क्रिकेट के स्तर का ज्यादा विस्तार नहीं हो पाया है। इंजमाम ने कहा कि पाकिस्तान में क्रिकेट ना होना पाकिस्तान क्रिकेट का नुकसान है।

साथ ही इस साल शुरू हुई पाकिस्तान सुपर लीग के बारे में बातचीत करते हुए वसीम अकरम ने कहा कि पीएसएल एक अच्छा कदम है और इस तरह से पाकिस्तान के नए नवेले क्रिकेटर विश्व के क्रिकेटरों के साथ खेलते हुए समझ पाएंगे कि किस तरह उन्हें अपने आपको ढालना है। लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट को इससे फायदा मिलने में थोड़ा समय लगेगा। भारत के कपिल देव ने इस दौरान कहा कि कि जो भारतीय टीम की स्थिति 1980 के दशक में थी वही आज  पाकिस्तान क्रिकेट की है। इस संबंध में बातचीत करते हुए भारतीय पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा कि पाकिस्तान टीम में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है बस उन्हें सही दिशा देने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने कहा कि इंजमाम अफगानिस्तान टीम के साथ क्या कर रहे हैं उन्हें तो पाकिस्तान टीम के साथ होना चाहिए ताकि उन्हें वे सही मार्गदर्शन दे सकें। पाकिस्तान टीम ने एशिया कप और विश्व कप के बीच टीम में फिर से 4 बदलाव कर दिए हैं जो बताता है कि वे टीम में परिवर्तन लाने के लिए कितने बेकरार हैं। क्या टी20 विश्व कप 2016 में पाकिस्तान टीम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाएगी इस पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।