It was a bit of an emotional situation, but everyone has to take a decision at the right time – says Rangana Herath
Rangana Herath @AFP

उस खिलाड़ी का सपना था कि जिस ग्राउंड पर उसने अपने टेस्‍ट करियर की शुरुआत की थी उसी ग्राउंड पर वो अपना आखिरी टेस्‍ट मैच भी खेले। उसका गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्‍टेडियम पर अपना अंतिम इंटरनेशनल मैच खेलने का सपना तो पूरा हो गया लेकिन उसकी विदाई जीत से नहीं हो सकी।

जी हां, हम बात कर रहे हैं श्रीलंका के अनुभवी स्पिन गेंदबाज रंगना हेराथ  की जो अपने आखिरी इंटरनेशनल मैच में भी कई रिकॉर्ड अपने नाम कर गए। हेराथ ने पहले ही ये घोषणा कर दी थी कि वो अपना अंतिम इंटरनेशनल मैच इंग्‍लैंड के खिलाफ गॉल में खेलेंगे। इसके बाद वो संन्‍यास ले लेंगे।

गॉल में खेले गए टेस्‍ट मैच को इंग्‍लैंड ने 211 रन से अपने नाम किया। इंग्‍लैंड की विदेश में खेले गए पिछले 13 मैचों में ये पहली जीत है। दुनिया के बाएं हाथ के सबसे सफल स्पिनर रंगना हेराथ आउट होने वाले अंतिम बल्लेबाज थे।

डेब्‍यू में भी रनआउट और आखिरी टेस्‍ट में भी रनआउट हुए हेराथ

40 साल के रंगना हेराथ ने अपने टेस्‍ट करियर की शुरुआत 1999 में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ की थी। पहली पारी में वो 3 रन के निजी योग पर रनआउट हुए थे। दूसरी पारी में उन्‍हें बल्‍लेबाजी का मौका नहीं मिला था। इंग्‍लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्‍ट में हेराथ 5 रन बनाकर रनआउट हुए।

श्रीलंका की ओर से सबसे ज्‍यादा दिन टेस्‍ट में समय बिताने वाले खिलाड़ी बने हेराथ

रंगना हेराथ श्रीलंका की ओर से सबसे ज्‍यादा दिन टेस्‍ट क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्‍होंने 19 साल 48 दिन तक टेस्‍ट में समय बिताया है। यानी कि 1999 में टेस्‍ट में डेब्‍यू करने वाले इस दिग्‍गज ने 2018 में इसको अलविदा कहा।

इस लिस्‍ट में दूसरे नंबर पर श्रीलंकाई टीम के पूर्व कप्‍तान अर्जुन रणतुंगा का नाम है जिन्‍होंने 18 साल 176 दिन टेस्‍ट में बिताए हैं। रणतुंगा ने 1982 में टेस्‍ट में डेब्‍यू किया था और 2000 तक उन्‍होंने टेस्‍ट क्रिकेट खेला।

किसी एक ग्राउंड पर 100 विकेट लेने वाले दुनिया के तीसरे गेंदबाज बने

रंगना हेराथ ने इंग्लैंड के खिलाफ गॉल टेस्ट के पहले दिन बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। बाएं हाथ के स्पिनर हेराथ ने इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट  को आउट कर इस मैदान पर 100 विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। किसी एक मैदान पर 100 विकेट लेने के कारनामे को अंजाम देने वाले हेराथ दुनिया के केवल तीसरे गेंदबाज हैं।

हेराथ टेस्‍ट में 400 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले बाएं हाथ के स्पिनर हैं

रंगना हेराथ ने 93 टेस्‍ट मैचों में कुल 433 विकेट अपने नाम किए हैं। वो टेस्‍ट क्रिकेट में 400 या इससे अधिक विकेट लेने वाले दुनिया के पहले बाएं हाथ के स्पिनर हैं। इसके अलावा टेस्‍ट क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले वो पहले बाएं हाथ के गेंदबाज भी हैं। 35 साल के बाद सबसे अधिक विकेट झटकने के मामले में भी हेराथ टॉप पर हैं। हेराथ ने 71 वनडे में 74 जबकि 17 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में 18 विकेट लिए हैं। 268 फर्स्‍ट क्‍लास मैचों में हेराथ के नाम 1071 विकेट दर्ज हैं।

30 पार उम्र में सबसे अधिक टेस्‍ट विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं हेराथ

30 साल के होने के बाद टेस्‍ट में सबसे अधिक विकेट झटकने के मामले में हेराथ नंबर वन पर हैं। हेराथ ने 30 के बाद टेस्‍ट में 398 विकेट लिए हैं जो सर्वाधिक है। इस लिस्‍ट में उनके हमवतन मुथैया मुरलीधरन 388 विकेट के साथ दूसरे जबकि ऑस्‍ट्रेलियाई दिग्‍गज शेन वॉर्न 386 विकेट के साथ तीसरे नंबर पर हैं। भारत के पूर्व कप्‍तान अनिल कुंबले 343 और विंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज कर्टनी वाल्‍श 341 विकेट के साथ पांचवें नंबर पर हैं।

‘इंटरनेशनल क्रिकेट को याद करूंगा’

गॉल टेस्‍ट मैच खत्‍म होने के बाद हेराथ ने कहा कि उन्‍हें इंटरनेशनल क्रिकेट की याद आएगी। उन्‍होंने कहा कि वो फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट खेलते रहेंगे। बकौल हेराथ, ‘ किसी भी टीम को परिणाम के रूप में हार मिले तो वाकई ये अच्‍छा नहीं लगता। लेकिन मुझे उम्‍मीद है कि हमारी टीम दूसरे और तीसरे टेस्‍ट में मजबूत वापसी करेगी। निश्चिततौर पर मैं इसे मिस करूंगा। मेरे लिए ये भावुक पल है। सभी उस सही समय का इंतजार करते हैं। मैं उन सभी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्‍होंने मेरा समर्थन किया। खासतौर पर अपनी टीम के साथियों और श्रीलंका क्रिकेट को।’

‘हमें माफ करना हेराथ’

हार के बाद श्रीलंका के कप्‍तान दिनेश चांदीमल ने रंगना हेराथ को सॉरी बोला क्‍योंकि उनकी टीम उन्‍हें जीत से विदाई नहीं दे सकी। बकौल चांदीमल, ‘ हम सभी ये बात अच्‍छी तरह जानते हैं कि रंगना का श्रीलंका क्रिकेट में योगदान कितना अहम रहा है। मैं उन्‍हें सॉरी कहना चाहूंगा क्‍योंकि हम उनके लिए ये मैच नहीं जीत सके। मैं उन्‍हें भविष्‍य के लिए शुभकामनाएं देता हूं। वो एक बेहतरीन इंसान हैं।’