चमत्कार नहीं जोश और जुनून से टीम इंडिया बनीं थी विश्व चैंपियन
भारतीय क्रिकेट टीम ने 1983 में इसी तारीख को दो बार की विश्व चैंपियन वेस्टइंडीज को धूट चटाते हुए विश्व कप का खिताब जीता था।
Published On Jun 25, 2018, 11:36 AM IST
Last UpdatedJun 25, 2018, 11:36 AM IST
Kapil Dev lifts the 1983 World Cup trophy after the win against West Indies © Getty
भारतीय क्रिकेट में 25 जून एक ऐसी तारीख है जिसका सपना साकार होने से पहले शायद ही किसी ने देखा था। भारतीय क्रिकेट टीम ने 1983 में इसी तारीख को दो बार की विश्व चैंपियन वेस्टइंडीज को धूल चटाते हुए विश्व कप का खिताब जीता था।
कपिल देव की कप्तानी वाली युवा भारतीय टीम ने 60 ओवर के विश्व कप को जीत हर तरफ सनसनी फैला दी थी। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर टीम इंडिया ने गॉर्डन ग्रीनिज, क्लाइव लॉयड और विवियन रिचर्डसन जैसे दिग्गजों से भरी टीम को महज 140 रन पर समेट फाइनल अपनी झोली में डाला था।
लीग मैचों में भारत का प्रदर्शन
टीम इंडिया को ग्रुप बी में वेस्टइंडीज, ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के साथ जगह मिली थी। भारतीय टीम में टूर्नामेंट के पहले ही मुकबले में वेस्टइंडीज को 34 रन से मात देकर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। दूसरे मैच में कपिल की सेना ने जिम्बाब्वे पर 5 विकेट की धमाकेदार जीत दर्ज की। लगातार दो जीत के बाद पहले वेस्टइंडीज और फिर ऑस्ट्रेलिया से भारत को करारी मात मिली।
#OnThisDay in 1983, #TeamIndia created history by winning the ICC Cricket World Cup. #ThisDayThatYear pic.twitter.com/iB057tHJ8E
— BCCI (@BCCI) June 25, 2018
कपिल की सेना की शानदार वापसी
जिम्बाब्वे को लगातार दूसरी बार शिकस्त देकर टीम ने वापसी की। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम ने 247 रन का स्कोर खड़ा किया और 129 रन पर कंगारूओं को ढेर कर जता दिया वह किस इरादे से विश्व कप में उतरी है।
सेमीफाइनल में इंग्लैंड को धूल चटाई
इंग्लैड को उसी की धरती पर भारतीय टीम ने 6 विकेट से मात देकर फाइनल में कदम रखा। शानदार गेंदबाजी के दम पर मेजबान टीम को 213 रन पर समेटने के बाद महज 4 विकेट खोकर 5 ओवर रहते ही जीत दर्ज कर पहली बार फाइनल में जगह बनाई।

फाइनल में दो बार की चैंपियन को हराया
वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम को बल्लेबाजी का न्यौता दिया। पूरी टीम इंडिया महज 183 रन पर ही सिमट गई और वेस्टइंडीज के बल्लेबाजी क्रम को देखते हुए उनकी विश्व कप हैट्रिक पक्की लग रही थी। इतिहास रचने का इरादा लेकर मैदान पर उतरी कपिल की सेना ने विंडिज टीम को 140 रन पर समेटा और फाइनल 43 रन से जीत लिया। इस मैच में मोहिंदर अमरनाथ ने 36 रन की पारी खेलने के साथ 3 अहम विकेट चटकाए थे।