करुन नायर, फोटो साभार: indianexpress.com
करुन नायर, फोटो साभार: indianexpress.com

क्या कोई बल्लेबाज छठवें या उससे निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए तिहरा शतक जड़ सकता है। जाहिर है कि बहुत से लोग इसे अजूबा मानेंगे। लेकिन भारतीय घरेलू क्रिकेट में ये कारनामा मुकम्मल किया जा चुका है। भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एकमात्र तिहरा शतक जड़ने वाले वीरेंद्र सहवाग अकेले भारतीय बल्लेबाज हों,  उन्होंने यह कारनामा बतौर ओपनिंग बल्लेबाज अपने नाम किया था। लेकिन भारतीय घरेलू क्रिकेट में कुछ ऐसे बल्लेबाज भी हैं जो छठवें और सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए भी तिहरा शतक मुकम्मल कर चुके हैं। करुण नायर को इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही टेस्ट श्रृंखला के तीसरे टेस्ट मैच के लिए चोटिल केएल राहुल की  जगह टीम में शामिल किया गया है।

1. करुण नायर: नाम तो आपने जरूर सुना होगा। जी हां, यह वही करुण नायर हैं जिन्होंने इसी साल घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगा दिया था और आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम की ओर से खेलते नजर आए थे। नायर ने इस साल मार्च में खेले गए रणजी ट्रॉफी फाइनल में कर्नाटक की ओर से खेलते हुए छठवें नंबर पर बल्लेबाजी की और 328 रन ठोक दिए। छठवें नंबर पर आकर तिहरा शतक जड़ना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता।

गौर करने वाली बात ये है कि जब नायर बल्लेबाजी करने आए थे तो टीम ने अपने पांच विकेट 84 रनों के स्कोर पर गंवा दिए थे। नायर के इस तिहरे शतक की ही बदौलत कर्नाटक ने रणजी ट्रॉफी जीती थी। जिस तरह से करुन घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन कर रहे हैं उसे देखते हुए वह कभी भी भारतीय टीम की ओर से खेलते हुए नजर आ सकते हैं। इससे पहले भारतीय घरेलू क्रिकेट में छठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए सर्वाधिक स्कोर वीरेंद्र सहवाग ने साल 1999-2000 में उत्तर जोन की ओर से खेलते हुए दक्षिणी जोन के खिलाफ बनाया था। नायर क्रिकेट इतिहास के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं जिसने रणजी ट्रॉफी के फाइनल में तिहरा शतक जड़ा है। उनके पहले साल 1946-47 में बड़ौदा के बल्लेबाज गुल मोहम्मद ने होल्कर के खिलाफ 319रनों की पारी खेली थी। वहीं कर्नाटक की ओर से दूसरा तिहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाज कुरन नायर हैं। उनके पहले के एल राहुल ने साल 2015 में उत्तरप्रदेश के खिलाफ 337 रन बनाए थे।

2. अर्जन कृपाल सिंह: साल 1988-89 में तमिलनाडु के बल्लेबाज अर्जन कृपाल सिंह ने सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 302 रन ठोक दिए थे। इसी मैच में डब्लूवी रमन ने भी 313 रन ठोके थे और टीम के स्कोर को 912 तक पहुंचाया था। लेकिन उन्होंने ये तिहरा शतक ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करते हुए जमाया था।