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विराट कोहली से पहले कई भारतीय दिग्गज खेल चुके हैं काउंटी क्रिकेट
विराट काउंटी क्लब सरे की तरफ से खेलते नजर आएंगे। वैसे विराट से पहले सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, वीरेंद्र सहवाग और कपिल देव जैसे दिग्गज भी काउंटी क्रिकेट में खेल चुके हैं।
Written by Viplove Kumar
Last Published on - May 4, 2018 5:34 PM IST

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली बहुत जल्द ही काउंटी क्रिकेट अपनी बल्लेबाजी का जौहर दिखाएंगे। विराट काउंटी क्लब सरे की तरफ से खेलते नजर आएंगे। वैसे विराट से पहले सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, वीरेंद्र सहवाग और कपिल देव जैसे दिग्गज भी काउंटी क्रिकेट में खेल चुके हैं।
सुनील गावस्कर (समरसेट)
दिग्गज भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सबसे पहले टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार का आंकड़ा छूआ। सचिन तेंदुलकर से पहले गावस्कर के नाम सबसे ज्यादा 34 टेस्ट शतक बनाने का भी रिकॉर्ड दर्ज था। साल 1980 में गावस्कर ने समरसेट काउंटी क्लब की तरफ से खेला था। 15 मैच में उन्होंने 34.29 की औसतक से 686 रन बनाए थे।
कपिल देव (नार्थम्पटनशायर)
भारत के लिए पहला विश्वकप जीतने वाले कप्तान कपिल देव को दुनिया के शानदार ऑल राउंडर्स में गिना जाता है। कपिल ने नार्थम्पटनशायर और वॉरसेस्टशायर की तरफ से कुल मिलाकर 40 मुकाबले खेले जिसमें 2000 से ज्यादा रन और 100 से ज्यादा विकेट हासिल किए।
मोहम्मद अजहरुद्दीन (डर्बीशायर)
भारत के सफलतम कप्तानों में शुमार किए जाने वाले मोहम्मद अजहरुद्दीन ने साल 1990 में काउंटी क्लब डर्बीशायर से खेलने का फैसला किया था। डर्बीशायर के लिए अजहर ने दो सीजन में 54.56 की औसत से 2728 रन बनाए। काउंटी क्रिकेट में अजहर ने 9 शतक और 11 अर्धशतक बनाए।
सचिन तेंदुलकर (यॉर्कशायर)
इंटरनेशनल क्रिकेट में 24 साल से ज्यादा का वक्त बिताने वाले सचिन रमेश तेंदुलकर ने महज 19 साल की उम्र में ही काउंटी क्रिकेट में खेल लिया था। सचिन काउंटी में खेलने वाले सबसे कम उम्र के विदेशी खिलाड़ी थे। यॉर्कशायर काउंटी टीम की तरफ से सचिन ने 16 मुकाबलों में 46.52 की औसत से 1070 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 7 अर्धशतक और एक शतक बनाए।
वीवीएस लक्ष्मण (लंकाशायर)
भारत के कलात्मक बल्लेबाजों में से एक वी.वी.एस लक्ष्मण ने भी साल 2007 में काउंटी क्रिकेट की रुख किया था। लंकाशायर की तरफ से 18 मुकाबलों में लक्ष्मण ने कुल 61 की औसत से रन बनाए जिसमें उनके नाम 6 शतक रहे।
राहुल द्रविड़ (केंट)
भारत के महान बल्लेबाजों में से एक राहुल द्रविड़ ने साल 2000 में काउंटी क्लब केंट की तरफ से खेलने का फैसला किया था। केंट के लिए 16 मुकाबलों में द्रविड़ के नाम 1000 से ज्यादा रन रहे।
सौरव गांगुली (नार्थम्पटनशायर-लंकाशायर-ग्लेमोर्गन)
भारत के सफलतम कप्तानों में शुमार सौरव गांगुली को तीन काउंटी क्लब की तरफ खेलने का मौका मिला। काउंटी क्लब नार्थम्पटनशायर, लंकाशायर और ग्लेमोर्गन के लिए गांगुली ने खेलते हुए अपने बल्ले का जौहर दिखाया।
अनिल कुंबले (नार्थम्पटनशायर)
टेस्ट और वनडे क्रिकेट में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज अनिल कुंबले ने साल 1995 में काउंटी क्रिकेट खेला था। नार्थम्पटनशायर की तरफ से गेंदबाजी करते हुए कुंबले ने 900 ओवर में 20.40 की असाधारण औसत से 105 विकेट हासिल किए थे।
वीरेंद्र सहवाग (लीसेस्टरशायर)
साल 2003 में भारत के विस्फोटर ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने लीसेस्टरशायर के साथ अनुबंध किया था। सहवाग ने क्लब के लिए सिर्फ 6 मैच ही खेले थे लेकिन इनमें उनका प्रदर्शन शानदार रहा था। लीसेस्टरशायर के लिए वीरू ने दो शतक और एक अर्शकीय पारी खेली थी।
जहीर खान (सरे)
भारत के सबसे प्रभावशाली तेज गेंदबाजों में शुमार जहीर खान ने काउंटी क्लब सरे की तरफ से खेला था। 17 मैचों में जहीर के नाम 79 विकेट हैं जो अपने आप में काफी शानदार रिकॉर्ड है।
