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आइए जानते हैं भारतीय टीम की ऑस्ट्रेलिया पर सबसे बड़ी जीत के बारे में
दोनों टीमें मैच जितने के लिए अपनी एड़ी चोटी का बल लगा देती है
Written by Vivek Kumar
Last Updated on - February 20, 2016 4:02 PM IST


क्रिकेट की दुनिया में ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों ही टीमों को काफी मजबूत टीमों में गिना जाता है। इन दोनों टीमों के बीच अक्सर बड़े मुकाबले होते रहते हैं। क्रिकेट खेल प्रेमियों में इन दोनों टीमों के बीच के मुकाबलों को ज्यादा पसंद किया जाता हैं और इन दोनों टीमों की भिडंत भी काफी रोचक होती है। ये दोनों टीमें मैच जितने के लिए अपनी एड़ी चोटी का बल लगा देती है। अभी हल ही में हुए मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हरा दिया था। भारत ने इस खेले गए मैच में कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। लेकिन क्या आपको पता हैं भारत ने ऑस्ट्रेलियाई टीम पर अपनी सबसे बड़ी जीत 118 रनों से की थी। तो आइए जानते हैं भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए बेहद रोमांचक मैच के बारे में जिसे भारत ने सबसे बड़े अंतर से जीता – ये भी पढ़ें: दूसरे वनडे में विराट तोड़ सकते है ए बी डीविलियर्स का रिकॉर्ड
31 मार्च 2001 को नेहरु स्टेडियम इंदौर में खेले गए भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच में भारतीय टीम की कप्तानी विजय दहिया कर रहे थे जो एक भारतीय विकेटकीपर व बल्लेबाज थे और ऑस्ट्रेलियाई टीम के तरफ से कप्तानी दिग्गज बल्लेबाज व विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट कर रहे थे। भारतीय टीम के लिए वो दिन सुनहरे दिनों में से एक था। ऑस्ट्रेलिया टीम ने टॉस जीतकर फील्डिंग चुनी। भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी करने को कहा भारतीय टीम ने शुरुआत में राहुल द्रविड़ का विकेट जल्दी ही गवां दिया।
राहुल ने 34 गेंदों का सामना करते हुए केवल 15 रन बनाए। इसके बाद मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने पारी को संभालते हुए 139 रनों का निजी स्कोर बना डाला। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का साथ भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने बखूबी दिया और इनके बीच 222 रनों की लम्बी साझेदारी हुई। जिसके बदौलत भारतीय टीम मजबूत स्थिति में पहुंच गई। लक्ष्मण ने 123 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौकों के मदद से 83 रनों की पारी खेली। शानदार प्रदर्शन करते हुए सचिन तेंदुलकर ने 197 गेंदों का सामना किया जिसमें उन्होंने 19 चौके भी लगाए। इनके बाद भारतीय टीम के तरफ से हेमंग बदानी ने 23 रन बनाए। भारत ने 50 ओवर के मैच में 8 विकेट के नुकसान पर 299 रन बनाए। ये भी पढ़ें: भारत डीआरएस को नकारने के बाद शिकायत नहीं कर सकता: हैडिन
अब जीत के लिए ऑस्ट्रलियाई टीम को 300 रनों की जरुरत थी। एडम गिलक्रिस्ट ने बल्लेबाजी करते हुए टीम को अच्छी शुरुआत दी लेकिन वो अपनी टीम के लिए अर्द्धशतक ही लगा पाए गिलक्रिस्ट ने 70 गेंदों का सामना करते हुए 63 रन ही बना पाए। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान गिलक्रिस्ट के जाने के बाद टीम जैसे भारतीय गेंदबाजों के सामने घुटने टेक दिए और जल्द ही आउट हो गई। कंगारू टीम के तरफ से रिकी पोंटिंग ने 55 गेंदों पर 23 रन बनाए। स्टीव वॉ ने टीम को बहुत संभालने की कोशिश की और अंत तक टिके रहे लेकिन दुसरे छोर से विकेट का पतन जारी रहा और फलस्वरूप भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया टीम पर 118 रनों से अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल की। ये भी पढ़ें: आइए जानते हैं भारतीय टीम पर ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी जीत के बारे में
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भारतीय टीम के तरफ से सबसे सफल गेंदबाज जवागल श्रीनाथ रहे जिन्होंने भारत की तरफ से 2 विकेट झटके। श्रीनाथ ने 8.5 ओवर किए जिसमें 2 मैडन ओवर शामिल थे और केवल 34 रन दिए। टीम के अन्य गेदबाजों ने भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई जहीर खान व हरभजन सिंह ने 3 विकेट झटके।
सौरव गांगुली ने चार ओवर किए और 1 विकेट हासिल किया। फलस्वरूप भारतीय टीम ने 108 रनों से मैच जीत लिया। ये भारत की सबसे बड़ी जीत थी। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को अपने बेहतरीन पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।
