क्रिकेट बैट © Getty Images
क्रिकेट बैट © Getty Images

आईपीएल 2009 में मैथ्यू हेडेन का मंगूस बैट खासा प्रचलित हुआ था। इस बैट की खासियत यह थी कि इसका हैंडल बड़ा था जिसकी सहायता से हेडेन ने आईपीएल 2009 में लंबे-लंबे छक्के मारकर कहर बरपा दिया था और टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। लेकिन क्या आपको पता है क्रिकेट में बैट की लंबाई-चौड़ाई के भी नियम होते हैं जिनके आधार पर ही बल्ले की बनावट निर्धारित की जाती है। बैट ही नहीं क्रिकेट का प्रत्येक सामान(बैट, बॉल, पिच, विकेट्स) को लेकर कुछ नियम बनाए गए हैं। तो आइए नजर डालते हैं ऐसे ही नियमों पर। ये भी पढ़ें: भारतीय क्रिकेटर विराग मारे ने लगातार तीन दिनों तक बल्लेबाजी कर बनाया विश्व रिकॉर्ड

1.क्रिकेट गेंद: क्रिकेट के नियम 5 के मुताबिक क्रिकेट गेंद की परिधि 22.4 सेमी. से 22.9 सेमी. होती है तथा इसका वजन 155.9 ग्राम से 163 ग्राम के बीच होता है। गेंद के बदलाव को लेकर वनडे और टेस्ट क्रिकेट में भिन्न-भिन्न नियम हैं। वनडे क्रिकेट में गेंद को पारी के अंत तक इस्तेमाल किया जाता है और अगर इस बीच गेंद किसी कारणवश खो जाती है तो उतने ही ओवर खेली गई गेंद को उपयोग में लाया जाता है। चूंकि गेंदबाजी दो छोरों से की जाती है इसलिए दोनों छोरों से अलग-अलग गेंद का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं टेस्ट क्रिकेट में गेंद को बदलने का नियम 80 ओवर है। ये भी पढ़ें: क्राइस्टचर्च एकदिवसीय: न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को 7 विकेट से हराया

2. क्रिकेट बैट: क्रिकेट के नियम पांच के मुताबिक क्रिकेट बैट की लंबाई 38 इंच यानि कि 97 सेमी. से ज्यादा नहीं हो सकती। साथ ही चौड़ाई 4.25 इंच(1.8 सेमी.) होनी चाहिए। बल्लेबाज के ग्लव्सों को बैट का अंग माना जाता है। कुछ सालों पहले बैट के नियम में बदलाव किया गया था जब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर इयान हिली ने एल्यूमिनियम धातु के बैट का इस्तेमाल किया था। जब विपक्षी टीम के कप्तान ने अंपायर से कहा कि भारी धातु से बना यह बैट क्रिकेट गेंद को खराब कर रहा है तब अंपायरों ने हिली को उस बल्ले को इस्तेमाल ना करने को कहा। तबसे ही क्रिकेट में नया नियम इजाद हुआ कि क्रिकेट बैट की ब्लेड अनिवार्य रूप से लकड़ी की होनी चाहिए।

3. क्रिकेट पिच: क्रिकेट के नियम 7 के मुताबिक क्रिकेट पिच को लेकर कुछ खास नियम बनाए गए हैं। जिसके अंतर्गत पिच की लंबाई 22 गज(20 मीटर) और चौड़ाई 10 फीट(3.0 मीटर) होती है पिच को बनाने व चुनने का काम मैदान के अधिकारियों का होता है। लेकिन जैसे ही खेल शुरू होता है, पूरा कंट्रोल अंपायरों के हाथ में आ जाता है। अंपायर ये भी निर्धारित करते हैं कि क्या पिच खेल के लिए ठीक है। अगर पिच में कुछ गड़बड़ी पाई जाती है तो दोनों टीमों के कप्तानों की सहमति से पिच का बदलाव किया जा सकता है। साथ ही अगर पिच की हालत बहुत खराब हो तो मैच को रद्द भी किया जा सकता है। 2009 में भारत-श्रीलंका के बीच खेले जा रहे मैच में पिच बेहद खराब बर्ताव कर रही थी। जिसके कारण बल्लेबाजी कर रहे कई श्रीलंकाई खिलाड़ी तो घायल भी हो गए थे। अंपायरों ने जब पिच की यह हालत देखी तो उन्होंने मैच को रद्द कर दिया।

4. क्रिकेट विकेट: क्रिकेट विकटों का जिक्र नियम आठ में किया गया है। विकटों में 3-3 लकड़ी के स्टंप्स शामिल होते हैं जो क्रिकेट पिच के दोनों ओर लगाए जाते हैं। इन स्टंप्स की लंबाई 71 सेमी. होती है। इन स्टंप्स के बीच का गैप 9 इंच होना चाहिए। स्टंप्स के ऊपर लकड़ी की एक गिल्ली रखी जाती है इसकी ऊंचाई स्टंप्स से 1.3 सेमी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए व इनक लंबाई विशेषकर पुरुष क्रिकेट के लिए 1.95 सेमी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

5. गेंदबाजी व बल्लेबाजी क्रीज: गेंद, बैट के साथ ही गेंदबाजीन और बल्लेबाजी क्रीज के भी कुछ नियम बनाए गए हैं। क्रिकेट के नियम 9 के मुताबिक दोनों छोरों की गेंदबाजी क्रीज की लंबाई में 8 फुट 8 इंच (2.64 मीटर) होना चाहिए। इन क्रीजों के मध्य में स्टंप्सों को लगाया जाता है जिसका निर्दारण मिडिल स्टंप से किया जाता है। ये क्रीज बल्लेबाज व गेंदबाज की सीमाओं का निर्धारण करती हैं। अगर बल्लेबाज बल्लेबाजी करते वक्त क्रीज से बाहर निकल कर शॉट खेलता है और गेंद को चूक जाता है। ऐसे में क्रीज से बाहर पाए जाने पर विकेटकीपर उसे स्टंप आउट कर सकता है। वहीं गेंदबाज के फ्रंट फुट नोबॉल का इस्तेमाल भी इसी क्रीज से किया जाता है।