© Getty Images
© Getty Images

हार्दिक पांड्या ने साल 2017 में तो जैसे गदर ही मचा दिया है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई सीरीज में पांड्या ने ताबड़तोड़ पारियां खेलीं और महज चार पारियों में ही 12 छक्के लगा दिए। यह पहली बार नहीं है जब पांड्या के बल्ले ने आग उगली हो बल्कि आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने 43 गेंदों में 76 रनों की पारी के दौरान 6 छक्के मारे थे।

अब पांड्या के नाम 19 पारियों में 30 छक्के हो गए हैं। इस लिहाज से माना जा रहा है कि पांड्या जल्दी ही न्यूजीलैंड के कोरे एंडरसन का सबसे तेज 50 वनडे छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। एंडरसन के नाम 33 पारियों में 50 छक्के लगाने का रिकॉर्ड है। उन्होंने इस रिकॉर्ड को साल 2014 में बनाया था और आजतक कोई भी इस रिकॉर्ड को तोड़ने की हिम्मत नहीं जुटा सका है।

लेकिन दिलचस्प वाली बात ये है कि पांड्या को चुनौती देने वाला बल्लेबाज भी आ गया है। ऐसे में ये भी संभव है कि पांड्या कोरे एंडरसन का रिकॉर्ड तोड़ने के बावजूद भी नंबर 1 न रह सकें। हम बात कर रहे हैं ऑस्ट्रेलिया के ताबड़तोड़ बल्लेबाज मार्कस स्टोइनिस की। स्टोइनिस अभी तक 8 वनडे पारियों में ही 18 छक्के लगा चुके हैं। छक्के लगाने के रेट की बात करें तो वह हार्दिक पांड्या से कोसों आगे हैं। स्टोइनिस ने 8 पारियों में से सिर्फ दो पारियों में छक्का नहीं लगाया है क्योंकि वह इस दौरान 4 और 3 रन बनाकर आउट हुए थे। कहने का मतलब है कि जब भी वह दहाई का आंकड़ा छूते हैं छक्का जरूर लगाते हैं।  ये भी पढ़ें: खराब फॉर्म से जूझ रहे विराट कोहली पर वीरेंद्र सहवाग का बड़ा बयान

न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने दूसरे मैच में ही किया धमाका: स्टोइनिस ने वैसे तो साल 2015 में इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स में डेब्यू किया था लेकिन इस मैच में वह 4 रन बनाकर ही आउट हो गए। इसके बाद वह दो सालों तक ऑस्ट्रेलियाई टीम में वापसी नहीं कर पाए। साल 2017 में आखिकार उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड वनडे में वापसी की। उनका जो रूप इस वनडे में देखने को मिला, क्रिकेट जगत हैरान रह गया। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया टीम न्यूजीलैंड के 287 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। लक्ष्य का पीछा करने के दौरान ऑस्ट्रेलियाई टीम बिखरने लगी।

आनन-फानन में उनके 67 रनों पर 6 विकेट गिर गए। ऐसे में लगा कि ऑस्ट्रेलिया जल्दी ही बिखर जाएगी। लेकिन तभी स्टोइनिस ने अपना दमखम दिखाना शुरू किया। उन्होंने पहले जेम्स फॉकनर के साथ सातवें विकेट के लिए 81 रनों की साझेदारी की। फिर आठवें विकेट के लिए पैट कमिंस (36) के साथ 78 रनों की साझेदारी की और ऑस्ट्रेलिया को जीत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया। इस दौरान उन्होंने जिस अंदाज में गेंदबाजों का कत्लेआम किा था, दुनिया में हर कोई उनका मुरीद बन गया था।

लेकिन किस्मत तो देखिए ऑस्ट्रेलिया 47वें ओवर में ऑलआउट हो गई और स्टोइनिस 117 गेंदों में 146 रन बनाकर नाबाद रहे। जाहिर है कि उन्हें थोड़ी और सहयोग दूसरे छोर से मिल जाता तो वह इतिहास रच देते। स्टोइनिस ने इसी मैच में 11 छक्के लगाए थे। स्टोइनिस भले ही भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में कुछ खास न कर पाए हों लेकिन वह छक्के मारने में पीछे नहीं रहे। चेन्नई वनडे को छोड़ दिया जाए तो उन्होंने हर मैच में एक-एक छक्का मारा है।