इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) का 13वां सीजन अपने आखिरी पड़ाव की ओर बढ़ रहा है और इसी के साथ कई टीमों ने अगले सीजन की तैयारी शुरू कर दी है, जिसमें महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) की चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) टीम प्रमुख है। 13वें सीजन के प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी सीएसके को 2021 सीजन से पहले स्क्वाड में कई बड़े बदलाव करने होंगे, ऐसे में टीम की उम्मीदें 14वें सीजन से पहले होने वाले मेगा ऑक्शन पर टिकी हैं जो कि अब रद्द हो सकता है।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक 2021 में होने वाले आईपीएल सीजन से पहले होने वाला मेगा ऑक्शन 2022 तक के लिए स्थगित किया जा सकता है। कोरोना वायरस महामारी की वजह से अप्रैल-मई में होने वाला ये टूर्नामेंट अक्टूबर-नवंबर में आयोजित करना पड़ रहा है। ऐसे में अगर अगले साल टूर्नामेंट को सही समय पर खेलना है तो मेगा ऑक्शन का आयोजन करना मुश्किल हो जाएगा।

आखिरी मेगा ऑक्शन 2018 में हुआ था और पिछले साल मिनी ऑक्शन का आयोजन किया गया था, जहां 73 स्पॉट पर 332 खिलाड़ियों को चुनने के लिए आठों टीमों ने बोली लगाई थी। चूंकि ज्यादातर टीमों को आईपीएल 2021 से पहले मेगा ऑक्शन होने की उम्मीद थी, ऐसे में 13वें सीजन की नीलामी में उन्होंने स्क्वाड में खास बड़े बदलाव नहीं किए। लेकिन अब जबकि मेगा ऑक्शन रद्द होने की खबर है तो इससे टीमों के नुकसान पहुंच सकता है और सबसे ज्यादा मुश्किल में होनी चेन्नई सुपर किंग्स।

13वें सीजन में सीएसके टीम के स्क्वाड में कई परेशानियां लेकिन कमजोर बल्लेबाजी टीम की असफलता का सबसे बड़ा कारण बनी। सुरेश रैना की गैरमौजूदगी में शेन वाटसन और अंबाती रायुडू लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में असफल रहे। फाफ डु प्लेसिस की शानदार बल्लेबाजी भी सीएसके को हार से नहीं बचा पाई। हालांकि टूर्नामेंट के आखिरी स्टेज में रुतुराज गायकवाड़ का फॉर्म में आना टीम के लिए सकारात्मक रहा।

मेगा ऑक्शन के ना होने का मतलब है कि सीएसके टीम स्क्वाड में मौजूद खराब फॉर्म से जूझ रहे खिलाड़ियों को रिलीज नहीं कर सकेगी। यानि कि ऑलराउंडर केदार जाधव अगले सीजन भी सीएसके लिए खेलते नजर आ सकते हैं। साथ ही रैना के अगले सीजन में खेलने को लेकर भी संशय की स्थिति है चूंकि इस भारतीय बल्लेबाज का कॉन्ट्रेक्ट 13वें सीजन के साथ खत्म हो रहा है।

अनुभव जो कि अब तक सीएसके टीम की ताकत रहा है, 13वें सीजन तक आते-आते टीम की कमजोरी बन गया है। वाटसन, रायुडू और इमरान ताहिर जैसे खिलाड़ी अक्सर फील्डिंग में खराब प्रदर्शन करते हैं जिससे अक्सर अतिरिक्त रन जाते हैं या अहम विकेट नहीं मिल पाते और पूरी टीम का मनोबल गिरता है। मेगा ऑक्शन के जरिए सीएसके टीम मैनेजमेंट इन सभी खिलाड़ियों के विकल्प तलाश सकता था लेकिन अब ऐसी संभावना नहीं दिख रही है।

13वें सीजन में कप्तान धोनी का खुद का फॉर्म भी बेहद निराशाजनक रहा। ऐसे में अगर चेन्नई को अगले सीजन में धमाकेदार वापसी करनी है तो स्क्वाड में नए और टी20 स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों को शामिल करना ही होगा।