मिचेल जॉनसन और शेन वॉटसन पिकनिक मनाने के दौरान © Getty Images
मिचेल जॉनसन और शेन वॉटसन पिकनिक मनाने के दौरान © Getty Images

वैसे क्रिकेट में विरोधी टीमों के बीच बहस होना या फिर धक्का-मुक्की होना आम बात है लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि जब एक ही टीम के दो खिलाड़ियों के बीच लड़ाई हुई हो और बात हाथापाई तक आ गई हो। नहीं ना, लेकिन ऐसा हुआ है ऑस्ट्रेलिया टीम के साथ। विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के बेहद खतरनाक गेंदबाज मिचेल जॉनसन ने अपनी किताब में इस बात खुलासा किया है। जॉनसन ने अपनी किताब ‘मिशेल जॉनसन रेज़िलिएन्ट’ में इस बात का जिक्र किया है। साथ ही जॉनसन ने टीम से जुड़े कई और मजेदार वाक्यों को भी बताया। तो आइए आपको बताते हैं कि कंगारू टीम के खिलाड़ी आपस में क्यों लड़ने लगे थे।

1. जब शेन वॉटसन ने मिचेल जॉनसन का सिर वॉश रूम में मारा:

बात साल 2000 की है। जॉनसन और वॉटसन दोनों एक साथ ‘नेबर्स’ सीरियल देख रहे थे। उनके साथ और भी अन्य लोग थे। सीरियल के बीच में प्रचार आने लगा। जब भी सीरियल के बीच में प्रचार आता था दोनों हाथापाई करने लगते थे। हद तब हो गई जब एक लड़ाई में वॉटसन जॉनसन को बाथरूम तक खींच ले गए और उनमें से किसी एक ने जॉनसन का सिर बाथरूम की दीवार पर मार दिया। ये भी पढ़ें: दर्शक अब दूरदर्शन पर भी उठा सकेंगे भारतीय क्रिकेट टीम के मैच का लुत्फ

जॉनसन ने आगे कहा, ‘मुझे इससे बहुत गुस्सा आया, चोट वाली जगह लाल हो गई थी, किसी तरह खड़े होने के लिए मैंने एक की शर्ट पकड़ी और उस बंदे ने भी मेरी शर्ट पकड़ रखी थी, मैंने मुक्का मारने के लिए अपना दायां हाथ उठाया और उसने भी वही किया, इतना होने के बाद हमने एक-दूसरे को देखा वो वॉटसन था, मुझे लगता है कि हमने एक-दूसरे को देखा और सोचा, नहीं यार ये मेरा दोस्त है, मैं उसे नहीं मार सकता और उसी वक्त मुक्का नीचे कर लिया, मैं ठीक से कह नहीं सकता कि मैं गुस्से में नहीं था। लेकिन इसका ख्याल मेरे दिमाग में काफी दिनों तक रहा। बाद में फिर हमने बात करना शुरू किया और हम दोबारा से दोस्त बन गए।’ जॉनसन और वॉटसन को सीरियल देखने की आदत थी। रोज डिनर से पहले वो नेबर्स देखते थे। 2013 में ऑस्ट्रेलिया की टीम खेलने के लिए इंडिया आई थी। कोच ने सारे खिलाड़ियों से लिखित में उनका एजेंडा मांगा था। अगले दिन मीटिंग हुई, वॉटसन और जॉनसन को छोड़कर सारे प्लेयर्स ने कोच की बात को माना। कोच ने दोनों को टीम से बाहर कर दिया, इसी के बाद दोनों की दोस्ती और गहराई। ये भी पढ़ें: भारतीय टीम के पांच ‘विलेन’ जिनकी वजह से हार गई टीम इंडिया

2. दक्षिण अफ्रीका में जब डेविड वार्नर बने पुलिसवाले

साल 2011 में ऑस्ट्रेलिया, क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट्स में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर थी। वनडे सीरिज के दौरान खेल से फुर्सत पाकर कुछ खिलाड़ी बाहर निकल गए। खिलाड़ियों ने चाउमीन-मोमोज की दुकान के सामने कार रोकी और कार में बैठे-बैठे ऑर्डर दे दिया। इन खिलाड़ियों में वार्नर और जॉनसन भी थे। खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए उनके साथ सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे। ऐसे में डेविड वॉर्नर को शरारत सूझी और उन्होंने एक सुरक्षाकर्मी से उसका बैच मांगा। बस फिर क्या था, वॉर्नर लगे शरारत करने, वॉर्नर ने बीच सड़क पर एक बाइव वाले को रोका और उसका लाइसेंस मांगने लगे, पहले तो उस नागरिक को कुछ समझ नहीं आया लेकिन जब उसने ध्यान से देखा कि ये तो ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डेविड वॉर्नर है तो उसने भी हंसते हुए अपना लाइंसेंस जॉनसन के हाथों में रख दिया। ये भी पढ़ें: भारत-न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मैच पर मंडराया ‘क्यान्ट तूफान’ का खतरा

जॉनसन वार्नर को पहले से ज्यादा समझदार बताते हैं. क्योंकि क्रिकेट में उनकी छवि एक आक्रामक खिलाड़ी की थी, साल 2013 में उन्होंने इंग्लैंड के ‘जो रूट’ को नाइट क्लब में घूंसा मार दिया था। जिसके चलते उन्हें एशेज से बाहर कर दिया गया था।

3. जब केविन पीटरसन के साथ उलझे मिचेल जॉनसन:

साल 2013-14 में एशेज सीरीज खेली जा रही थी। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में, इंग्लैंड का स्कोर 5 विकेट पर 168 रन था। पीटरसन और बेयरस्टो बल्लेबाजी कर रहे थे। गेंदबाजी की कमान जॉनसन के हाथों में थी। जॉनसन अपना रन अप लेकर गेंद फेंकने आए, लेकिन जैसे ही गेंद फेंकने को थे, पीटरसन ने उन्हें रुकने का इशारा किया। इशारा देखकर भी जॉनसन रुके नहीं और गेंद फेंक ही दी।जॉनसन यह दर्शाना चाहते थे कि इतनी मेहनत कर मैं बॉल डालने आया और तुमने ऐसे ही उसे खेलने से मना कर दिया, ये लो।

इसपर पीटरसन ने उंगली दिखाकर जॉनसन को कुछ कहने लगे इसपर दोनों के बीच गर्मागरम बहस होने लगी, लेकिन अंपायर ने बीच में आकर दोनों का झगड़ा सुलझाया। जॉनसन की अगली गेंद पर पीटरसन ने एक रन चुरा लिया और फिर दोनों के बीच काफी बहसबाजी हुई, बीच-बचाव करने के लिए क्लार्क को इसमें कूदना पड़ा।

जॉनसन ने कहा, ‘पीटरसन ने हदें पार कर दी थीं, कुछ ज्यादा ही पर्सनल कमेंट्स कर रहा था, उस वक्त मेरा मन उसको जोर से मारने का कर रहा था।’