मिचेल स्टार्क  © Getty Images (FIle Photo)
मिचेल स्टार्क © Getty Images (FIle Photo)

शुक्रवार को जब ये खबर सुनने को मिली कि चोट के कारण मिचेल स्टार्क भारत के खिलाफ बाकी टेस्ट मैचों में अपनी उपस्थिति नहीं दर्ज करवा पाएंगे। तो ऑस्ट्रेलिया के भारतीय सरजमीं पर बड़ा पलटवार करने के अभियान को तगड़ा झटका लगा। पहले दो टेस्ट मैचों में भले ही स्टार्क ने ज्यादा विकेट न लिए हों। लेकिन उन्होंने पारी की शुरुआती में अपनी उछाल भरी और तेज गेंदों से बल्लेबाजों पर दबाव जरूर बनाया था। मिचेल स्टार्क पिछले कुछ समय से ऑस्ट्रेलिया टीम के नंबर एक गेंदबाज रहे हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया को उनकी कमी पूरा करना कतई आसान नहीं होगा। गौर करने वाली बात है कि 27 साल के मिचेल स्टार्क अपने 6 सालों करियर में 10वीं बार चोटिल होकर बाहर हुए हैं। स्टार्क ने अपना करियर साल 2011 में शुरू किया था और वह साल 2012 से हर चार से छह महीनों में चोटिल होते हुए टीम से बाहर हुए हैं। वैसे तेज गेंदबाजों का चोटिल होना आम बात है कि लेकिन स्टार्क का लगातार चोटिल होना उनके करियर को गर्त की ओर ढकेल रहा है।

1. दाहिने टखने मे परेशानी के कारण तीन बार हुए बाहर: स्टार्क को सबसे पहले साल 2012 में उनके दाहिने पैर के एंकल(निचला टखना) में परेशानी हुई थी जिसके कारण उन्हें एक टेस्ट मैच से बाहर होना पड़ा था। इसके बाद मार्च 2013 में उन्होंने दाहिने टखने की सर्जरी करवाई और दो महीने के लिए क्रिकेट से बाहर रहे। अगले कुछ सालों तक उन्हें टखने में कोई समस्या महसूस नहीं हुई। लेकिन तेज गेंदबाज को दौड़ते वक्त टखने पर तो जोर लगाना ही होता है। इसलिए दो साल बाद ही जुलाई 2015 में दाहिने टखने ने उन्हें फिर से परेशान करना शुरू कर दिया। हालांकि, उन्होंने खेलना जारी रखा। लेकिन बाद के महीनों में उन्हें ज्यादा ही परेशानी हुई और अंततः दिसंबर 2015 में उन्होंने अपने दाहिने टखने का दूसरी बार ऑपरेशन करवाया और करीब छह महीनों के लिए क्रिकेट से दूर रहे। हालांकि, तबसे उन्हें यह परेशानी तो नहीं हुई। लेकिन अन्य परेशानियों ने उन्हें घेर लिया।[ये भी पढ़ें: विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों को बोतल मारी?]

2. दाहिने पैर के स्ट्रैस फ्रेक्चर से परेशान रहे हैं मिचेल स्टार्क: मिचेल स्टार्क के दाहिने पैर में स्ट्रैस फ्रैक्चर सबसे पहले साल 2015, नवंबर में हुआ था। इससे वह इतने परेशान रहे थे कि उन्हें पूरे सात महीने के लिए क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। पिछले साल उन्होंने श्रीलंका दौरे में इसी चोट से उबरने के बाद वापसी की थी। अब भारत के खिलाफ बैंगलुरू टेस्ट में भी उन्हें इसी परेशानी से गुजरना पड़ा है। उनके फिजियोथेरेपिस्ट ने कहा है, “मिचेल ने बैंगलुरू में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के बाद अपने दाहिने पैर में दर्ज महसूस किया था। लेकिन दुर्भाग्य से यह दर्द आने वाले दिनों में कम नहीं हुआ। हमने उनके पैर का स्कैन करने का निर्णय लिया और उसमें पता चला कि उनके पैर में स्ट्रैस फ्रेक्चर है।” पिछली बार वह पूरे सात महीनों तक इससे उबरने के लिए क्रिकेट मैदान से बाहर रहे थे। अब ये देखने वाली बात होगी कि वह चैंपियंस ट्रॉफी तक ऑस्ट्रेलियाई टीम में वापसी कर पाते हैं कि नहीं। इस बड़े टूर्नामेंट में स्टार्क का टीम में वापसी करना बहुत जरूरी है। गौर करने वाली बात है कि विश्व कप 2015 की जीत में स्टार्क ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

3. पीठ की तकलीफ के कारण बाहर हुए थे स्टार्क: साल 2013 की शुरुआत में स्टार्क ने अपने दाहिने टखने की सर्जरी करवाई थी। जिसके कारण उन्हें चार महीनों के लिए क्रिकेट से बाहर रहना पड़ा था। उसके बाद उन्होंने क्रिकेट मैदान पर वापसी की। लेकिन दो महीनों बाद ही सितंबर 2013 में उन्हें पीठ में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और बाद में पता चला कि उनकी पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर है। और अंततः उन्हें चार महीनों के लिए क्रिकेट से दूर होना पड़ा।

4. मिचेल स्टार्क को घुटने की समस्या से भी गुजरना पड़ा: मिचेल स्टार्क के करियर को अगर देखा जाए तो उनके लिए साल 2014 और 2015 के शुरुआती महीने बहुत बढ़िया रहे। इस दौरान वह किसी चोट से ग्रस्त नहीं हुए और क्रिकेट के मैदान में उन्होंने जबरदस्त प्रदर्शन किया। स्टार्क ने 2014-15 सीजन में 17 वनडे मैचों में 14.62 की औसत से 40 विकेट निकाले थे। इस दौरान उन्होंने वर्ल्ड कप 2015 में अपनी गेंदबाजी के आगे विश्व के चोटी के बल्लेबाजों को हथियार डालने पर मजबूर कर दिया था। लेकिन विश्व कप खत्म होने के तुरंत बाद ही स्टार्क को बाएं पैर घुटने में तकलीफ महसूस हुई। उन्हें नी निगल हो गया था और अंततः आईपीएल 2015 में वह नहीं खेल पाए।

इसके अलावा साल 2013 की शुरुआत में उन्हें दाहिन पैर की पिंडलियों में भी दर्द होना शुरू हुआ था जिसके कारण वह एक वनडे के लिए बाहर बैठे थे। साल 2016 सितंबर में उनके बाएं पैर की पिंडली में अभ्यास करते वक्त एक धारदार सामान लग गया था। घाव काफी गहरा था। जिसके कारण उन्हें एक महीने के लिए क्रिकेट मैदान से दूर रहना पड़ा था। स्टार्क जैसे गेंदबाज सदी में एक बार अपना जलवा बिखेरने आते हैं। ऐसे में उऩका लगातार चोट से ग्रस्त होना क्रिकेट जगत की गहरी क्षति है।