महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है ©Getty Images
महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है ©Getty Images

वैसे तो टेस्ट क्रिकेट को संयम, धैर्य की परीक्षा, बल्लेबाज की तकनीक और मैदान पर टिकने की क्षमता के बारे में जाना जाता है। टेस्ट क्रिकेट को असल क्रिकेट भी कहा जाता है। टेस्ट क्रिकेट में आमतौर पर गेंदबाज बल्लेबाज की धैर्य की परीक्षा लेता है। बल्लेबाजी भी गेंदबाजों की अच्छी गेंदों को सम्मान देते हैं। मैदान पर बल्लेबाज के टिकने की काबिलियत बल्लेबाज को महान बनाती है। खिलाड़ी की असल पहचान टेस्ट से ही होती है।

लेकिन आज हम आपको बताएंगे, टेस्ट क्रिकेट के उन 10 कप्तानों के बारे में जिन्होंने टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा छक्के लगाए हैं।

5. क्लाइव लॉयड:

क्लाइव लॉयड ने वेस्टइंडीज के लिए कुल 110 टेस्ट मैच खेले हैं। क्लाइव लॉयड के टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो लॉयड ने 110 मैचों में 7515 रन बनाए जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 242 रन रहा। क्लाइव लॉयड ने इस दौरान 74 मैचों में वेस्टइंडीज की कप्तानी की, लॉयड ने अपनी कप्तानी में 5233 रन बनाए। लॉयड क्रिकेट के जाने-माने नाम हैं, उनके नाम क्रिकेट जगत के कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। लॉयड के सामने बड़े से बड़ा गेंदबाज भी गेंदबाजी करने में घबराता था, लॉयड ने अपने टेस्ट क्रिकेट के करियर में कप्तानी करते हुए 48 छक्के लगाए। लॉयड के नाम क्रिकेट जगत के कई अन्य रिकॉर्ड भी हैं।

4. ब्रायन लारा:

लारा एक ऐसा नाम हैं जो किसी पहचान का मोहताज नहीं है। टेस्ट क्रिकेट के ढेरों रिकॉर्ड ब्रायन लारा के ही नाम है। एक समय लारा और सचिन तेदुलकर की तुलना की जाती थी और यह बताना मुश्किल हो गया था कि दोनों में महान बल्लेबाज कौन है। लारा के करियर की बात करें तो लारा ने 131 मैचों में 11953 रन बनाए हैं। इस दौरान लारा का सर्वोच्च नाबाद 400 रन रहा जो आज भी एक रिकॉर्ड है। लारा ने अपने टेस्ट करियर में 34 शतक लगाए हैं। वहीं कप्तानी की बात करें तो लारा ने वेस्टइंडीज के लिए 47 मैचों में कप्तानी की जिनमें उन्होंने 49 छक्के लगाए।

लारा की बल्लेबाजी तकनीक, उनके धैर्य के आगे बड़े से बड़ा गेंदबाज भी हार मान लेता था और लारा को आउट करने में हर गेंदबाज के पसीने छूट जाते थे।

3. एमएस धोनी:

भारतीय टीम के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के नाम वैसे तो ढेरों रिकॉर्ड दर्ज हैं। धोनी भारत के ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक रहे हैं। धोनी ने 90 टेस्ट के अपने करियर में 38 की औसत से 4876 रन बनाए हैं। धोनी की कप्तानी में भारत ने कई ऐतिहासिक जीत दर्ज की हैं।

वहीं कप्तानी की बात करें तो धोनी ने भारत के लिए 60 टेस्ट मैचों में कप्तानी की है इस दौरान धोनी ने 3454 रन बनाए हैं, लंबे-लंबे छक्कों के लिए मशहूर धोनी ने अपनी कप्तानी में भारत के लिए 51 छक्के लगाए हैं। धोनी ने हालांकि टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है और अब वह सीमित ओवरों में भारतीय टीम की कमान संभाल रहे हैं।

2. ब्रेंडन मैकलम:

न्यूजीलैंड के सबसे धाकड़ और दुनिया के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक ब्रेंडन मैकलम ने न्यूजीलैंड के लिए 101 टेस्ट मैच खेले हैं, मैकलम ने 101 मैचों में 6453 रन बनाए हैं। मैकलम के नाम टेस्ट में 12 शतक हैं। वहीं कप्तानी की बात करें तो मैकलम ने 31 मैचों में 2355 रन बनाए हैं। मैकलम ने इस दौरान टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ 31 मैचों में 59 छक्के लगाए हैं।

मैकलम दुनियाभर में अपनी विस्फोटक पारी के लिए जाने जाते हैं। मैकलम की कप्तानी में न्यूजीलैंड 2015 विश्वकप के फाइनल तक पहुंचा था और फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को हरा दिया था।

1. मिस्बाह-उल-हक:

सुनकर थोड़ा अचरज लगता है कि लिस्ट में धोनी, मैकलम जैसे धाकड़ बल्लेबाजों के होते हुए मिस्बाह-उल-हक कैसे सूचि में पहले नंबर पर आ सकते हैं। लेकिन ये एक दम सोलह आने सच है। मिस्बाह की कप्तानी में पाकिस्तान ने कई ऐतिहासिक जीत दर्ज की हैं। मिस्बाह ने पाकिस्तान को अपनी कप्तानी में आईसीसी रैंकिंग में पहली बार नंबर एक के पायदान पर पहुंचाया। इस दैरान मिस्बाह का अपना रिकॉर्ड भी लाजवाब रहा।

मिस्बाह के टेस्ट करियर की बात करें तो मिस्बाह ने 66 मैचों में 4678 रन बनाए हैं, इस दैरान मिस्बाह ने 10 शतक भी ठोके हैं। वहीं अपनी कप्तानी में मिस्बाह ने 48 मैचों में 3760 रन बनाए हैं, हक ने इस दौरान 8 शतक लगाए हैं। वहीं छ्क्कों की बात करें तो मिस्बाह ने इस दौरान 48 मैचों में कप्तानी में 61 छक्के लगाए हैं।