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न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज के 2 वनडे मैच खेले जा चुके हैं। जिसमें दोनों टीमों ने एक- एक मैच जीते हैं। अभी सीरीज में तीन वनडे मैच और खेले जाने हैं। ऐसे में क्या कप्तान धोनी को शुरू के दोनों वनडे वाली टीम के साथ मैदान में उतरना चाहिए या फिर टीम में बदलाव की गुंजाइश है? हम यहां पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन की बात नहीं कर रहे हैं। बल्कि आने वाले समय में लंबे सीजन को लेकर टीम इंडिया की रणनीति पर प्रकाश डाल रहे हैं। आपको बता दें कि आने वाले समय में टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट, 3 वनडे और 3 टी20 के साथ ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज भी खेलनी है। ऐसे में क्या दिग्गज भारतीय खिलाड़ी बिना आराम किए ही लगातार क्रिकेट खेलते रहेंगे। जाहिर है कि कप्तान धोनी और टीम मैनेजमेंट को अभी से इस संबंध में सोचना शुरू करना होगा। अंतिम दो वनडे मैचों के लिए टीम इंडिया के अंतिम 15 से अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बड़े खिलाड़ियों को कुछ समय के लिए आराम दे देना चाहिए। ये भी पढ़ें: तीसरे वनडे में ये खिलाड़ी पार लगाएगा महेंद्र सिंह धोनी की नैय्या!

पहले तीन वनडे मैचों के लिए रविंद्र जडेजा, आर. अश्विन और मोहम्मद शमी को आराम दिया गया था। जाहिर है कि टीम मैनेजमेंट को अब अपनी सुई बल्लेबाजों की ओर घुमानी चाहिए। इससे टीम इंडिया को दोहरा फायदा होगा। एक तो वरिष्ठ खिलाड़ियों को कुछ दिन आराम करने का मौका मिल जाएगा और दूसरा कुछ नए खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी निगाह दौड़ाई जा सकेगी जो 2017 में शुरू हो रही चैंपियंस ट्रॉफी के लिए बेहद जरूरी भी है। गौर करने वाली बात है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ बचे 3 वनडे मैचों को मिलाकर टीम इंडिया को चैंपियंस ट्रॉफी के पहले कुल 6 वनडे मैच ही खेलने हैं। ऐसे में जो भी प्रयोग करना है तो यहीं करना होगा। ऐसे में अगर वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम दिया जाता है तो टीम में कुछ और प्रयोग भी किए जा सकेंगे। जो लंबे लाभ को देखते हुए टीम केलिए बेहद महत्वपूर्ण है।

मनीष पांडे के लिए संजीवनी साबित हो सकता है ये मूव: जैसे पहले दो वनडे मैचों में असफल रहने वाले मनीष पांडे को भी कुछ और मौके दिए जा सकेंगे। पांडे भले ही पहले दोनों वनडे मैच में छोटे स्कोर पर आउट हो गए। लेकिन जिस तरह की शुरुआत उन्होंने की थी उसे देखकर लग रहा था कि वह गेंदों को भली भांति पढ़ रहे हैं। ऐस में अगर उन्हें एकाध मैच में और मौका मिलता है तो वह कमाल दिखा सकते हैं। पिछले दो मैचों को छोड़ दें तो मनीष का वनडे रिकॉर्ड जबरदस्त है। उन्होंने अब तक 9 मैचों में खेलते हुए 6 पारियों में बल्लेबाजी की है और 55.25 की औसत से 221 रन बनाए हैं। जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। पांडे में प्रतिभा कूट- कूटकर भरी है। वह इस बात को हाल फिलहाल में कई बार सिद्ध भी कर चुके हैं। ऐसे में उन्हें एकाध मौके और दिए जाने चाहिए। लेकिन ये तभी संभव हो पाएगा जब शीर्ष खिलाड़ियों को आराम दिया जा सके।

डेब्यू की आस में टकटकी लगाए खड़े मनदीप सिंह: पंजाब के धाकड़ बल्लेबाज मंदीप सिंह जो आजकल गजब के फॉर्म में हैं। अपने वनडे पदार्पण के लिए टकटकी लगाए हुए हैं। अगर वरिष्ठ खिलाड़ियों के विश्राम दिया जाता है तो मनदीप को टीम में मौका निश्चित रूप से मिल सकता है। मनदीप ओपनिंग बल्लेबाज हैं। उन्होंने हाल ही में दिलीप ट्रॉफी में जबरदस्त बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया था और 56, 95और 41* रनों की पारियां खेली थीं। मनदीप का इसीलिए टीम इंडिया में चयन किया गया है। मनदीप भारत की तरफ से टी20 क्रिकेट में पदार्पण कर चुके हैं। उन्होंने अपने तीनों टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले हैं जिनमें उन्होंने 31, 52* और 4 का स्कोर किया था। इस तरह उनका प्रदर्शन मिला जुला रहा था। जाहिर है कि उन्हें अगर वनडे सीरीज में मौका मिलता है तो वह बतौर ओपनिंग बल्लेबाज कुछ खास करना चाहेंगे।

केदार जाधव पर ऑलराउंडर का रुतबा हासिल करने का दारोमदार: पिछले दोनों मैचों में अपने जानदार प्रदर्शन के साथ केदार जाधव ने अपनी प्रतिभा से सबको रूबरू करवा दिया है। भले ही दोनों वनडे मैचों में केदार को चंद ओवरों की गेंदबाजी करने का मौका मिला हो लेकिन उन्होंने अपनी फिरकी में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को उलझाकर रख दिया और 3 विकेट निकाल डाले। अगर उन्हें ज्यादा गेंदबाजी करने का मौका मिलता तो वह और भी कमाल दिखा सकते थे। हालांकि, वह विशेषज्ञ गेंदबाज नहीं हैं इसलिए दोनों मैचों में धोनी ने उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए। बल्लेबाजी की बात करें तो दूसरे वनडे मैच में उन्होंने जरूर प्रभावित किया। वह अपनी पिच से बाहर निकलते हुए जिस उत्साह और निर्भीकता से स्ट्रोक खेल रहे थे। उसे देखकर उनमें अपार क्रिकेट दिखाई देती है। जाहिर है कि वरिष्ठ क्रिकेटरों की अनुपस्थिति में ये बल्लेबाज भारतीय टीम को किसी भी हिसाब से न्यूजीलैंड के आगे कम महसूस नहीं होने देंगे।