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रिषभ पंत ही हैं दिग्गज विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के उत्तराधिकारी !
रिषभ पंत को वेस्टइंडीज दौरे के लिए महेंद्र सिंह धोनी की गैरहाजरी में उनको तीनों फॉर्मेट में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
Written by Viplove Kumar
Last Published on - July 21, 2019 4:54 PM IST

वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली जाने वाली सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया गया। रविवार को मुंबई में हुई बैठक के बाद मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने टीम चयन की घोषणा की। यह चयन युवा विकेटकीपर रिषभ पंत के लिए अहम रहा क्योंकि महेंद्र सिंह धोनी की गैरहाजरी में उनको तीनों फॉर्मेट में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुंबई में रविवार को हुई टीम चयन मीटिंग के बाद मुख्य चयनकर्ता प्रसाद ने यह साफ कर दिया कि धोनी की जगह लेने के लिए पंत तैयार हैं। उनको विंडीज दौरे पर तीनो फॉर्मेट में विकेटकीपर की भूमिका निभानी है और खुद को बेहतर साबित करने का उन्हें भरपूर मौका मिलेगा।

पंत के सामने अब वनडे और टी20 की चुनौती
टेस्ट में भारत की पहली पसंद बन चुके पंत को विंडीज दौरे पर टी20 और वनडे में भी विकेट के पीछे अहम भूमिका निभानी है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में दो मैचों में वह यह काम कर चुके हैं लेकिन अब वक्त है खुद को बेहतर और बेहतर साबित करने का। चयनकर्ताओं ने इशारा कर दिया है कि पंत को मौके दिए जाएंगे, जरूरत है उन्हें अच्छा करने की। विश्व कप में बतौर बल्लेबाज चौथे नंबर पर पंत ने 32, 48 और 32 रन की कुछ उपयोगी पारियां खेली थी लेकिन अब उनको इसमें सुधार करना होगा।
टेस्ट में पंत ने किया खुद को साबित
इंग्लैंड सीरीज के दौरान रिषभ पंत को टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला था। पहले मैच में पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर उन्होंने यह जता दिया था वह धोनी की तरह ही आक्रामक बल्लेबाजी कर उनकी जगह को भरने के लिए तैयार हैं। इंग्लैंड में भले टीम इंडिया सीरीज हार गई लेकिन आखिरी मैच में उन्होंने 146 गेंद खेलकर 114 रन की पारी खेल जताया वह इस फॉर्मेट के लिए तैयार हैं।

इसके बाद भारत में वेस्टइंडीज के खिलाफ पंत के बल्ले से दो शानदार पारियां देखने को मिली। पहले राजकोट टेस्ट में महज 84 गेंद पर 92 रन बनाए और फिर हैदराबाद टेस्ट में भी 92 रन की पारी खेली। इन दोनों पारियों के बाद उनकी बड़ी पारी खेलने की क्षमता पर बात की जाने लगी।
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परिपक्वता की कमी जरूर नजर आई लेकिन इसमें सुधार करते हुए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में सिडनी में आखिरी टेस्ट में धमाकेदार पारी खेली। इस मैच में पंत ने ना सिर्फ शतक जमाया बल्कि नाबाद 159 रन बनाकर वापस लौटे। 189 गेंद का सामना कर उन्होंने जताया कि वह वक्त के साथ बेहतर हो सकते हैं।

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में शतक से रचा इतिहास
पंत भारत के एक मात्र विकेटकीपर हैं जिन्होंने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में शतक जमाया हो। पंत इतिहास रचते जा रहे हैं और धोनी की जगह लेने के लिए दावेदारी के मजबूत कर रहे हैं।
छोटे से टेस्ट करियर में बड़ा धमाल
पंत ने 9 टेस्ट मैच के छोटे से टेस्ट करियर में 49.71 की औसत से अब तक कुल 696 बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने दो शतक और दो अर्धशतक बनाए हैं। अगर वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट में वह 92 रन पर आउट नहीं होते तो यह आंकड़ा चार शतक का होता। खैर बतौर विकेटकीपर भी वह काफी सुधार कर रहे हैं। अब तक वह टेस्ट में 40 कैच पकड़ चुके हैं और दो स्टंपिंग भी किया है।
