बतौर विकेटकीपर धोनी से बेहतर कोई और नहीं
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पिछले एक दशक में एक बात तेजी से उछलकर सामने आई है कि महेंद्र सिंह धोनी के पहले भारतीय क्रिकेट टीम के पास इतना चपल विकेटकीपर कभी नहीं रहा। लेकिन इस बीच सवाल उठता है कि बतौर विकेटकीपर धोनी ने ऐसे क्या कारनामें दिखाए हैं जो उन्हें भारत के पूर्ववर्ती विकेटकीपरों की कतार में अलग खड़ा करते हैं?

MS Dhoni's wicket keeping shows why he is best Indian wicketkeeper
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इसके के लिए हमें विश्व कप टी20 2016 में बांग्लादेश के खिलाफ धोनी के मुस्ताफिजुर रहमान को आउट करने वाले कारनामें और 1990 के दशक में भारत- पाक मैच जो कुछ इसी तरह फंसा हुआ था में एक पूर्व भारतीय विकेटकीपर की चपलता की तुलना करनी होगी। चूंकि दोनों मैचों में अंतिम गेंद पर विपक्षी टीम को जीतने व मैच ड्रॉ कराने के लिए एक रन की दरकार थी और दोनों में ही विकेटकीपर की भूमिका अहम रही। इस लिहाज से ये तुलना और भी महत्वपूर्ण है। [ये भी पढ़ें: ]

पहला वाकया:
1990 के दशक में भारत- पाकिस्तान के बीच एक कड़ा मुकाबला खेला जा रहा था और पाकिस्तान को अंतिम गेंद पर जीत के लिए एक रन की आवश्यकता था। गेंदबाजी कर रहे थे वेंकटेश प्रसाद और बल्लेबाजी छोर पर थे सकलेन मुश्ताक। अंतिम गेंद फेंकने आए प्रसाद ने रन अप पूरा लिया और गेंद नहीं फेकी। 

जिससे कि सकलेन का ध्यान भटका। इसी भटके हुए ध्यान का फायदा उठाते हुए प्रसाद ने मुश्ताक को अगली गेंद बीट करा दी। गेंद बीट हो जाने के बावजूद मुश्ताक ने रन दौड़ा। लेकिन भारतीय टीम का विकेटकीपर विकटों के बीच चपलता नहीं दिखा पाए और बल्लेबाज को रन आउट करने में असफल रहे। अंततः पाकिस्तान ने यह मैच 1 विकेट से जीत लिया।

दूसरा वाकया:
मैच की आखिरी गेंद पर बांग्लादेश को जीत के लिए दो रन चाहिए थे। कप्तान धोनी ने वक्त की नज़ाकत को समझते हुए अपने एक हाथ का ग्लव्ज तक निकाल दिया। उन्हें यकीन था कि बांग्लादेशी बल्लेबाज बीट होने के बावजूद रन चुराने के लिए भागेंगे।

वही हुआ और हार्दिक पांड्या की अंतिम गेंद सुवागता होम नहीं खेल पाए और रन लेने के दौड़ पड़े। लेकिन इस बीच धोनी ने तेज रफ्तार में दौड़ लगाई और रन दौड़ रहे मिस्ताफिजुर रहमान को आउट कर दिया और भारत ने आखिरकार मैच 1 रन के मामूली अंतर से जीत लिया। धोनी के इस अंदाज की प्रशंसा ऑन और ऑफ फील्ड खूब हुई और साथ ही 20 साल पहले एक दूसरे भारतीय विकेटकीपर के मुकाबले धोनी की तस्वीर और भी साफ हो गई।

इस तुलना के आधार पर कह सकते हैं कि एम एस धोनी भारत के सबसे बेहतरीन विकेटकीपर हैं। लेकिन इस बीच एक सवाल मुखर होता है कि क्या भविष्य में धोनी की जगह लेने के लिए कोई अन्य विकेटकीपर बल्लेबाज भारतीय घरेलू क्रिकेट में नजर आता है तो इसका जवाब अभी देन पाना कतई मुमकिन नजर नहीं आता।