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कोलकाता टेस्ट में हरी भरी पिच पर खेलने के बाद उम्मीद की जा रही है कि टीम इंडिया श्रीलंका के खिलाफ बाकी दो टेस्ट मैच भी तेज गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचों पर खेलेगी। यह इसलिए कहा जा रहा है ताकि टीम इंडिया अगले साल द. अफ्रीका दौरे के पहले अपनी तैयारियों को दुरुस्त कर सके। द. अफ्रीका के खिलाफ सीरीज 5 जनवरी 2018 से केपटाउन में शुरू होगी। वहीं टीम इंडिया को श्रीलंका के खिलाफ बाकी दो टेस्ट 24 नवंबर को नागपुर में और 2 दिसंबर को दिल्ली में खेलने हैं।

गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान भारतीय टीम मैनेजमेंट जिसकी अगुआई रवि शास्त्री कर रहे थे उन्होंने बीसीसीआई के अधिकारियों से बातचीत करते हुए कहा था कि श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में पिचें द. अफ्रीका दौरे की तैयारी के हिसाब से बनाई जाएं। ये समझा जा सकता है कि शास्त्री ने कहा होगा कि पिच में हरी घास होने के साथ सतह हार्ड और उछाल वाली हो।

इस तरह से समझा जा समझा जा सकता है कि नागपुर की पिच में भी हरी घास होगी और जब शुक्रवार को टेस्ट शुरू होगा तो हम कुछ वैसा ही देखेंगे जो हमने कोलकाता में देखा। संबंधित अधिकारियों के मुताबिक, मैच के पहले हाफ तक स्पिनरों की भूमिका न के बराबर रहेगी लेकिन वे आखिरी दो दिनों में ज्यादा असर डालेंगे।

टीम मैनेजमेंट ने ये बात इसलिए कही है क्योंकि अबतक टीम इंडिया ने अपनी सरजमीं पर विपक्षी टीमों को पाटा विकेटों पर मात दी है, ये अक्सर टर्निंग पिचें थीं जो पहले ही दिन से स्पिन को मदद देती थीं। संयोग से, टीम इंडिया ने रवि शास्त्री के कार्यकाल के ही समय साल 2015 में द. अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच रैंक टर्न में खेले थे। मैच तीन दिन में खत्म हो गया और उसे आईसीसी मैच रेफरी ने खराब रेट किया था।

बहरहाल, विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया विदेशी सरजमीं पर अपने आपको चुनौती देने के लिए तैयार है और जैसा कि अगले 18 महीनों में द. अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर टेस्ट खेले जाने हैं। ऐसे में भारतीय खिलाड़ी और कोच तैयारी करना चाहेंगे। ईडेन गार्डन में पहले ही दिन हरी भरी घास होना टीम मैनेजमेंट की मंशा को साफतौर पर दर्शाती है। हालांकि, सुरंगा लकमल ने मैच के पहले घंटे में ही गीली पिच पर भारतीय बल्लेबाजों की बोलती बंद कर दी थी। वहीं भारतीय तेज गेंदबाजों भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी ने मेहमान टीम को मैच के आखिरी दिन हैरान कर दिया। उन्होंने 26 ओवरों में ही 7 विकेट झटक डाले थे।

ब्रैंडन मैक्कलम, क्रिस गेल ने एकसाथ बोला गेंदबाजों पर हल्ला, लगाए छक्के ही छक्के
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जब कोलकाता में पहले दिन का खेल धुल गया था तब भारतीय बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ ने कहा था कि टीम इंडिया अब वो टीम नहीं है जो अच्छी परिस्थितियों में ही खेलना चाहती है। उन्होंने कहा था कि खिलाड़ी चुनौतिपूर्ण पिचों में खेलने के लिए तैयार हैं ताकि वे अपने आपमें सुधार ला पाएं। सोमवार को भारतीय ओपनर केएल राहुल ने इस बात को स्वीकार किया कि ऐसी पिचें बल्लेबाजों का अच्छा इम्तिहान लेती हैं। उन्होंने कहा था, “ये साफ है कि हम अगले दो सालों के लिए तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि इन सालों में हम विदेशों के दौरे करेंगे और जमकर क्रिकेट खेलेंगे, अब हमें इस तरह के विकेट मिलने वाले हैं, और ये हम सभी के लिए चुनौतीपूर्ण होने वाला है, इसलिए हम उस अंदाज में तैयारी करना चाहते हैं।”