सैनी ने तकलीफाें से गुजरकर सीखी गेंदबाजी, अब खेलेंगे भारत के लिए टेस्ट
14 जून को अफगानिस्तान का डेब्यू टेस्ट मैच बैंगलोर में भारत के खिलाफ खेला जाएगा।
Published On Jun 12, 2018, 02:10 PM IST
Last UpdatedJun 12, 2018, 02:10 PM IST
Navdeep Saini © Instagram Photo
भारतीय टीम में मौका मिलने के बाद एक खिलाड़ी आर्थिक रूप से संपन्न हो जाता है, लेकिन टीम इंडिया तक पहुंचने का संघर्ष एक बेहद गरीब परिवार के लिए कितना कठिन हो सकता है इसका अंदाजा हम नवदीप सैनी के जीवन को देखकर लगा सकते हैं। हरियाणा के करनाल से ताल्लुक रखने वाले सैनी को मोहम्मद शमी के अनफिट होने पर अफगानिस्तान के खिलाफ उनके डेब्यू टेस्ट में भारतीय टीम में जगह दी गई है।
करनाल प्रीमियर लीग से शुरू किया साफर
प्रतिभा के धनी तेज गेंदबाज नवदीप सैनी करनाल के बेहद गरीब परिवार से आते हैं। 140 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने के कारण ही वो साल 2013-14 में दिल्ली की रणजी टीम में अपनी जगह बना सके। दिल्ली तक का सफर उन्होंने करनाल प्रीमियर लीग (केपीएल) की मदद से तय किया। इस टूर्नामेंट को दिल्ली के सीमर सुमित नारवाल करवाते हैं। छोटे-छोटे टूर्नामेंट में मिले कैश रिवार्ड की मदद से ही उन्होंने खुद को केपीएल में इनरोल किया। सुमित नारवाल ने नवदीप की प्रतिभा को पहचान और उन्हें दिल्ली लेकर आए।
टेनिस बॉल से सीखी यॉर्क गेंद
नवदीप ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि उन्होंने करियर के शुरुआत सफर टेनिस बॉल से गंदबाजी की। टेनिस बॉल की मदद से ही वो अच्छी यॉर्कर डाल पाते हैं। अच्छी हाई होने के कारण यार्क के कारण गेंदबाज धोखा खा जाते हैं। वो अच्छी रिवर्स स्विंग गेंदबाजी करने में भी सक्षम है। साल 2017-18 रणजी सीजन के दौरान उन्होने सर्वाधिक 34 विकेट निकाले। जिसकी मदद से दिल्ली ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। विजय हजारे ट्राफी, सैयद मुस्ताक अली ट्रॉफी में अच्छे प्रदर्शन के दम पर ही उन्हें देवधर ट्रॉफी में इंडिया ए की तरफ से खेलने का मौका मिला। घरेलू सीजन के आधार पर रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने नवदीप को तीन करोड़ में खरीदा। हालांकि उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला। टेस्ट मैच खेलने के लिए बीसीसीआई हर प्लेयर को 15 लाख मिलते हैं। अगर अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में सैनी को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है तो वो इस राशि के हकदार होंगे।