खेल के मैदान में जब आपस में भिड़ गए खिलाड़ी
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क्रिकेट को हमेशा ही जेंटलमेन गेम कहा गया है। लेकिन आज के परिप्रेक्ष्य में यह शब्द इस खेल के लिए पहले जितना उपयुक्त नहीं रह गया है। टी20 टूर्नामेंटों आईपीएल, बीपीएल व अन्य ने क्रिकेट को मेजर प्रोफेशनल इंटरप्राइज बना दिया है। क्रिकेटरों को इन टूर्नामेंटों में खेलने से अच्छा पैसा मिलता है। जिसके कारण पिछले कुछ सालों में क्रिकेटरों के व्यवहार में भी काफी परिवर्तन आया है और वह पहले से ज्यादा अभिमानी हो गए हैं। यही अभिमान अक्सर क्रिकेट मैदान पर एक-दूसरे से टकरा जाता है और क्रिकेट फाइट के नाम से एक नई स्टोरी ईजाद होती है। हम इस सूची में क्रिकेट के अतिरिक्त दूसरे खेलों की भी कुछ रोचक ऑन फील्ड फाइट से आपको रूबरू कराएंगे। तो आइए नजर डालते हैं।

1. जब दोनों टेनिस खिलाड़ी टेनिस कोर्ट में भिड़ गए: यह बात कनाडा ओपन की है जब एक टेनिस मैच के बीच में ही दो टेनिस खिलाड़ी आपस में भिड़ गए। इस फाइट में दोनों खिलाड़ी ‘थाई ओलंपिक पार्टनर’ बॉडिन इसारा और मानेपोंग जोंगजित हैं। दोनों के बीच कोर्ट में मैच के दौरान किसी बात को लेकर नोंक झोंक हुई और इसारा ने अपनी रैकेट को बीच मैदान में छोड़ दिया और वह जोंगजित के पीछे लग गए। उन्होंने जोंगजित को पकड़कर उनकी धुनाई भी कर दी। बाद में जैसे तैसे वहां मौजूद अन्य अधिकारियों ने दोनों को अलग- अलग किया। 

2. डेनिस लिली बनाम जावेद मियांदाद साल 1981: यह साल 1981 की बात है जब पाकिस्तान ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गई थी। पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच पर्थ के वाका मैदान पर मैच खेला जा रहा था। ऑस्ट्रेलिया ने मैच में शुरू से ही पकड़ बनाकर रखी हुई थी। पाकिस्तान की बल्लेबाजी का दारोमदार उस समय जावेद मियांदाद कंधों पर था तो उनके सामने थे ऑस्ट्रेलिया के तूफानी गेंदबाज डेनिस लिली थे जो उन्हें लगातार परेशान कर रहे थे। इस बीच जब वह जावेद मियांदाद के पास से अकड़ दिखाते हुए गुजर गए। 

इसे देखकर जावेद मियांदाद (जो उस समय के पाकिस्तान के सबसे गुस्सैल व जिद्दी क्रिकेटर थे) लिली को घूर-घूर कर देखने लगे। मैदानी अंपायर ने जब देखा कि दोनों के बीच तनाव बढ़ा रहा है तो वह दोनों की ओर आने लगे। इसी बीच लिली ने जावेद के पैर में एक किक मारी। इस बात से जावेद आग-बबूला हो गए और उन्होंने अपने बल्ले को हवा में उठा लिया और लिली को मारने दौड़े। लेकिन इसी बीच अंपायर व अन्य खिलाड़ियों ने दोनों-दोनों को अलग-अलग किया। हालांकि लिली अभी भी लड़ने को उतारू थे। लेकिन ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ग्रेग चेपल ने लिली को कड़े शब्दों में लड़ाई बंद करने को कहा और तब जाकर यह लड़ाई खत्म हुई। अंततः ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच को बड़ी आसानी जीत लिया। लेकिन, दोनों महान क्रिकेटरों के बीच हुई यह लड़ाई क्रिकेट इतिहास में हमेशा-हमेशा के लिए दर्ज हो गई जिसे उन्होंने अपनी-अपनी जीवनी में अपने आधार पर बताया है। इसीलिए अगर आप जानना चाहते हैं कि कौन ज्यादा गलत था तो आपको उन दोनों की जीवनी पढ़नी होगी।

3.मिचेल स्टार्क बनाम किरोन पोलार्ड:

इंडियन प्रीमियर लीग के सातवें संस्करण के दौरान विश्व के नंबर एक तेज गेंदबाज और वेस्टइंडीज के तूफानी बल्लेबाज किरोन पोलार्ड के बीच MI और RR के बीच खेले जा रहे मैच के दौरान एक तेज लड़ाई होते होते रह गई थी। दरअसल, पोलार्ड स्टार्क के गेंद फेंकने के थोड़ी देर पहले हट गए थे लेकिन फिर भी स्टार्क ने गेंद फेंक दी। इस बात से गुस्साए पोलार्ड स्टार्क को बल्ला लेकर मारने को दौड़े। चूंकि, उनका बल्ला उनके पास ही छूट गया और वह लड़ाई वहीं खत्म हो गई। लेकिन इस घटना की चर्चा ऑन और ऑफ फील्ड खूब हुई।

4. मैदान पर क्रिकेटरों ने एक-दूसरे को पीटा: बरमूडा में ‘चैम्पियंस ऑफ चैंम्पियंस’ टूर्नामेंट में विलोवकट्स और क्लीवलैंड क्रिकेट क्लब के बीच मैच खेला जा रहा था। इसी बीच देखते-देखते क्लीवलैंड के विकेटकीपर खिलाड़ी जेसन एंडरसन, विलोकट के बल्लेबाज जॉर्ज ओ ब्रायन पर झपट पड़े।

दोनों खिलाड़ियों में पहले तो थोड़ी-मोड़ी धक्का मुक्की हुई लेकिन इतने में माहौल और गर्मा गया ब्रायन ने बल्ले से प्रहार करना शुरू कर दिया। हालांकि जब मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों ने मामले को बढ़ता देखा तो बीच बचाव के लिए आ गए और जैसे तैसे दोनों को अलग किया। इस घटना के बाद मैच रोक दिया गया और क्लीवलैंड काउंटी ने यह मैच 72 रन से जीत लिया।

बाद में बरमूडा क्रिकेट बोर्ड ने वीडियो फुटेज की समीक्षा की और एंडरसन को क्रिकेट की आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में लेवल 4 का दोषी पाया और उन पर बरमूडा में क्रिकेट संबंधी किसी भी प्रकार की गतिविधि में भाग लेने पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया। ओ ब्रायन को लेवल 3 का दोषी पाया गया और उनको किसी भी प्रकार के क्रिकेट में भाग लेने से छह माह के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया।

5. हरभजन सिंह बनाम श्रीसंत: इंडियन प्रीमियर लीग के पहले संस्करण 2008 के दौरान मुंबई इंडियंस की ओर से खेलते हुए हरभजन सिंह मैदान पर ही गुस्से से लाल हो गए और टीम इंडिया के अपने साथी खिलाड़ी एस श्रीसंत को थप्पड़ जड़ दिया। मोहाली के स्टेडियम में खेले गए इस मैच में श्रीसंत किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेल रहे थे। थप्पड़ पड़ने के बाद श्रीसंत मैदान पर ही जोर- जोर रोने लगे और श्रीसंत को रोते हुए मैदान से बाहर आते देखा गया। हरभजन के इस व्यवहार के लिए उन्हें आईपीएल से निलंबित कर दिया गया और बाद में अंतरराष्ट्री 5 वनडे मैचों के लिए बैन किया गया। हरभजन के अलावा एक और खिलाड़ी पर इस आरोप की गाज गिरा। यह खिलाड़ी लालचंद राजपूत थे। उन पर आरोप था कि घटना के समय वे हरभजन के ठीक पीछे खड़े थे लेकिन उन्होंने इस मामले में हरभजन को रोकने की कोशिश नहीं की।