सचिन ने अपना आखिरी वनडे मैच 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ ही खेला था। © Getty Images
सचिन ने अपना आखिरी वनडे मैच 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ ही खेला था। © Getty Images

आज का दिन हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी के ज़हन में एकदम ताजा होगा क्योंकि आज के दिन 1989 में भारतीय वनडे क्रिकेट में कदम रखा था क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने। सचिन ने 18 दिसंबर 1989 को भारत के पाकिस्तान दौरे पर गुजरनवाला में खेले गए दूसरे वनडे में पहली बार भारत के लिए नीली जर्सी पहनी थी। इस मैच में सचिन दो गेंद खेलकर शून्य पर आउट हुए थे। सचिन का विकेट पूर्व पाकिस्तानी गेंदबाज वकार यूनिस ने लिया था। इस मैच में भारतीय टीम की कप्तानी किदांबी श्रीकांत ने संभाली थी। भारत यह मैच सात रन से हार गया था। ये भी पढ़ें: भारत बनाम इंग्लैंड, पांचवां टेस्ट, तीसरा दिन(लाइव ब्लॉग): के एल राहुल का शतक, भारत 200 के पार

गुजरनवाला के म्यूनिसिपल स्टेडियम में आयोजित इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। इस मैच में सचिन के साथ सलिल अंकोला और विवेक राजदान ने भी वनडे डेब्यू किया था। खराब लाइट की वजह से मैच को 20-20 ओवर का किया गया था। मैच काफी देर से शुरू हुआ था इसलिए दोनों टीमों के 85 मिनट दिए गए थे 20 ओवर पूरे डालने के लिए लेकिन भारत इस समय सीमा में केवल 16 ओवर ही डाल पाया। क्योंकि तब भारत के पास शायद सर रवींद्र जडेजा जैसा कोई गेंदबाज नहीं था जो कि वीरेंद्र सहवाग के मुताबिक चिप्स का पैकेट खत्म होने से पहले ही ओवर खत्म कर देता है। खैर 16 ओवरों में इमरान खान की कप्तानी वाली पाकिस्तान टीम ने 87 रन बनाए। मेजबान टीम की ओर से सबसे ज्यादा रन सईद अनवर ने बनाए। अनवर ने 32 गेंदो पर 42 रन बनाए और इस पारी में उन्होंने दो छक्के और चार चौके भी जड़े। शायद यहीं से आईसीसी को टी20 मैच शुरू करने का विचार आया होगा। भारतीय गेंदबाजों में से डेब्यू मैच खेल रहे सलिल अंकोला ने अच्छी गेंदबाजी की। उन्होंने कुल चार ओवर डाले और 26 रन देकर दो विकेट लिए। वहीं मनिंदर सिंह ने भी उम्दा बल्लेबाजी करते हुए केवल 17 रन देकर दो विकेट चटकाए। रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को जीत के लिए 88 रनों की जरूरत थी। भारत की ओर से ओपनिंग के लिए कप्तान श्रीकांत और रमन लांबा मैदान पर आए। हालांकि श्रीकांत 17 रन बनाकर वकार यूनिस की गेंद पर बोल्ड हो गए और भारत ने 26 के स्कोर पर अपना पहला विकेट खोया। इसके बाद लांबा का साथ देने के लिए क्रीज पर आए नवजोत सिंह सिद्धू। वही भी ज्याद देर तक टिक नही पाए और 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद मोहम्मद अजहरूद्दीन और लांबा ने पारी को संभाला लेकिन यह साझेदारी भी ज्यादा देर नहीं चली। लांबा दस रन बनाकर रन आउट हो गए। 34 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद मैदान पर आए भविष्य में विश्व के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक बनने वाले सचिन तेंदुलकर। अपने पहले मैच में 16 साल के तेंदुलकर कुछ खास नहीं कर पाए। वह शून्य पर आउट हो गए और इस सीरीज के अगले दोनों मैचों में उन्हें मौका नहीं दिया गया। भारतीय टीम 80 रन पर ऑल आउट हो गई और यह मैच पाकिस्तान सात रन से जीत गया। ये भी पढ़ें: भारत बनाम इंग्लैंड पांचवे टेस्ट का फुल स्कोरकार्ड यहां देखें

सचिन अपने पहले टेस्ट में भले ही बड़ा स्कोर रन नहीं बना पाए हो लेकिन वनडे में उनके नाम आज कई सारे रिकॉर्ड हैं। सचिन ने आज तक कुल 463 वनडे खेले हैं जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। वनडे की 452 पारियों में सचिन ने 44.83 की औसत से कुल 18,426 रन बनाए हैं जो किसी भी क्रिकेटर द्वारा बनाए अधिकतम वनडे रन हैं। इस सूची में सचिन के बाद श्रीलंका के कुमार संगाकारा है जिन्होंने 404 मैचों में 14,234 रन बनाए हैं। सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने वाले सभी बल्लेबाजों में सर्वाधिक स्कोर बनाने का रिकॉर्ड भी सचिन के नाम हैं। सचिन का 2010 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ ग्वालियर में बनाया दोहरा शतक उनका वनडे में सर्वाधिक स्कोर है जो उनके अलावा 400 से ज्यादा वनडे खेलने वाले विश्व कि किसी खिलाड़ी ने नहीं बनाया है। सचिन के बनाए सारे रिकॉर्ड अगल गिने जाएं तो पूरा दिन कम पड़ जाएगा। ये भी पढ़ें: 14 साल के टेस्ट करियर में पार्थिव पटेल ने नहीं लगाया एक भी शतक

तेंदुलकर ने अपना आखिरी वनडे साल 2012 में बांग्लादेश के ढाका में पाकिस्तान के खिलाफ ही खेला था। सचिन ने इस मैच में शानदार अर्धशतक बनाया था। साथ ही इस मैच में विराट कोहली ने अपने वनडे करियर का सर्वाधिक स्कोर बनाया था। कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ 183 रनों की शानदार पारी खेली थी। यह ऐसा था जैसे सचिन के वनडे से संन्यास लेने के साथ ही वनडे के एक और बेहतरीन खिलाड़ी की झलक देखने को मिली हो।