साल 1996 में भारत के इंग्‍लैंड दौरे (India Tour of England) के मूल रूप से सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) और राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) के अंतरराष्‍ट्रीय डेब्‍यू के लिए जाना जाता है। गांगुली ने अपने करियर के पहले ही मैच में लॉर्ड्स के मैदान में शतक जड़ा था। वहीं, राहुल द्रविड़ की पारी भी सौरव से कम यादगार नहीं रही थी। इस दौरान एक ऐसे इंग्लिश ऑलराउंडर ने भी सुर्खियां बटोरी जिसने जो अपनी राष्‍ट्रीय टीम के लिए डेब्‍यू तो नहीं कर पाया, लेकिन इसके बावजूद रिकॉर्ड बुक में कोई उनकी बराबरी नहीं कर पाया है।

लगातार चार विकेट लेने के साथ बनाया शतक 

पहला टेस्ट हारने के बाद लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे मैच में राहुल व गांगुली की धमाकेदार पारियो के दम पर भारत ने इंग्‍लैंड पर शानदार जीत  दर्ज की। अब तीसरे मुकाबले से पहले भारत को साउथम्‍पटन में हैम्‍पशायर के खिलाफ एक प्रैक्टिस मैच खेलना था। 35 साल के केविन जेम्‍स (Kevan James) ने आज ही के दिन यानी एक जुलाई 1996 को भारत के खिलाफ फर्स्‍ट क्‍लास मैच में लगातार चार विकेट लिए। इतना ही नहीं उन्‍होंने बल्‍लेबाजी के दौरान शतक भी जड़ा।

आज भी बरकरार है ये रिकॉर्ड

क्रिकेट के इतिहास में वो ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी बने। यह एक ऐसा रिकॉर्ड है जो आज तक भी नहीं टूट पाया है। साल 2009 में इंग्‍लैंड के ही ग्राहम नेपर (Graham Napier) ने एसेक्‍स काउंटी टीम की तरफ से खेलते हुए एक मैच में लगातार चार विकेट चटकाए थे, लेकिन वो शतक जड़ने से पांच रन से चूक गए थे।

चटकाए तेदुलकर-द्रविड़ के विकेट

मैच की पहली दोपहर तक भारत का स्‍कोर 192/0 था। जडेजा आउट हुए तो गांगुली बल्‍लेबाजी के लिए आए। केविन जेम्‍स ने पहले दूसरे सलामी बल्‍लेबाज विक्रम राठौड़ को आउट किया। अगली ही गेंद पर नए बल्‍लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को भी उन्‍होंने चलता किया।

गेंद तेंदुलकर के बल्‍ले का एज लेकर पैड पर लगने के बाद सीधे फील्‍डर के हाथों में गई। जेम्‍स ने इसके बाद नए बल्‍लेबाज राहुल द्रविड़ को विकेट के सामने फंसाते हुए उन्‍हें एलबीडब्‍ल्‍यू आउट किया। अगली ही गेंद पर नए बल्‍लेबाज  संजेय मांजरेकर भी कैच आउट हुए।

गांगुली ने जड़ा शतक

इस मैच में भी सौरव गांगुली का जलवा चला। उन्‍होंने  (100*) नाबाद शतकीय पारी खेली। केविन जेम्‍स ने बल्‍लेबाजी के दौरान 103 रन बनाए। मैच ड्रॉ पर खत्‍म हुआ।