on this day in 2011 virender sehwag smashed double hundred in odi cricket he became 2nd man to do so
वीरेंद्र सहवाग @ICC Twitter

This Day Thay Year: टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक ओपनिंग बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग (Virender Sehwag) ने 9 साल पहले आज ही दिन (8 दिसंबर 2011) वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे क्रिकेट में अपना दोहरा शतक जमाया था. सहवाग ने वनडे का अपना यह सर्वोच्च स्कोर इंदौर के होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में बनाया था. उन्होंने यहां 219 रन की उम्दा पारी खेली थी और तब वह वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बने थे. वीरू से पहले उनके आदर्श सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) यह कारनामा अपना नाम कर चुके थे.

वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे इस मैच में सहवाग टीम इंडिया की कप्तानी भी कर रहे थे. उन्होंने यहां टॉस जीतकर पहले बैटिंग का निर्णय लिया था और अपने साथी ओपनर गौतम गंभीर के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 176 रन जोड़े. गंभीर (67) आउट हो गए लेकिन सहवाग क्रीज पर डटे रहे और उन्होंने 47वें ओवर में आउट होने से पहले 149 गेंदों में 219 रन की पारी विशाल पारी खेली. अपनी इस पारी में वीरू 208 मिनट तक क्रीज पर डटे रहे और उन्होंने इस दौरान 25 चौके और 7 छक्कों से अपनी इस पारी को सजाया.

सहवाग का यह स्कोर उस वक्त एक पारी में किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था. 3 साल तक उनका यह रिकॉर्ड कायम रहा, जिसे बाद में कोलकाता के ईडन गार्डेंस के मैदान पर भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने श्रीलंका के खिलाफ 264 रन की पारी खेलकर तोड़ा था.

सहवाग की इस पारी की बदौलत टीम इंडिया ने यहां 50 ओवरों में 418 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था. वनडे क्रिकेट में यह भारत का आज भी सबसे बड़ा टोटल है. वर्ल्ड क्रिकेट की अगर बात करें तो वनडे क्रिकेट की एक पारी में यह 8वां सबसे बड़ा स्कोर है. भारत ने यहां 153 रन के विशाल अंतर से जीत दर्ज की थी. सहवाग को उनकी शानदार पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया था.

वनडे क्रिकेट में कुल दोहरे शतकों की अगर बात करें तो अभी तक 8 बार ही यह कारनामा हो पाया है. दुनिया के 6 ही बल्लेबाज दोहरा शतक जड़ने में कामयाब हुए हैं, लेकिन भारत के रोहित शर्मा सर्वाधिक 3 बार यह कारनामा कर चुके हैं, जबकि सचिन तेंदुलकर (IND), वीरेंद्र सहवाग (IND), क्रिस गेल (WI), मार्टिन गप्टिल (NZ), फकर जमां (PAK) अपने करियर में 1-1 बार ही यह काम कर पाए.