विजय हजारे की कप्तानी में 1952 में बना था शर्मनाक रिकॉर्ड आज भी अटूट
1952 में आज ही के दिन बना था शर्मानाक रिकॉर्ड। 66 साल बाद भी इतना बुरा प्रदर्शन कोई नहीं कर पाया।
Published On Jun 07, 2018, 03:27 PM IST
Last UpdatedJun 07, 2018, 03:27 PM IST
Vijay Hazare (File Photo) © Getty Images
भारतीय टीम अगले महीने इंग्लैंड दौरे पर जा रही है, जहां उन्हें पहले तीन वनडे और तीन टी-20 मैच खेलने हैं। जिसके बाद अगस्त के महीने में भार का असली इम्तिहान होगा। विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम को इंग्लैंड के साथ उन्हीं के देश में पांच टेस्ट मैच खेलने हैं। कोहली जून के महीने में इंग्लैंड जाकर काउंटी क्रिकेट खेलना चाहते थे ताकि वो टेस्ट सीरीज के लिए खुद को इंग्लैंड की पिचों के माहौल में ढाल लें, लेकिन आईपीएल 2018 के दौरान लगी चोट के कारण ऐसा नहीं हो सका।
शून्य के स्कोर पर आउट हुए चार बल्लेबाज
साल 1952 में आज से 66 साल पहले भारतीय टीम कप्तान विजय हजारे के नेतृत्व में चार मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने के लिए इंग्लैंड गई थी। पहला मुकाबला लीड्स में खेला गया। भारतीय टीम ने विजय मांजरेकर के 270 गेंद पर 133 रनों की पारी की मदद से पहली पारी में 293 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की टीम ने अपनी पहली पारी में 334 रन बनाकर 41 रन की बढ़त बना ली। भारतीय टीम की दूसरी इनिंग में जो हुआ वो आज भी इतिहास है। साल 1952 में सात जून को इस मैच में टेस्ट डेब्यू करने वाले युवा गेंदबाज फ्रेड ट्रूमैन ने जो कर दिखाया वो आज तक कोई और गेंदबाज नहीं कर पाया है। शून्य के स्कोर पर भारत के पहले चार विकेट आउट कर दिए, जिसमें से तीन विकेट फ्रेड ट्रूमैन ने निकाले।
इस तरह गिरे विकेट
सबसे पहले सलामी बल्लेबाज पंकज रॉय को बिना खाता खोले ट्रूमैन ने आउट किया। जिसके बार सर एलेक बेडसे ने भारत के दूसरे सलामी बल्लेबाज दत्ता गायकवाड़ भी डक पर पवेलियन भेज दिया। तीसरे विकेट के रूप में भारत ने माधव कृषणजी मंत्री का विकेट गंवाया। इन्हें भी ट्रूमैन ने आउट किया। चौथे विकेट के रूप में पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए विजय मांजरेकर का विकेट भारत ने शून्य के स्कोर पर खोया। इन्हें भी ट्रूमैन ने ही आउट किया। इस तरह शून्य के स्कोर पर भारत ने अपने चार विकेट गंवाए। भारत की पारी 165 रन पर ही सिमट गई। इंग्लैंड ने महज तीन विकेट खोकर 89 रन बनाए और इस मैच को अपने नाम कर लिया। चार मैचों की ये सीरीज भारत 0-3 से हारा। एक मैच का कोई नतीजा नहीं निकला।
इसी साल भारत ने जीता था पहला टेस्ट मैच
यू तो भारतीय टीम साल 1932 में टेस्ट क्रिकेट खेल रही थी, लेकिन उसे अपनी पहली जीत 1952 में जाकर नसीब हुई। साल की शुरुआत में इंग्लैंड की टीम भारत आई। फरवरी 1952 में चेन्नई में इंग्लैंड को पारी और आठ रन से हराकर भारत ने क्रिकेट के इतिहास की पहली जीत दर्ज की। पांच मैचों की इस टेस्ट सीरीज में से तीन मैचों का कोई नतीजा नहीं आया। ये सीरीज 1-1 से ड्रा पर खत्म हुई।